गोवा के डबोलिम एयरपोर्ट पर नकल गिरोह का भंडाफोड़, सीआईएसएफ ने दिल्ली जा रहे दो यात्रियों को दबोचा डबोलिम हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले हाई-टेक ब्लूटूथ उपकरण बरामद हुए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने दिल्ली जा रहे दो यात्रियों को हिरासत में ले लिया। गोवा के डबोलिम स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली जाने वाली घरेलू उड़ान में सवार होने की कोशिश कर रहे दो यात्रियों को सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के साथ पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि ये यात्री प्रतियोगी परीक्षाओं में गैरकानूनी तरीके से नकल कराने और फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा हॉल में धांधली करने के इरादे से हाई-टेक ब्लूटूथ डिवाइस छिपाकर ले जा रहे थे। सुरक्षा बलों ने दोनों आरोपियों को आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक सामान और दस्तावेजों के साथ स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है, जहां उनके खिलाफ कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एक्स-रे स्क्रीनिंग में खुली पोल, हैंडबैग से मिले संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यह पूरा मामला शनिवार दोपहर करीब 2:25 बजे सामने आया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1340 से गोवा से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे एक यात्री ने प्री-एम्बार्केशन सुरक्षा चौकी पर अपना हैंडबैग एक्स-रे जांच मशीन में रखा। स्क्रीन पर नजर रख रहे सीआईएसएफ के सतर्क स्क्रीनर को बैग के भीतर कुछ असामान्य और संदेहास्पद आकृतियां दिखाई दीं। खतरे की आशंका को भांपते हुए सुरक्षा अधिकारी ने बैग को तुरंत अलग कर गहन भौतिक तलाशी के लिए आगे भेज दिया। जब बैग को खोलकर बारीकी से परखा गया, तो सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए। उस बैग से 3 विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 सिम कार्ड और 3 माइक्रो ब्लूटूथ ईयरपीस बरामद हुए। यह वही तकनीकी सेटअप था, जिसका इस्तेमाल प्रतियोगी परीक्षाओं में बाहर बैठे सॉल्वर गिरोह से संपर्क साधकर नकल कराने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। विमान में बैठ चुके साथी को नीचे उतारा गया, मिला भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र हवाई अड्डे पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने जब पकड़े गए पहले यात्री से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा में अवैध तरीके से नकल करने के लिए ही तैयार किए गए थे। पूछताछ के दौरान उसने यह सनसनीखेज खुलासा भी किया कि उसका एक साथी पहले ही बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करके उसी विमान में सवार हो चुका है। सूचना मिलते ही सुरक्षा दल तुरंत हरकत में आया और एयरलाइन कर्मचारियों के समन्वय से विमान के भीतर पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों ने दूसरे आरोपी को उड़ान भरने से ठीक पहले विमान से नीचे उतार लिया। जब उसके हैंडबैग की तलाशी ली गई, तो उसके पास से भी ठीक वैसा ही 1 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 ब्लूटूथ ईयरपीस और 1 सक्रिय सिम कार्ड बरामद हुआ। इसके अलावा उसके पास से उसी दिन आयोजित हुई आईआईटी गोवा गैर-शिक्षण स्टाफ भर्ती परीक्षा में प्रशासनिक सहायक पद का एक एडमिट कार्ड भी मिला। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि यह पूरा इलेक्ट्रॉनिक तामझाम उसी भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। सॉल्वर गैंग का खुलासा, दूसरे के नाम पर दी थी परीक्षा और फेंके थे आधार कार्ड मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित खुफिया एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया और दोनों आरोपियों से संयुक्त रूप से विस्तृत पूछताछ की गई। इस पूछताछ के दौरान पहले आरोपी ने एक और चौंकाने वाला सच स्वीकार किया। उसने बताया कि वह खुद असली अभ्यर्थी नहीं था, बल्कि किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह डमी परीक्षार्थी (सॉल्वर) बनकर परीक्षा केंद्र में बैठा था। पोल खुलने के डर से उसने हवाई अड्डे के सुरक्षा होल्ड क्षेत्र में 2 अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड फेंक दिए थे। सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाकर फेंके गए दोनों आधार कार्ड भी मौके से बरामद कर लिए, जो इस पूरे फर्जीवाड़े में पहचान छुपाने के खेल की पुष्टि करते हैं। डबोलिम से पोंडा पुलिस को सौंपी गई जांच, कानूनी कार्रवाई जारी हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सीआईएसएफ ने तत्परता दिखाते हुए दोनों संदिग्ध यात्रियों, बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सिम कार्डों, प्रवेश पत्र और दोनों आधार कार्डों को कानूनी प्रक्रिया के तहत डबोलिम एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। चूंकि जिस परीक्षा केंद्र में यह धांधली रची गई थी, वह इलाका पोंडा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए आगे की औपचारिक कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए दोनों आरोपियों को पोंडा पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस सॉल्वर रैकेट के तार किन-किन राज्यों और दलालों से जुड़े हैं। देशभर के विमानन केंद्रों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की इसी पेशेवर मुस्तैदी के चलते परीक्षा माफिया का यह नया तरीका समय रहते नाकाम हो गया। इसका आप पर असर यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी धांधली रोकने के लिए अपनाए जा रहे कड़े सुरक्षा उपायों और एयरपोर्ट जांच के व्यापक प्रभाव को दर्शाती है। • प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए: भर्ती परीक्षाओं में बायोमेट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और अधिक सख्त होगी। निष्पक्ष तैयारी करने वाले वास्तविक अभ्यर्थियों के लिए फर्जी सॉल्वर और डमी उम्मीदवारों की रोकथाम से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। • हवाई यात्रियों के लिए: एयरपोर्ट सुरक्षा चौकियों पर असामान्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर जांच एजेंसियां अब अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने हैंडबैग में किसी भी गैर-मानक गैजेट को ले जाते समय आवश्यक दस्तावेज साथ रखें ताकि सुरक्षा जांच में देरी न हो। • परीक्षा आयोजकों के लिए: शिक्षण और तकनीकी संस्थानों में ब्लूटूथ जैमर और शारीरिक जांच के नियम और कड़े किए जाएंगे। भर्ती प्रक्रियाओं में प्रवेश पत्र के साथ आधार बायोमेट्रिक मिलान को अनिवार्य करने पर जोर दिया जा सकता है। • कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में: परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाने और तकनीकी नकल करने वालों पर गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया जाता है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने पर भविष्य की सभी सरकारी परीक्षाओं से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई हवाई अड्डे की नियमित सुरक्षा स्क्रीनिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की असामान्य पहचान और उसके बाद तुरंत की गई पूछताछ के कारण संभव हुई। • एक्स-रे जांच में संदिग्ध सिग्नल: सुरक्षा जांच चौकी पर तैनात सीआईएसएफ स्क्रीनर ने हैंडबैग में छिपे संदेहास्पद इलेक्ट्रॉनिक घटकों को देखा। मानक व्यक्तिगत गैजेट्स से अलग दिखने के कारण बैग की तुरंत मैनुअल तलाशी ली गई। • संगठित नकल सिंडिकेट की कार्यप्रणाली: प्रतियोगी परीक्षाओं में माइक्रो ब्लूटूथ ईयरपीस और सिम आधारित ट्रांसमीटर का इस्तेमाल कर बाहरी सॉल्वर से संपर्क साधा जाता है। आरोपी आईआईटी गोवा की गैर-शिक्षण परीक्षा समाप्त होने के बाद तत्काल राज्य से बाहर निकलने की कोशिश में थे। • डमी परीक्षार्थी का इस्तेमाल: आरोपी खुद असली अभ्यर्थी न होकर किसी अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। पकड़े जाने के डर से उसने फर्जी आधार कार्ड छिपाने और नष्ट करने का प्रयास किया, जिससे उसकी योजना का पर्दाफाश हुआ। सवाल-जवाब 1. डबोलिम हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ ने कितने यात्रियों को पकड़ा? सुरक्षाबलों ने दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में सवार होने की कोशिश कर रहे 2 यात्रियों को पकड़ा। 2. यात्रियों के पास से कौन-से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए? उनके पास से 4 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 3 सिम कार्ड और 5 ब्लूटूथ ईयरपीस बरामद किए गए। 3. ये उपकरण किस परीक्षा में नकल करने के लिए इस्तेमाल किए गए थे? इनका इस्तेमाल आईआईटी गोवा के गैर-शिक्षण स्टाफ भर्ती परीक्षा में प्रशासनिक सहायक पद के लिए किया गया था। 4. दूसरे आरोपी को सुरक्षाकर्मियों ने कहां से पकड़ा? दूसरे आरोपी को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1340 के अंदर से उड़ान भरने से पहले नीचे उतारा गया। 5. आरोपियों ने सुरक्षा होल्ड एरिया में क्या फेंका था? आरोपी ने 2 अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड सुरक्षा होल्ड क्षेत्र में फेंक दिए थे, जिन्हें बाद में बरामद कर लिया गया। 6. मामले की आगे की जांच कौन-सी पुलिस कर रही है? परीक्षा केंद्र का क्षेत्र पोंडा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने के कारण आगे की जांच पोंडा पुलिस कर रही है। https://trendkia.com/national/goa-ke-dabolim-airport-para-nakala-giroha-ka-bhndaphora-cisf-ne-delhi-ja-rahe-do-yatriyon-ko-dabocha-46542 TrendKia — Har trend, sabse pehle.