# फ्लाईदुबई के कॉकपिट में भारतीय पायलट पर चाकू से जानलेवा वार, एनआईए ने आतंक रोधी कानूनों में दर्ज किया केस

> दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के कॉकपिट में को-पायलट द्वारा कैप्टन स्मित मच्छार पर किए गए जानलेवा हमले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/flydubai-ke-kokapita-men-bharatiya-payalata-para-chaku-se-janaleva-vara-nia-ne-atnka-rodhi-kanunon-men-darja-kiya-kesa-45970 · **Language:** Hindi
**Tags:** एनआईए, फ्लाईदुबई, स्मित मच्छार, एंटी हाइजैकिंग एक्ट, यूएपीए, विमान सुरक्षा

दुबई से तेल अवीव की उड़ान पर निकले विमान के कॉकपिट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले की गहन जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) करेगी। शनिवार को जांच एजेंसी के अधिकारियों ने इस आधिकारिक कदम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए औपचारिक तौर पर केस दर्ज कर लिया गया है। आसमान में विमान परिचालन के दौरान साथी पायलट द्वारा किए गए इस हमले को बेहद संगीन माना गया है।

## आतंकवाद और अपहरण रोधी सख्त धाराओं में प्राथमिकी
जांच एजेंसी ने इस प्रकरण में सुरक्षा से जुड़े कठोर कानूनों का सहारा लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह प्राथमिकी एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 और अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 (यूएपीए) के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत पंजीकृत की गई है। 9 अक्टूबर को दर्ज की गई इस एफआईआर के आधार पर अब केंद्रीय एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल में जुट गई है।

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## कॉकपिट में हुआ खूनी संघर्ष और विमान हाइजैक की आशंका
एफआईआर के विवरण के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 30 सितंबर को उस समय घटी जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान कॉकपिट के भीतर मौजूद को-पायलट ने अचानक भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अधिकारियों का कहना है कि यह हमला ज़ाहिर तौर पर विमान को हाइजैक करने या उसे क्रैश कराने की सोची-समझी कोशिश के तहत अंजाम दिया गया था।

## इसका आप पर असर
हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तैनात क्रू सदस्यों की जांच को लेकर यह घटना बेहद गंभीर असर डालती है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों में सेवाएं दे रहे भारतीय पायलटों और क्रू की कार्यस्थल सुरक्षा पर ध्यान बढ़ेगा। इसके चलते विदेशी एयरलाइंस के साथ भारतीय जांच एजेंसियों का समन्वय और कड़ा किया जाएगा।
- **वैमानिक क्षेत्र में:** विमानों के कॉकपिट प्रोटोकॉल और को-पायलटों की बैकग्राउंड जांच को पहले से अधिक सख्त बनाया जाएगा। एयरलाइंस उड़ान से पूर्व सुरक्षा जांच और मानसिक मूल्यांकन के नियमों को कड़ा कर सकती हैं।
- **यात्रियों के लिए:** उड़ानों में पायलट स्तर पर सुरक्षा चूक रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की समीक्षा हो सकती है। हालांकि नियमित उड़ानों के संचालन समय पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।
- **कानूनी कार्रवाई में:** एनआईए द्वारा आतंकवाद निरोधक कानून लागू करने से संदिग्ध को-पायलट पर कड़ा अंतरराष्ट्रीय शिकंजा कसेगा। यह मामला सीमा पार विमान सुरक्षा जांच के लिए एक महत्वपूर्ण नज़ीर बनेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम फ्लाईदुबई की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा मुख्य पायलट पर अचानक किए गए घातक हमले के कारण सामने आया।

- **प्रत्यक्ष कारण:** 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस हमले का मुख्य मकसद कथित तौर पर विमान को हाइजैक करना या उसे हवा में ही क्रैश कराना था।
- **कानूनी कदम की पृष्ठभूमि:** भारतीय नागरिक और पायलट पर हुए इस संगीन हमले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े खतरे शामिल थे। इसी आधार पर एनआईए ने 9 अक्टूबर को आतंकवाद रोधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
- **आगामी प्रक्रिया:** केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस साजिश के पीछे की मंशा, सह-पायलट की पृष्ठभूमि और सुरक्षा चूक के कारणों की आधिकारिक जांच को आगे बढ़ाएगी।

## सवाल-जवाब

### 1. कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कब और कहां हुआ था?
यह हमला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुआ, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी।

### 2. हमला किसने किया और इसका कथित मकसद क्या था?
हमला विमान के को-पायलट ने चाकू से किया, जो ज़ाहिर तौर पर विमान को हाइजैक करने या क्रैश कराने की कोशिश थी।

### 3. एनआईए ने इस मामले में किन कानूनों के तहत केस दर्ज किया है?
एनआईए ने एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 और अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 के तहत मामला दर्ज किया है।

### 4. एनआईए ने औपचारिक प्राथमिकी कब दर्ज की?
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार यह प्राथमिकी 9 अक्टूबर को दर्ज की गई थी।

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