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  "type": "article",
  "title": "गवाही के लिए नहीं पहुंचीं नोरा फतेही, अदालत ने लगाई फटकार और 6 नवंबर के लिए जारी किया नया समन",
  "summary": "सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े जबरन वसूली मामले में पेश न होने पर अदालत ने नोरा फतेही के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। अब उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में 6 नवंबर को उपस्थित होना होगा।",
  "content": "जबरन वसूली के चर्चित मामले में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े केस में नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है। बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही तय कार्यक्रम के अनुसार अदालत में गवाही देने नहीं पहुंचीं, जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 6 नवंबर तय कर दी है।\n\nपेशी से छूट मांगने पर अदालत ने जताई सख्त नाराजगी\nअदालत की कार्यवाही शुरू होने पर अभिनेत्री के वकील ने उनकी तरफ से आज की पेशी से छूट दिए जाने की अर्जी लगाई। इस पर विशेष अदालत ने कड़ा रुख अपनाया और नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट टिप्पणी की कि कोई भी अदालत को हल्के में नहीं ले सकता। अदालत ने साफ किया कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन सभी के लिए अनिवार्य है और अभिनेत्री को अब 6 नवंबर को अभियोजन पक्ष की गवाही के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होना ही होगा।\n\nदिल्ली पुलिस ने संपर्क के प्रयासों की दी जानकारी\nकार्यवाही के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्हें इस संबंध में पहले से कोई जानकारी नहीं थी कि अभिनेत्री आज पेश होंगी या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 22 अक्टूबर को ही विधिवत नोटिस तामील करा दिया गया था। पुलिस की ओर से ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजी गई थी तथा फोन कॉल भी किए गए थे, परंतु नोरा फतेही अथवा उनकी टीम की ओर से कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ था।\n\nतीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बनी हैं सरकारी गवाह\nइस पूरे मामले की पृष्ठभूमि देखें तो पिछली सुनवाई के दौरान राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को आज अदालत में उपस्थित रहने का स्पष्ट आदेश दिया था। अभिनेत्री को इस आपराधिक प्रकरण में दायर तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के तहत अभियोजन पक्ष का सरकारी गवाह बनाया गया है। इसी कारण उनकी गवाही मुकदमे के सिलसिले में बेहद अहम मानी जा रही है, जिस पर अब 6 नवंबर को सुनवाई होगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटनाक्रम रेखांकित करता है कि अदालती समन और गवाही से जुड़ी वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी पर न्यायपालिका सख्त रुख अपनाती है।\n\n• भारत में: देश भर के नागरिकों और गवाहों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि न्यायिक समन की अनदेखी पर कानूनी जवाबदेही तय होती है। किसी भी आपराधिक मामले में गवाह के तौर पर नामित होने के बाद तय तारीख पर अदालत में पेश होना अनिवार्य प्रक्रिया है।\n• नई दिल्ली में: राष्ट्रीय राजधानी की राऊज एवेन्यू कोर्ट अब 6 नवंबर को इस हाई-प्रोफाइल मामले में नोरा फतेही की गवाही दर्ज करने के लिए सुनवाई करेगी। जांच एजेंसियों और दिल्ली पुलिस को अगली तारीख से पहले गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।\n• कानूनी प्रक्रिया पर असर: इस गैर-हाजिरी के कारण जबरन वसूली मामले में चल रही सुनवाई की समयसीमा आगे बढ़ गई है। तय समय पर गवाहों के बयान दर्ज न होने से अदालती ट्रायल का शेड्यूल कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है।\n• सार्वजनिक हस्तियों के लिए सबक: यह आदेश दर्शाता है कि सामाजिक या फिल्मी कद चाहे जो हो, अदालत की अवहेलना या पेशी से मनमानी छूट की मांग स्वीकार नहीं की जाती। नोटिस तामील होने पर समयबद्ध जवाब देना और अदालती आदेशों का पालन करना हर किसी के लिए अनिवार्य है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह अदालती कार्रवाई और फटकार नोरा फतेही के निर्धारित तारीख पर गवाही देने न पहुंचने और पूर्व सूचना न देने के कारण सामने आई है।\n\n• सीधा कारण: राऊज एवेन्यू कोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद नोरा फतेही गवाही देने उपस्थित नहीं हुईं और उनके वकील ने अंतिम समय पर पेशी से छूट की अर्जी दी। इस अप्रत्याशित कदम पर न्यायाधीश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए टिप्पणी की कि कोर्ट को हल्के में नहीं लिया जा सकता।\n• समन की तामीली: दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि 22 अक्टूबर को ही अभिनेत्री को ईमेल, व्हाट्सएप और फोन कॉल के माध्यम से औपचारिक नोटिस भेजा जा चुका था। इसके बावजूद उनकी तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या अनुपस्थिति की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।\n• केस की पृष्ठभूमि: सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े इस जबरन वसूली मामले की तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नोरा फतेही को सरकारी गवाह बनाया गया है। इस कारण मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया उनकी गवाही पर निर्भर है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई किस मामले से जुड़ी है?\nयह सुनवाई सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े कथित जबरन वसूली मामले से संबंधित है।\n\n2. अदालत ने नोरा फतेही पर नाराजगी क्यों जताई?\nअदालत के पिछले आदेश के बावजूद नोरा फतेही गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुईं और उनके वकील ने पेशी से छूट मांगी।\n\n3. दिल्ली पुलिस ने अदालत में नोटिस को लेकर क्या जानकारी दी?\nपुलिस ने बताया कि 22 अक्टूबर को ईमेल, व्हाट्सएप और फोन कॉल से नोटिस दिया गया था, पर अभिनेत्री की ओर से कोई जवाब नहीं आया।\n\n4. इस मामले में नोरा फतेही की कानूनी भूमिका क्या है?\nउन्हें इस मामले में दायर तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी गवाह बनाया गया है।\n\n5. अब मामले की अगली सुनवाई किस तारीख को होगी?\nअदालत ने नया समन जारी कर नोरा फतेही को 6 नवंबर को गवाही के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।",
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  "publishedAt": "2026-11-02",
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