गांधी जयंती के राष्ट्रीय अवकाश पर टला सुवर्ण केरलम SK 72 का लकी ड्रॉ, जानें पुरस्कार राशि और टिकट क्लेम के नियम 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के उपलक्ष्य में सरकारी अवकाश के चलते सुवर्ण केरलम SK 72 का ड्रॉ स्थगित कर दिया गया है। 50 रुपये के इस टिकट पर 1 करोड़ रुपये का पहला इनाम और कई अन्य श्रेणियां तय हैं। केरल सरकार के लॉटरी विभाग की ओर से हर शुक्रवार को आयोजित होने वाला सुवर्ण केरलम SK 72 का साप्ताहिक लकी ड्रॉ 2 अक्टूबर 2026 को स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देश भर में राष्ट्रीय अवकाश होने के चलते सरकारी कार्यालय, बैंक और शिक्षण संस्थान बंद रहते हैं। यही कारण है कि तिरुवनंतपुरम स्थित बेकरी जंक्शन के पास गोर्की भवन में होने वाली आधिकारिक लॉटरी प्रक्रिया को इस दिन संचालित नहीं किया जा रहा है। पचास रुपये प्रति टिकट की दर से उपलब्ध यह लॉटरी अपनी पारदर्शी सरकारी व्यवस्था और बड़े पुरस्कारों के लिए खासी लोकप्रिय मानी जाती है। राष्ट्रीय अवकाश के कारण तय कार्यक्रम में बदलाव केरल में लॉटरी का संचालन पूर्ण रूप से राज्य सरकार के विशेष विभाग द्वारा किया जाता है। नियमित व्यवस्था के तहत शुक्रवार का दिन सुवर्ण केरलम श्रृंखला के लिए निर्धारित रहता है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के पावन अवसर पर समूचे देश में शासकीय कामकाज पूरी तरह स्थगित रहता है। सभी राष्ट्रीयकृत व निजी बैंक, कोषालय और प्रशासनिक भवन बंद होने की वजह से वित्तीय लेनदेन और सार्वजनिक ड्रॉ संभव नहीं हो पाता। प्रशासनिक प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारू बनाए रखने के लिए ड्रॉ की तारीख को आगे बढ़ाया गया है। तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में लॉटरी मशीनों के जरिए निकाले जाने वाले इस ड्रॉ को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी पहुंचते हैं, जिसे अवकाश के दिन आयोजित करना नियमों के अनुकूल नहीं होता। इनामों की भव्य संरचना और पुरस्कार राशि का विवरण केरल राज्य की लॉटरी योजनाएं देश के अन्य राज्यों जैसे नगालैंड और सिक्किम की संवाद लॉटरी, असम की बोडोलैंड लॉटरी अथवा पंजाब लॉटरी की तुलना में अत्यधिक आकर्षक मानी जाती हैं। सुवर्ण केरलम SK 72 योजना के अंतर्गत कुल दस श्रेणियों में पुरस्कार बांटे जाते हैं। इस ड्रॉ का मुख्य आकर्षण इसका 1 करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार है। इसके बाद दूसरे स्थान पर आने वाले भाग्यशाली विजेता को 30 लाख रुपये और तीसरे स्थान के लिए 5 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। एक ही भाग्यशाली टिकट शीर्ष तीन पुरस्कारों के लिए पात्रता रखता है। शीर्ष तीन श्रेणियों के अतिरिक्त विभाग की ओर से 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाता है। चौथे पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये, पांचवें पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपये, छठे स्थान पर 1,000 रुपये, सातवें स्थान पर 500 रुपये, आठवें स्थान पर 200 रुपये और नौवें पुरस्कार के तहत 100 रुपये की राशि तय की गई है। इस व्यापक संरचना के माध्यम से कई प्रतिभागियों को छोटे और मध्यम स्तर के लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है। एजेंटों का कमीशन और सरकारी कटौती के नियम लॉटरी टिकट की बिक्री करने वाले अधिकृत एजेंटों के लिए भी इस व्यवस्था में वित्तीय प्रोत्साहन शामिल रहता है। शीर्ष तीन पुरस्कार जीतने वाले टिकटों को बेचने वाले एजेंटों को जीती गई राशि पर 10% से 12% तक का कमीशन दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर, 1 करोड़ रुपये के पहले पुरस्कार पर 10% की दर से एजेंट का कमीशन 10,00,000 रुपये बनता है, जबकि 12% कमीशन की स्थिति में यह राशि 12,00,000 रुपये तक पहुंच जाती है। यह राशि विजेता के पुरस्कार से अलग एजेंट कल्याण व्यवस्था के तहत निर्धारित होती है। विजेताओं के लिए अंतिम भुगतान प्राप्त करने से पहले कर नियमों का पालन अनिवार्य होता है। नियमों के तहत जीती गई कुल राशि पर 30% का सीधा आयकर और उस पर 4% का उपकर काटा जाता है। इस अनिवार्य वैधानिक कटौती के बाद ही शेष शुद्ध राशि विजेता के खाते में अंतरित की जाती है। प्रतिभागियों को अपनी वित्तीय योजना बनाते समय इस अनिवार्य टैक्स कटौती को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। जीत का दावा करने की आधिकारिक प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज पुरस्कार राशि का दावा करने के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि जीती गई राशि 5,000 रुपये या उससे कम है, तो विजेता केरल राज्य में स्थित किसी भी अधिकृत लॉटरी स्टॉल या दुकान से सीधे नकद भुगतान ले सकते हैं। हालांकि, यदि पुरस्कार राशि 5,000 रुपये से अधिक है, तो विजेता को औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निर्धारित बैंकों या सीधे राज्य लॉटरी निदेशालय में संपर्क करना होता है। पांच हजार रुपये से अधिक के पुरस्कार के लिए मूल टिकट के साथ आवश्यक दस्तावेजों की एक सूची जमा करानी होती है। इन अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल हैं • स्व-सत्यापित आवेदन पत्र जिसके साथ विजेता टिकट के दोनों किनारों की फोटोकॉपी संलग्न हो। • राजपत्रित अधिकारी या नोटरी द्वारा सत्यापित विजेता की दो पासपोर्ट साइज तस्वीरें। • निर्धारित प्रारूप में भरा गया रसीद पत्र, जिस पर विजेता के पूरे पते के साथ 1 रुपये का राजस्व टिकट चिपकाया गया हो। • यदि विजेता नाबालिग है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध अभिभावक प्रमाण पत्र। • संयुक्त दावे के मामले में, किसी एक व्यक्ति को अधिकृत करने वाला घोषणा पत्र, जो 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर निष्पादित किया गया हो। • पहचान साबित करने के लिए सत्यापित दस्तावेज, जैसे राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट अथवा मतदाता पहचान पत्र की प्रमाणित प्रति। दावा प्रस्तुत करने की समय सीमा विभाग के नियमों के अनुसार लकी ड्रॉ संपन्न होने की आधिकारिक तिथि से ठीक 90 दिनों के भीतर विजेता को अपना दावा सभी औपचारिकताओं के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। यदि 90 दिनों की निर्धारित अवधि समाप्त हो जाती है, तो टिकट अमान्य हो सकता है और पुरस्कार राशि सरकारी खाते में वापस जा सकती है। प्रतिभागियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने टिकट को सुरक्षित रखें, उस पर किसी भी तरह की काट-छांट न करें और समय सीमा के भीतर आवश्यक सत्यापन पूरा करें। इसका आप पर असर गांधी जयंती के कारण केरल लॉटरी ड्रॉ टलने से टिकट धारकों को अपने नतीजों और भुगतान के लिए नए शेड्यूल का इंतजार करना होगा। • केरल के टिकट खरीदारों के लिए: 2 अक्टूबर को निर्धारित सुवर्ण केरलम SK 72 का परिणाम शुक्रवार को जारी नहीं होगा। टिकट धारकों को अपना टिकट सुरक्षित रखना चाहिए और विभाग द्वारा घोषित नई तिथि के दिन आधिकारिक परिणाम से अपने नंबर का मिलान करना होगा। • पुरस्कार विजेताओं के लिए: 5,000 रुपये से अधिक की राशि जीतने पर 30 प्रतिशत आयकर और 4 प्रतिशत उपकर कटेगा। इसका मतलब है कि 1 करोड़ रुपये के पहले इनाम पर लगभग 31.2 प्रतिशत की कुल टैक्स कटौती के बाद ही शुद्ध राशि मिलेगी। • दावा प्रस्तुत करने के नियम: परिणाम घोषित होने के बाद विजेताओं को केवल 90 दिनों का समय मिलेगा। समय सीमा के भीतर निर्धारित पहचान पत्रों और बैंक दस्तावेजों के साथ दावा पेश न करने पर इनामी राशि निरस्त हो सकती है। • स्थानीय लॉटरी एजेंटों के लिए: शुक्रवार को होने वाला टिकट का कारोबार और कमीशन भुगतान अवकाश के चलते आगे खिसक जाएगा। शीर्ष तीन टिकट बेचने वाले विक्रेताओं को 10 से 12 प्रतिशत का कमीशन नई ड्रॉ तिथि के बाद ही मिल सकेगा। ऐसा क्यों हुआ सुवर्ण केरलम SK 72 का लकी ड्रॉ 2 अक्टूबर 2026 को इसलिए स्थगित किया गया क्योंकि इस दिन गांधी जयंती का राष्ट्रीय अवकाश रहता है। इस दिन सभी सरकारी दफ्तर, कोषागार और बैंक बंद रहते हैं, जिससे लॉटरी संचालन संभव नहीं होता। • गांधी जयंती का राष्ट्रीय अवकाश: 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर समूचे भारत में सार्वजनिक और राष्ट्रीय अवकाश रहता है। केंद्रीय व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत इस दिन सभी सरकारी कार्यालय और विभाग पूर्णतः बंद रहते हैं। • वित्तीय और प्रशासनिक सेवाओं का बंद होना: लॉटरी का संचालन सीधे राज्य सरकार और उससे जुड़े बैंकों के जरिए होता है। ड्रॉ के दिन बैंकों और सरकारी खजाने में कामकाज बंद रहने के कारण पारदर्शिता और वित्तीय सत्यापन की औपचारिकताएं पूरी नहीं की जा सकतीं। • आधिकारिक स्थल पर प्रक्रिया का नियम: केरल लॉटरी का ड्रॉ तिरुवनंतपुरम स्थित गोर्की भवन में अधिकारियों और सार्वजनिक पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में होता है। राष्ट्रीय अवकाश के दिन इन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की अनुपलब्धता के कारण ड्रा स्थगित करना अनिवार्य नियम है। सवाल-जवाब 1. सुवर्ण केरलम SK 72 का लकी ड्रॉ 2 अक्टूबर 2026 को क्यों नहीं हुआ? 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहता है, जिसके चलते सरकारी विभाग और बैंक बंद होने के कारण ड्रॉ स्थगित किया गया। 2. सुवर्ण केरलम लॉटरी के टिकट की कीमत कितनी है? इस लॉटरी योजना के तहत एक टिकट की कीमत 50 रुपये निर्धारित की गई है। 3. इस लॉटरी का पहला इनाम कितने रुपये का है? सुवर्ण केरलम SK 72 के तहत पहला पुरस्कार जीतने वाले भाग्यशाली टिकट धारक को 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। 4. दूसरे और तीसरे पुरस्कार की राशि कितनी तय की गई है? दूसरे पुरस्कार के विजेता को 30 लाख रुपये और तीसरे पुरस्कार के विजेता को 5 लाख रुपये मिलते हैं। 5. जीती गई राशि पर कितना टैक्स काटा जाता है? लॉटरी पुरस्कार की राशि पर 30 प्रतिशत का आयकर और उस पर 4 प्रतिशत उपकर काटा जाता है। 6. 5,000 रुपये तक का इनाम कहां से प्राप्त किया जा सकता है? यदि पुरस्कार राशि 5,000 रुपये या उससे कम है, तो उसे केरल की किसी भी अधिकृत लॉटरी दुकान से सीधे लिया जा सकता है। 7. जीतने के बाद टिकट क्लेम करने के लिए कितना समय मिलता है? नियमों के अनुसार ड्रॉ की तारीख से 90 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ टिकट जमा करना अनिवार्य होता है। 8. लकी ड्रॉ आमतौर पर किस स्थान पर आयोजित किया जाता है? यह ड्रॉ तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के समीप स्थित गोर्की भवन में आयोजित किया जाता है। https://trendkia.com/national/gandhi-jaynti-ke-rashtriya-avakasha-para-tala-suvarna-keralam-sk-72-ka-laki-dro-janen-puraskara-rashi-aura-tikata-klema-ke-niyama-41876 TrendKia — Har trend, sabse pehle.