देश के 21 राज्यों में हाई अलर्ट: पांच वेदर सिस्टम से दिल्ली से बंगाल तक मूसलाधार बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक साथ सक्रिय पांच वेदर सिस्टम के कारण 21 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अगले 24 घंटों के लिए गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। देशभर में मानसून के मिजाज में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जहां एक तरफ मूसलाधार बारिश का दौर है तो दूसरी तरफ मानसून की गतिविधियों में कुछ जगहों पर ठहराव देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले 24 घंटे कई क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ पांच वेदर सिस्टम सक्रिय हो गए हैं, जिसने उत्तर, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक तेज आंधी और भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की आशंका के बीच तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में उतरने से मना किया गया है। 21 राज्यों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक, 14 जुलाई को देश के कुल 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का प्रकोप दिख सकता है। कई संवेदनशील इलाकों में बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका भी जताई गई है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी, पूर्वी बांग्लादेश और मध्य पाकिस्तान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं, जो पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर देशव्यापी मौसम प्रणालियों को प्रभावित कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिम बिहार से लेकर मणिपुर तक फैली ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी भारत में देखा जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक सफर से बचने और बिजली कड़कने के दौरान खुले में न रहने की सलाह दी है। विभिन्न राज्यों में मानसून का व्यापक असर पहाड़ी राज्यों में जारी मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ रहा है और निचले क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण भारत के साथ-साथ पश्चिमी घाट के इलाकों में भी मानसून की नई लहर शुरू हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यद्यपि मानसून की धुरी सामान्य स्थिति के करीब है, फिर भी सक्रिय चक्रवाती प्रणालियाँ बारिश की तीव्रता को बढ़ा रही हैं। यह बारिश किसानों के लिए कहीं वरदान तो कहीं फसलों के लिए नुकसान का कारण बन सकती है, जिससे अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील बने रहेंगे। दिल्ली और एनसीआर में तूफानी हवाओं का अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 14 जुलाई के लिए भारी बारिश और धूलभरी आंधी का डबल अलर्ट जारी हुआ है। अनुमान है कि यहां हवा की रफ्तार 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तापमान के मामले में अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर पेड़ गिरने, ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है, इसलिए लोगों को जर्जर पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह है। उत्तर प्रदेश और बिहार की स्थिति उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, अयोध्या, कुशीनगर, देवरिया, गाजीपुर, भदोही, बांदा और श्रावस्ती जैसे जिलों में भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ चेतावनी दी गई है। लखनऊ में पारा अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। वहीं बिहार के गया, पटना, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, अररिया और भागलपुर में वज्रपात के खतरों के प्रति सतर्क किया गया है। पटना का तापमान अधिकतम 32 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में चक्रवात का प्रभाव झारखंड में 14 से 16 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का क्रम जारी रहेगा, विशेष रूप से रांची, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिंहभूम, साहेबगंज और सरायकेला में। यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी और रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री रहेगा। पश्चिम बंगाल में चक्रवाती सर्कुलेशन का सबसे ज्यादा असर कोलकाता, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, बांकुड़ा और अलीपुरद्वार पर होगा, जहां 55-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और स्थानीय बाढ़ आने का खतरा है। राजस्थान में फिलहाल मानसून की सक्रियता कम है, हालांकि अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, उदयपुर, नागौर, टोंक, शाहपुरा, फलोदी और जैसलमेर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश के आसार हैं। इसका आप पर असर भारत में: देश के 21 राज्यों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उड़ानों और ट्रेनों में देरी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर में: स्थानीय निवासियों को जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति देख लेनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. कौन से राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है? मौसम विभाग ने देश के 21 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल प्रमुख रूप से शामिल हैं। 2. अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा? अगले 24 से 72 घंटों तक देश के बड़े हिस्सों में चक्रवाती सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण भारी बारिश और 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 3. क्या दिल्ली में तेज आंधी आने की संभावना है? हाँ, दिल्ली और एनसीआर में 14 जुलाई को 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। 4. पहाड़ी इलाकों में रहने वालों के लिए क्या सलाह है? पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा है, इसलिए लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। https://trendkia.com/national/desha-ke-21-rajyon-men-hai-alarta-pancha-vedara-sistama-se-delhi-se-bengal-taka-musaladhara-barisha-7507 TrendKia — Har trend, sabse pehle.