दिल्‍ली-एनसीआर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कों से लेकर उड़ानों तक पर ब्रेक दिल्‍ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश के चलते मंगलवार को भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के साथ ही उड़ानों और रेल यातायात पर भी इसका बुरा असर देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहा, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। 25 अगस्त 2026 की सुबह हुई भारी मानसूनी बारिश ने सड़कों से लेकर विमानों की रफ्तार तक पर ब्रेक लगा दिया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के रास्ते से लेकर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें रेंगती नजर आईं। इससे पहले सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-गाजियाबाद और दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिससे उबरने में लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सड़क यातायात के साथ-साथ इसका असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा, जहां आईजीआई एयरपोर्ट पर कम से कम 15 उड़ानें खराब मौसम से प्रभावित हुईं। द्वारका में पेड़ गिरने और आजाद Market अंडरपास में जलभराव की आशंका मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव और पेड़ उखड़ने की घटनाओं ने आवाजाही को और मुश्किल बना दिया। द्वारका के मेन रोड नंबर-201 पर भारी बारिश के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर आ गिरा, जिससे नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) से 3/13 रेड लाइट की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए वाहन चालकों को इस हिस्से से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। द्वारका ट्रैफिक सर्किल के निर्देशानुसार, मौके पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया ताकि यातायात को सुचारू रखा जा सके। वहीं दूसरी ओर, आजाद मार्केट रेलवे अंडरपास में संभावित जलभराव को देखते हुए पुलिस ने चालकों को पहले ही सतर्क कर दिया है। पानी भरने की स्थिति में यातायात को शास्त्री नगर और केडी चौक से स्वामी नारायण मार्ग, कमल टी-प्वाइंट, न्यू रोहतक रोड तथा रानी झांसी रोड के जरिए डायवर्ट करने की योजना बनाई गई है। इसी तरह किशनगंज वाई-प्वाइंट से ओल्ड रोहतक रोड होते हुए वैकल्पिक रास्तों का सुझाव दिया गया है ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। अंड्रयूज गंज और मूलचंद फ्लाईओवर के बीच पलटा ट्रक रिंग रोड पर भी मौसम की मार का असर साफ दिखाई दिया, जहां अंड्रयूज गंज और मूलचंद फ्लाईओवर के बीच एक भारी ट्रक पलट गया। इस दुर्घटना के कारण इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी धीमी हो गई और लंबा जाम लग गया। यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए यात्रियों को घर से निकलते वक्त अतिरिक्त समय लेकर चलने की हिदायत दी। बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरना, पेड़ों का गिरना और गाड़ियों का खराब होना आम जनजीवन के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी के कुछ हिस्सों में करीब 67 मिलीमीटर तक की भारी बारिश दर्ज की गई, जिसने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। लुटियंस दिल्ली, मथुरा रोड, कनॉट प्लेस, भैरों मार्ग, आईटीओ और जखीरा अंडरपास जैसे अति-व्यस्त इलाके पानी में डूब गए। सदर बाजार के बाजारों में दुकानों के अंदर तक पानी घुस गया, जबकि महरौली-महिपालपुर फ्लाईओवर के आसपास गंभीर जलभराव की स्थिति बनी रही। संगम विहार और सोनिया विहार में हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर घुटनों से ऊपर पानी भर गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में संगम विहार के छात्र कमर तक भरे पानी के बीच से गुजरते हुए साफ दिखाई दिए। इसके अलावा दुर्गा विहार, रेल विहार, सुभाष चौक, वाटिका चौक, जनकपुरी और रोहिणी के भी कई हिस्से जलमग्न हो गए। जनकपुरी में सबसे अधिक बारिश और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जनकपुरी में सबसे ज्यादा 67 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि छतरपुर में 57 मिलीमीटर, पीतमपुरा में 35 मिलीमीटर और सफदरजंग में 29 मिलीमीटर पानी बरसा। अत्यधिक बारिश के चलते सराय काले खां, मथुरा रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे पर वाहनों के पहिए थम गए। जखीरा अंडरपास और शिवाजी स्टेडियम के इर्द-गिर्द पानी भरने से दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया था। दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण लोग घंटों जाम में फंसे रहे। एनसीआर के अन्य शहरों का हाल दिल्ली से सटे पड़ोसी राज्यों में भी भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई। हरियाणा के विभिन्न इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे गुरुग्राम के दिल्ली-जयपुर हाईवे और एनएच-48 पर वाहनों की रफ्तार थम गई और वे रेंगते हुए नजर आए। सिकंदरपुर घोसी, नोएडा और फरीदाबाद के कई निचले हिस्सों में भी पानी भरने से रास्ते बंद हो गए। उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी खराब मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। गाजियाबाद में प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में पानी भरने से भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान एक जलमग्न सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बचने की कोशिश में एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से निकलें और यात्रा करते समय ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। इसका आप पर असर भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों में भारी मानसूनी बारिश और जलभराव के दौरान यात्रा करते समय सड़कों पर गड्ढों और यातायात डायवर्जन को लेकर विशेष सावधानी बरतें। दिल्‍ली-एनसीआर में: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर जांच लें और कार्यालय जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। सवाल-जवाब 1. दिल्‍ली-एनसीआर में ट्रैफिक की समस्या क्यों पैदा हुई? 25 अगस्त 2026 को हुई भारी मूसलाधार बारिश और जलभराव के कारण दिल्‍ली-एनसीआर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। 2. किस इलाके में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई? मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनकपुरी में सबसे अधिक 67 मिमी बारिश दर्ज की गई। 3. द्वारका में ट्रैफिक क्यों प्रभावित हुआ? द्वारका के मेन रोड नंबर-201 पर भारी बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया था, जिससे यातायात बाधित हुआ। 4. किन उड़ानों पर खराब मौसम का असर पड़ा? खराब मौसम और भारी बारिश के कारण इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कम से कम 15 उड़ानें प्रभावित हुईं। https://trendkia.com/national/dil-li-ncr-men-bhari-barisha-se-janajivana-asta-vyasta-sarakon-se-lekara-uranon-taka-para-breka-21603 TrendKia — Har trend, sabse pehle.