वीरता पुरस्कार विजेता सैनिकों और उनके परिवारों को भारतीय रेलवे में मिलेगी आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायु सेना पदक से सम्मानित जांबाज जवानों और उनके परिवारों के लिए भारतीय रेलवे में आजीवन मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जारी होने वाले पास से लाभार्थी एसी श्रेणियों में सफर कर सकेंगे। देश की सीमाओं और सुरक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सेना के जवानों और उनके निकटतम परिजनों को अब भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त सफर करने का अवसर दिया जाएगा। 1 नवंबर से प्रभावी हो रही इस विशेष कल्याणकारी पहल के तहत सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) पाने वाले सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिक पात्र होंगे। सरकार के इस कदम से न केवल शूरवीरों के योगदान को पहचान मिली है, बल्कि उनके आश्रितों के प्रति भी राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की गई है। किन लोगों को प्राप्त होगा मुफ्त रेल यात्रा का अधिकार? इस योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का अधिकार केवल पदक विजेता सैनिक तक सीमित नहीं रखा गया है। सैनिक के साथ-साथ उनकी पत्नी या पति भी आजीवन इस सुविधा का लाभ उठाने के हकदार होंगे। यदि किसी वीर सैनिक का निधन हो चुका है, तो उनकी विधवा या विधुर को यह सुविधा तब तक मिलती रहेगी जब तक कि वे पुनर्विवाह नहीं कर लेते। यदि पुनर्विवाह होता है, तो यह पात्रता समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय ने उन अविवाहित जवानों के परिवारों का भी विशेष ध्यान रखा है जिन्होंने कर्तव्य के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे मामले में, जहां अविवाहित सैनिक को मरणोपरांत वीरता पदक से नवाजा गया है, वहां उनके माता-पिता को इस सुविधा के लिए पात्र लाभार्थी माना जाएगा। यह व्यवस्था शहीदों के माता-पिता की गरिमा और उनकी देखभाल को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से बनाई गई है। रेलवे की इन प्रीमियम श्रेणियों में कर सकेंगे यात्रा पात्र लाभार्थियों को आरामदायक और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए भारतीय रेल की प्रमुख श्रेणियों में सीट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत लाभार्थी निम्नलिखित श्रेणियों में मुफ्त सफर कर सकेंगे • प्रथम श्रेणी (First Class): पारंपरिक प्रथम श्रेणी के डिब्बों में बिना शुल्क यात्रा। • द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी (AC 2-Tier): लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी द्वितीय श्रेणी कोच। • एसी चेयर कार (AC Chair Car): दिन के समय चलने वाली अंतर-शहर ट्रेनों में वातानुकूलित चेयर कार सीट। इन सभी श्रेणियों में यात्रा के दौरान लाभार्थियों को टिकट का कोई भुगतान नहीं करना होगा। पास के आधार पर ही उनकी बोगी में जगह आरक्षित की जाएगी। कागज रहित और पूरी तरह डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था प्रक्रिया को पारदर्शी और परेशानी मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रणाली को डिजिटल किया गया है। सैनिकों या उनके परिवारों को किसी भी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद संबंधित रक्षा विभागों द्वारा उनका सत्यापन और प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र व्यक्ति के नाम पर एक डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी कर दिया जाएगा। इस इलेक्ट्रॉनिक पास के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा 1 नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के IRCCP वेब पोर्टल के जरिए शुरू की जाएगी। इससे कागजी औपचारिकताओं और लंबी कतारों से पूरी तरह निजात मिलेगी। राष्ट्र निर्माण में बलिदान और सम्मान का संदेश रक्षा मामलों के विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम को सिर्फ एक आर्थिक छूट या यात्रा रियायत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह फैसला देश के उन नायकों के प्रति सर्वोच्च आदर भाव का प्रतीक है, जिन्होंने जान की परवाह न करते हुए सीमाओं की रक्षा की है। जब कोई जवान मोर्चे पर डटा होता है, तो उसका परिवार भी हर पल मानसिक तनाव और त्याग से गुजरता है। ऐसे में परिवारों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर यह सुविधा देना उनकी गरिमा को और बढ़ाता है। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि अपने वीर सपूतों को सुविधाएं देने में कोई लालफीताशाही या प्रशासनिक बाधा आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसका आप पर असर यह फैसला देश के उन सभी जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत और सम्मान लेकर आया है जिन्होंने सेना, नौसेना और वायु सेना में वीरता पदक हासिल किए हैं। • सैन्य परिवारों के लिए: वीरता पुरस्कार विजेता और उनके जीवनसाथी अब प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी चेयर कार में बिना किसी शुल्क के आजीवन यात्रा कर सकेंगे। इससे दूर-दराज रहने वाले सैन्य परिवारों के यात्रा खर्च में सीधी बचत होगी। • शहीद जवानों के माता-पिता के लिए: यदि कोई अविवाहित जवान मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित हुआ है, तो उनके माता-पिता को भी यह अधिकार मिलेगा। इससे बुजुर्ग माता-पिता को रेल यात्रा के दौरान वित्तीय और मानसिक संबल प्राप्त होगा। • पुनर्विवाह तक की व्यवस्था: विधवा या विधुर को यह लाभ तब तक मिलता रहेगा जब तक वे दूसरा विवाह नहीं कर लेते। इससे प्रभावित परिवारों की आर्थिक सुरक्षा बनी रहेगी। • डिजिटल प्रक्रिया: कागज रहित पंजीकरण पोर्टल के कारण लाभार्थियों को रेलवे काउंटरों पर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ई-पास प्राप्त कर आसानी से सीट आरक्षित की जा सकेगी। ऐसा क्यों हुआ रक्षा मंत्रालय ने वीरता पुरस्कार विजेताओं की दीर्घकालिक मांगों और उनके असाधारण राष्ट्र सेवा योगदान को ध्यान में रखते हुए इस कल्याणकारी योजना को मंजूरी दी है। • बलिदान और साहस का सम्मान: सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) पाने वाले जवानों ने विषम परिस्थितियों में असाधारण वीरता का परिचय दिया होता है, जिसके सम्मान स्वरूप यह आजीवन सुविधा शुरू की गई है। • परिवारों की सामाजिक सुरक्षा: युद्ध या सैन्य अभियानों के दौरान सैनिकों के परिवारों के त्याग को मान्यता देने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जीवनसाथी और माता-पिता को इसमें जोड़ा गया है। • पारदर्शी और सुगम वितरण: पहले की कागजी और जटिल प्रक्रियाओं में होने वाली असुविधा को खत्म करने के लिए सरकार ने भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल के जरिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल रूप दिया है। सवाल-जवाब 1. मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा किन वीरता पदकों के लिए लागू की गई है? यह सुविधा सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सभी जवानों के लिए लागू की गई है। 2. क्या सैनिक के अलावा उनके परिवार वाले भी मुफ्त यात्रा कर सकते हैं? हां, वीरता पुरस्कार विजेता सैनिक के साथ उनकी पत्नी या पति भी इस सुविधा के पात्र हैं। इसके अलावा, अविवाहित शहीद सैनिकों के मामले में उनके माता-पिता को भी यह अधिकार दिया गया है। 3. ट्रेन की किन श्रेणियों में मुफ्त सफर की इजाजत होगी? पात्र लाभार्थी भारतीय रेलवे की प्रथम श्रेणी (First Class), द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी (AC 2-Tier) और एसी चेयर कार (AC Chair Car) में मुफ्त सफर कर सकेंगे। 4. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कैसे करना होगा? लाभार्थियों को भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। सत्यापन के बाद इलेक्ट्रॉनिक पास जारी किया जाएगा। 5. आईआरसीसीपी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग कब से शुरू होगी? इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुक करने की सुविधा 1 नवंबर 2026 से IRCCP वेब पोर्टल के जरिए शुरू होगी। https://trendkia.com/national/gallantry-award-winners-and-families-granted-lifetime-free-train-travel-across-indian-railways-32637 TrendKia — Har trend, sabse pehle.