धराली आपदा में दुपट्टे की राखी बांधने वाली बहन ने अहमदाबाद से सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजा खास संदेश उत्तराखंड के धराली में आई आपदा के समय दुपट्टे का टुकड़ा बांधकर सीएम पुष्कर सिंह धामी को भाई बनाने वाली अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने इस बार डाक से स्पेशल राखी और भावुक पत्र भेजा है। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान शुरू हुआ एक अनूठा रिश्ता आज भी उतनी ही आत्मीयता से निभाया जा रहा है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान संकट में फंसी गुजरात के अहमदाबाद निवासी धनगौरी बरोलिया ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को डाक के माध्यम से एक विशेष राखी और भावुक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने धराली की उस मुश्किल घड़ी को याद किया है जब दोनों की पहली बार मुलाकात हुई थी। उस समय रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर कोई रक्षासूत्र उपलब्ध न होने पर धनगौरी ने अपने दुपट्टे का एक टुकड़ा फाड़कर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया था। मुश्किल वक्त में बना था भाई-बहन का अटूट बंधन धराली में आई आपदा के दौरान भारी तबाही मची थी और कई श्रद्धालु व नागरिक वहां फंस गए थे। आपदा राहत कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फंसे हुए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। उसी दौरान धनगौरी बरोलिया की भी मुख्यमंत्री से भेंट हुई। रक्षाबंधन का समय होने के कारण मुख्यमंत्री ने उनसे सहज भाव से पूछा था कि यदि उनके पास राखी हो तो वह उन्हें बांध सकती हैं। अचानक बनी उस परिस्थिति में राखी न होने पर धनगौरी ने बिना संकोच अपने दुपट्टे का वस्त्र-खंड फाड़कर उसे ही रक्षासूत्र मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर सजा दिया था। उसी क्षण से धनगौरी बरोलिया ने पुष्कर सिंह धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि धराली का वह पल उनके जीवन के सबसे स्मरणीय और अनमोल क्षणों में से एक है। उन्होंने संकट के समय मुख्यमंत्री द्वारा दिखाए गए ढांढस, संबल और प्रशासनिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके उस व्यवहार ने लोगों के मन में आशा और विश्वास जगाया था। पत्र में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख अहमदाबाद से भेजे गए अपने पत्र में धनगौरी बरोलिया ने भारतीय पौराणिक कथाओं के ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि जिस प्रकार संकट की घड़ी में भगवान श्रीकृष्ण द्रौपदी की सहायता के लिए तत्पर रहते थे, उसी प्रकार धराली आपदा के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी फंसे हुए असहाय लोगों के लिए एक सच्चे संरक्षक बनकर खड़े रहे। उन्होंने पत्र में लिखा कि यद्यपि इस बार वह अहमदाबाद में उपस्थित हैं, लेकिन रक्षाबंधन का अवसर आते ही अपने धर्म भाई को रक्षासूत्र भेजने की परंपरा को वह कैसे भूल सकती थीं। पत्र के समापन में धनगौरी ने मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पुष्कर सिंह धामी इसी प्रकार समर्पण भाव से उत्तराखंड राज्य और उसकी जनता की निरंतर सेवा करते रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भावुक प्रतिक्रिया बहन धनगौरी बरोलिया से प्राप्त इस राखी और पत्र से अभिभूत होकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे अपने आधिकारिक एक्स खाते पर साझा किया। पत्र की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि कुछ रिश्ते केवल रक्त संबंधों से नहीं बंधे होते, बल्कि वे संवेदनाओं और भावनाओं के एक सूक्ष्म धागे से निर्मित होते हैं और जीवनभर हृदय से जुड़े रहते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बहन धनगौरी द्वारा भेजा गया यह स्नेह उनके लिए सदैव अमूल्य रहेगा। उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर बल दिया कि आपदा की उस कठिन घड़ी में भी वे साथ थे, आज भी भावनात्मक रूप से साथ हैं और यह पावन रिश्ता सदैव इसी आत्मीयता के साथ कायम रहेगा। इसका आप पर असर यह खबर समाज में मानवीय संवेदनाओं, संकट प्रबंधन और आपदा के समय नेतृत्व की भूमिका के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। • उत्तराखंड में: आपदा पीड़ितों के लिए ढांढस: प्रशासनिक सहायता के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित नागरिकों का मनोबल बढ़ता है। इससे दूरदराज के आपदा क्षेत्रों में राहत कार्यों के प्रति भरोसा मजबूत होता है। • भारत भर में: त्योहारों की सामाजिक उपयोगिता: रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक पर्व संकट के समय बने मानवीय संबंधों को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। इससे समाज में सौहार्द और परस्पर सहयोग का संदेश जाता है। • नागरिकों के लिए: आपदा सतर्कता और संवाद: सरकारी तंत्र और जनता के बीच सीधा संवाद आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करता है। संकट में फंसे लोग निर्भीक होकर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। • सार्वजनिक जीवन में: सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्व: जनप्रतिनिधियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता शासन प्रणाली में आम जनता के विश्वास को गहरा करती है। सवाल-जवाब 1. अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को क्या भेजा है? धनगौरी बरोलिया ने रक्षाबंधन के अवसर पर डाक द्वारा एक विशेष राखी और भावुक पत्र भेजा है। 2. सीएम धामी और धनगौरी बरोलिया की पहली मुलाकात कहां हुई थी? उनकी पहली मुलाकात उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई आपदा के दौरान राहत कार्यों के निरीक्षण के समय हुई थी। 3. आपदा के दौरान धनगौरी ने राखी के रूप में क्या बांधा था? उस समय राखी उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने अपने दुपट्टे का एक टुकड़ा फाड़कर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधा था। 4. पत्र में किस पौराणिक प्रसंग का उल्लेख किया गया है? पत्र में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए सीएम धामी की संवेदनशीलता की तुलना की गई है। 5. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी? सीएम धामी ने पत्र को एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि भावनाओं के धागे से बने ऐसे रिश्ते सदैव अनमोल और अटूट रहते हैं। प्रेरणा और सबक धराली आपदा के दौरान बनी यह अनूठी मिसाल विपत्ति के क्षणों में मानवीय संवेदनशीलता और निस्वार्थ संबंधों के महत्व को रेखांकित करती है। • विपत्ति में सकारात्मकता खोजना: कठिन से कठिन परिस्थिति में भी आशा और आत्मीयता का मार्ग चुना जा सकता है। • संसाधनों से परे भावना का महत्व: रक्षासूत्र न होने पर दुपट्टे का टुकड़ा भी रक्षाबंधन के पवित्र भाव को व्यक्त करने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। • कृतज्ञता की निरंतरता: समय बीत जाने के बाद भी संकट काल में मिले संबल और सहयोग को याद रखना और सम्मान देना सच्चे रिश्तों की पहचान है। • सीमाओं से परे सामाजिक एकता: गुजरात और उत्तराखंड के बीच बना यह रिश्ता दर्शाता है कि संवेदनाएं भौगोलिक सीमाओं से परे होती हैं। https://trendkia.com/national/dharali-apada-men-dupatte-ki-rakhi-bandhane-vali-bahana-ne-ahmedabad-se-siema-pushkar-singh-dhami-ko-bheja-khasa-sndesha-26561 TrendKia — Har trend, sabse pehle.