# दीवाली और छठ पूजा की भीड़ देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के छह प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट जारी करने पर लगी अस्थायी रोक

> त्योहारी सीजन में रेलवे परिसरों में अनियंत्रित भीड़ रोकने के लिए 14 नवंबर 2026 तक छह प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे, जबकि चार स्टेशनों पर पार्सल संचालन पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/divali-aura-chhatha-puja-ki-bhira-dekhate-hue-ncr-ke-chhaha-pramukha-steshanon-para-pletaphorma-tikata-jari-karane-para-lagi-astha-56050 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय रेलवे, प्लेटफॉर्म टिकट, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, उत्तर रेलवे, दीवाली, छठ पूजा, ट्रेन यात्रा

त्योहारी सीजन के दौरान अपने पैतृक घर लौटने वाले मुसाफिरों की भारी तादाद को संभालने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के मकसद से रेल प्रशासन ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कड़े कदम उठाए हैं। दीवाली और छठ महापर्व के मौके पर ट्रेनों में सफर करने वालों की भारी आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दिल्ली तथा नजदीकी गाजियाबाद के छह व्यस्त रेलवे परिसरों में प्लेटफॉर्म टिकटों का वितरण अस्थायी तौर पर बंद रखने का निर्णय किया गया है। यह विशेष व्यवस्था 14 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे प्लेटफार्मों पर अनावश्यक लोगों का प्रवेश रोका जा सके। इसके साथ ही परिचालन सुगम बनाने के लिए चार प्रमुख रेलवे टर्मिनलों पर पार्सल बुकिंग, लोडिंग तथा अनलोडिंग के कार्यों पर भी समयबद्ध रोक लगाई गई है।

## किन स्टेशनों पर बंद रहेगा प्लेटफॉर्म टिकटों का वितरण
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने जानकारी दी है कि 3 नवंबर से लेकर 14 नवंबर 2026 के बीच छह चिन्हित स्टेशनों पर गैर-यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। इस सूची में देश के सबसे व्यस्त परिसरों में शुमार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली जंक्शन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट पर भी यह पाबंदी समान रूप से लागू की गई है। पर्व-त्योहारों के वक्त स्टेशन परिसर में गैर-सफर करने वाले लोगों की आमद बहुत बढ़ जाती है, जिससे आरक्षित टिकट धारक यात्रियों को बोगियों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इस निर्णय से प्लेटफार्मों पर बेवजह का जमावड़ा कम होने की उम्मीद है।

## सहायता की दरकार वाले मुसाफिरों के परिजनों को विशेष छूट
नियमों को सख्त बनाते हुए भी प्रशासन ने मानवीय पहलुओं और यात्रियों की वास्तविक जरूरतों का पूरा ख्याल रखा है। प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री भले ही आम लोगों के लिए रोक दी गई हो, लेकिन विशेष श्रेणी के यात्रियों को अकेलेपन या असुविधा से बचाने के लिए परिजनों को साथ जाने की छूट दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों, अस्वस्थ व्यक्तियों, दिव्यांगजनों और निरक्षर यात्रियों को ट्रेन तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए आने वाले तीमारदारों को परिस्थिति के आधार पर स्टेशन में दाखिल होने दिया जाएगा। इसके साथ ही जिन अकेली महिला यात्रियों को बच्चों या भारी सामान के चलते मदद की आवश्यकता होगी, उनके साथ आए सहायकों को भी प्लेटफॉर्म पर जाने की इजाजत मिलेगी। इससे जरूरतमंद यात्रियों की यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेगी।

## चार बड़े केंद्रों पर पार्सल और माल ढुलाई सेवाओं पर अंकुश
प्लेटफॉर्मों पर मुसाफिरों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने पार्सल व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए हैं। नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली जंक्शन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर व्यावसायिक पार्सल बुक करने के साथ-साथ पैकेटों को उतारने और चढ़ाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि इन चारों केंद्रों पर पार्सल पाबंदियों की समय-सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है। प्लेटफॉर्मों पर सामान के बड़े बंडलों का अंबार न लगे और आपात स्थिति में पैदल चलने का रास्ता खुला रहे, इसी रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है।

## कोच में केवल निजी लगेज ले जाने की अनुमति
लागू दिशा-निर्देशों के तहत यात्रा करने वाले व्यक्तियों को यात्री डिब्बों में सिर्फ अपना व्यक्तिगत सामान ले जाने की इजाजत दी गई है। किसी भी तरह की व्यावसायिक सामग्री बोगियों में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि सूचना वितरण से जुड़े पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग को इस पाबंदी से अलग रखा गया है, बशर्ते वे सुरक्षा के सभी तय मानकों को पूरा करते हों। रेलवे की यह पूरी कवायद छठ और दीवाली के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्टेशन परिसर में भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए की गई है। सफर पर निकलने वाले तमाम नागरिकों को स्टेशन पहुंचने से पहले इन दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

## इसका आप पर असर
त्योहारों पर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों और उन्हें स्टेशन छोड़ने आने वाले परिजनों के लिए यह नया नियम सीधा असर डालेगा।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** दूसरे राज्यों से दिल्ली आने या त्योहार पर घर लौटने वाले मुसाफिरों को प्लेटफॉर्म पर गैर-यात्रियों की भीड़ कम मिलने से कोच में चढ़ने-उतरने में आसानी होगी। अनावश्यक लोगों के प्रवेश पर रोक से सुरक्षा निगरानी बेहतर रहेगी और सामान गुम होने या भगदड़ का जोखिम घटेगा।
- **दिल्ली-एनसीआर में:** नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुद्दीन, आनंद विहार और गाजियाबाद जाने वाले आम परिजन 14 नवंबर 2026 तक प्लेटफॉर्म टिकट नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें स्टेशन के बाहर से ही अपने रिश्तेदारों को विदा करना होगा, इसलिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना समझदारी होगी।
- **सहायता चाहने वालों के लिए:** वरिष्ठ नागरिकों, बीमार लोगों, गर्भवती या अकेली महिलाओं और दिव्यांगों के मददगारों को प्रवेश की अनुमति पूर्ववत मिलती रहेगी। ऐसे परिजनों को सुरक्षा कर्मियों के पूछने पर यात्री की स्थिति स्पष्ट करनी होगी ताकि वे प्लेटफॉर्म तक जा सकें।
- **व्यापारियों और पार्सल प्रेषकों के लिए:** चिन्हित चार प्रमुख स्टेशनों से व्यावसायिक सामान भेजने वाले व्यापारियों को अपनी बुकिंग अन्य नजदीकी स्टेशनों पर स्थानांतरित करनी होगी। अखबारों और पत्रिकाओं को छोड़कर आम पार्सल लोडिंग तय समय सीमा तक पूरी तरह बाधित रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
दीवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

- **अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा चिंताएं:** त्योहारों के दिनों में प्रत्येक यात्री के साथ कई परिजन प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाते हैं, जिससे वास्तविक यात्रियों के चलने की जगह खत्म हो जाती है। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए किसी भी तरह की भगदड़ की आशंका टालने के लिए प्लेटफॉर्म टिकटों पर रोक लगाई गई है।
- **पार्सल बंडलों से प्लेटफॉर्म जाम होना:** नियमित दिनों में पार्सल बंडल प्लेटफॉर्मों पर रखे जाते हैं, जो भारी भीड़ के दौरान यात्रियों के आने-जाने में रुकावट पैदा करते हैं। पार्सल लोडिंग और अनलोडिंग रोकने से प्लेटफॉर्म का पूरा स्थान यात्रियों की निर्बाध आवाजाही के लिए खुला रहता है।
- **त्योहारी सीजन का नियमित सुरक्षा प्रोटोकॉल:** रेलवे हर साल छठ और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों पर भीड़ प्रबंधन के तहत इसी प्रकार के अस्थायी प्रतिबंध लागू करता है। पर्व समाप्त होने और यात्रियों की वापसी सामान्य होने के बाद 14 नवंबर के उपरांत ये सेवाएं पुनः सामान्य कर दी जाएंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली के किन रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे?
नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, आनंद विहार हॉल्ट और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट बंद किए गए हैं।

### 2. प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर यह रोक कब तक लागू रहेगी?
यह रोक 3 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

### 3. क्या बुजुर्ग या दिव्यांग यात्रियों को छोड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति है?
हां, बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग, निरक्षर और सहायता चाहने वाली महिला यात्रियों के सहायकों को आवश्यकतानुसार स्टेशन पर जाने की छूट दी गई है।

### 4. किन स्टेशनों पर पार्सल सेवाओं और माल लोडिंग पर प्रतिबंध लगाया गया है?
नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार टर्मिनल पर तय अवधि के लिए पार्सल बुकिंग व लोडिंग-अनलोडिंग रोकी गई है।

### 5. क्या प्रतिबंध के दौरान ट्रेन कोच में कोई भी सामान नहीं ले जाया जा सकता?
यात्री अपने साथ केवल निजी सामान ले जा सकते हैं, जबकि व्यावसायिक पार्सल पर रोक है और पंजीकृत अखबारों-पत्रिकाओं को विशेष अनुमति मिली है।

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