धान की रोपाई के बाद खरपतवार नियंत्रण की सही विधि और बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत धान की रोपाई के 15 से 30 दिनों में सही दवा का प्रयोग करके खरपतवार से 30 से 50 प्रतिशत तक होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। धान की खेती के दौरान अवांछित खरपतवार का उगना किसानों के लिए एक गंभीर चुनौती बना रहता है। यह जंगली घास मुख्य फसल के आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेती है, जिससे पौधे कमजोर पड़ जाते हैं। यदि शुरुआती चरण में इन पर काबू न पाया जाए, तो धान के कुल उत्पादन में 30 से 50 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे कृषि से जुड़े परिवारों को भारी वित्तीय क्षति का सामना करना पड़ता है। धान की रोपाई के बाद शुरुआती दिनों में खरपतवार प्रबंधन किसान सलाहकार चंद्रभूषण पांडे का कहना है कि धान की रोपाई संपन्न होने के बाद शुरुआती 15 से 30 दिनों की अवधि फसल सुरक्षा की दृष्टि से बेहद नाजुक होती है। इस समय की गई छोटी सी लापरवाही भी पूरे उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए रोपाई के 2 से 3 दिनों के भीतर ही रासायनिक खरपतवारनाशक का छिड़काव कर देना चाहिए। प्रारंभिक रोकथाम के लिए प्रेटिलाक्लोर 50% ईसी की 500 मिलीलीटर मात्रा अथवा ब्यूटाक्लोर 50% ईसी की 1 से 1.5 लीटर मात्रा का छिड़काव प्रति एकड़ खेत के हिसाब से करना लाभदायक रहता है। सही समय पर यह कदम उठाने से खरपतवार के बीजों को अंकुरित होने से रोका जा सकता है। देर से छिड़काव के लिए असरदार दवा और कृषि वैज्ञानिकों की राय यदि किसान किसी कारणवश रोपाई के तुरंत बाद दवा का छिड़काव नहीं कर पाते हैं, तो रोपाई के 20 से 25 दिन बीत जाने पर बिस्पायरीबैक सोडियम 10% एससी का उपयोग सबसे कारगर विकल्प बनता है। इसके लिए 80 मिलीलीटर बिस्पायरीबैक सोडियम को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ खेत में छिड़कना चाहिए। यह मिश्रण सवां, मोथा और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को प्रभावी ढंग से नष्ट करता है। कृषि वैज्ञानिक शैलेंद्र गौतम के मुताबिक खरपतवार न केवल मिट्टी के पोषक तत्वों को नष्ट करते हैं, बल्कि फसल में हानिकारक कीटों और बीमारियों के फैलाव को भी न्योता देते हैं। इससे धान के दानों की गुणवत्ता घटती है और पैदावार कम होती है। इसलिए सही समय पर उचित मात्रा का चयन आवश्यक है। इसके अलावा विशेषज्ञों की सलाह है कि रासायनिक नियंत्रण के साथ-साथ पारंपरिक तरीके भी अपनाएं, जिसके तहत रोपाई के 20 और 40 दिन बाद हाथों से निराई-गुड़ाई जरूर करें। सवा दो एकड़ में मिश्रित खेती से किसान ललित की शानदार कमाई खेती में नवाचार का उदाहरण पेश करते हुए किसान ललित ने अपनी सवा दो एकड़ जमीन पर मिश्रित खेती का आधुनिक मॉडल स्थापित किया है। पारंपरिक कृषि पद्धतियों के बजाय विविध फसलों का चुनाव करके वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर रहे हैं। ललित ने अपने खेत में कई किस्म के फलदार वृक्ष रोपे हैं। उनके पास नाशपाती के लगभग 250 से 300 पौधे मौजूद हैं, जिन्हें चार साल पहले लगाया गया था और अगले वर्ष से इनमें फल आने की संभावना है। इसके साथ ही उन्होंने 20 से 25 अमरूद, 10 से 12 आम और करीब 10 शहतूत के पौधे भी लगाए हैं। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे और सियासी समीकरण राजनीतिक घटनाक्रम के अंतर्गत बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि जनसुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उन्हें चुनौती दी थी। कुल 32 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर को 63,946 वोट हासिल हुए और नीरज कुमार को 44,700 वोट मिले। इस परिणाम के साथ प्रशांत किशोर ने चुनाव में सफलता दर्ज की और बीजेपी को अपनी यह सीट लगभग 19,000 वोटों के अंतर से गंवानी पड़ी। इसका आप पर असर भारत में: धान किसानों के लिए रोपाई के शुरुआती 30 दिनों में सही खरपतवारनाशक का उपयोग फसल की पैदावार को 30 से 50 प्रतिशत तक घटने से बचा सकता है। बांकीपुर में: उपचुनाव के परिणाम से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सवाल-जवाब 1. धान में खरपतवार से कितना नुकसान हो सकता है? खरपतवार पर समय रहते नियंत्रण न करने पर धान की पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। 2. धान की रोपाई के तुरंत बाद कौन सी दवा का छिड़काव करना चाहिए? रोपाई के 2 से 3 दिनों के भीतर प्रेटिलाक्लोर 50% ईसी की 500 मिलीलीटर या ब्यूटाक्लोर 50% ईसी की 1 से 1.5 लीटर मात्रा प्रति एकड़ छिड़कनी चाहिए। 3. यदि शुरुआती दिनों में छिड़काव न हो पाए तो क्या विकल्प है? रोपाई के 20 से 25 दिन बाद 80 मिलीलीटर बिस्पायरीबैक सोडियम 10% एससी को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करना चाहिए। 4. किसान ललित ने अपनी जमीन पर क्या लगाया है? ललित ने सवा दो एकड़ जमीन पर नाशपाती के 250 से 300, अमरूद के 20 से 25, आम के 10 से 12 और शहतूत के लगभग 10 पौधे लगाए हैं। 5. बांकीपुर उपचुनाव में किसे कितने वोट मिले? 32 राउंड की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 63,946 वोट और नीरज कुमार को 44,700 वोट मिले। प्रेरणा और सबक मिश्रित खेती से सफलता के मुख्य सबक: • विविधीकरण अपनाएं: केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे लगाकर आय के नए स्रोत बनाएं। • दीर्घकालिक योजना: चार साल पहले लगाए गए नाशपाती के पौधों की तरह भविष्य की उपज के लिए धैर्यपूर्वक तैयारी करें। • आधुनिक कृषि मॉडल: पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक और मिश्रित खेती का रुख करें। https://trendkia.com/national/dhana-ki-ropai-ke-bada-kharapatavara-niyntrana-ki-sahi-vidhi-aura-bankipur-upachunava-men-prashant-kishor-ki-jita-14317 TrendKia — Har trend, sabse pehle.