हनोई पहुंचे अजीत डोभाल ने वियतनामी रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा साझेदारी की समीक्षा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से हनोई में मुलाकात कर रक्षा सहयोग को गति देने पर चर्चा की। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हनोई पहुंचकर वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों पर व्यापक बातचीत की। इस आधिकारिक बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा साझेदारी की प्रगति का ब्योरा लिया और साझा हितों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक तालमेल को और प्रगाढ़ करने का संकल्प दोहराया। दोनों एशियाई देशों के बीच गहराते रणनीतिक रिश्ते क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग की व्यापक समीक्षा हनोई स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार दोनों नेताओं ने अब तक के संयुक्त रक्षा प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। बातचीत के दौरान जनरल फान वान जियांग और अजीत डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली और हनोई रक्षा क्षेत्र में अपनी संयुक्त पहलों को निर्बाध गति से जारी रखेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाना है ताकि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आपसी समन्वय बना रहे। उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को जमीन पर उतारने की पहल अजीत डोभाल रविवार को अपनी आधिकारिक यात्रा पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि इसी साल मई में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। यह राजनयिक अपग्रेडेशन रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार व्यापार जैसे क्षेत्रों में मजबूत जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का यह दौरा उसी उच्चस्तरीय समझौते के तहत तय प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने का प्रयास है। 2030 तक 25 अरब डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य पर जोर मई में हुए रणनीतिक समझौते के तहत दोनों सरकारों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब अमेरिकी डॉलर के पार ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया था। रक्षा संबंधों में मजबूती आने से वाणिज्यिक और निवेश से जुड़े समझौतों को भी सीधा समर्थन मिलता है। अजीत डोभाल की हनोई यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न आयामों को मजबूती प्रदान करते हुए दोनों देशों के बीच नए आर्थिक और सुरक्षा अवसरों के द्वार खोलने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसका आप पर असर भारत और वियतनाम के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ने से रणनीतिक संतुलन के साथ व्यापार और उद्योग जगत के लिए नए अवसर खुलते हैं। • भारतीय उद्योग जगत पर असर: दोनों देशों ने 2030 तक सालाना व्यापार 25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इससे भारतीय विनिर्माण, फार्मा, रक्षा उपकरणों और कृषि निर्यात से जुड़े व्यवसायों को वियतनामी बाजार में बेहतर विस्तार का मौका मिलेगा। • वैश्विक व्यापार और सुरक्षा: मजबूत सुरक्षा समन्वय समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है। आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रहने से आयात और निर्यात लागत पर दबाव कम रहता है। • कूटनीतिक और रोजगार अवसर: विस्तारित रणनीतिक साझेदारी से तकनीकी सहयोग और द्विपक्षीय पहलों को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत दोनों देशों में कार्यरत पेशेवरों और विशेषज्ञों के लिए नए संयुक्त परियोजनाओं के मार्ग खुल सकते हैं। • क्षेत्रीय स्थिरता: दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच निरंतर संवाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देता है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और क्षेत्रीय वाणिज्य को प्रत्यक्ष सुरक्षा आश्वासन मिलता है। ऐसा क्यों हुआ अजीत डोभाल की वियतनाम यात्रा दोनों देशों के बीच हाल ही में अपग्रेड हुई रणनीतिक साझेदारी को सक्रिय करने और द्विपक्षीय रक्षा प्राथमिकताओं की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई है। • रणनीतिक साझेदारी का विस्तार: इसी साल मई में भारत और वियतनाम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इस उच्चस्तरीय दर्जे के तहत तय किए गए रक्षा और कूटनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए शीर्ष सुरक्षा नेतृत्व की यह बैठक जरूरी थी। • रक्षा तंत्र की नियमित समीक्षा: दोनों देश लंबे समय से सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। हनोई में भारतीय दूतावास के अनुसार दोनों नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग की प्रगति का आकलन करने और संयुक्त अभियानों को निरंतर जारी रखने के लिए यह वार्ता की। • व्यापारिक लक्ष्यों का समर्थन: दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 25 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचाने का साझा लक्ष्य तय किया है। आर्थिक और व्यापारिक पहलों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक और सुरक्षा स्तर पर उच्च स्तरीय सहमति आवश्यक मानी जाती है। सवाल-जवाब 1. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हनोई में किससे मुलाकात की? अजीत डोभाल ने वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से मुलाकात की। 2. इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था? दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और संयुक्त पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। 3. भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक साझेदारी का दर्जा कब अपग्रेड किया गया था? दोनों देशों ने इसी साल मई में अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। 4. भारत और वियतनाम ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए क्या लक्ष्य तय किया है? दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 5. अजीत डोभाल वियतनाम कब पहुंचे थे? अजीत डोभाल अपनी आधिकारिक यात्रा पर रविवार को वियतनाम पहुंचे थे। https://trendkia.com/national/hanoi-pahunche-ajit-doval-ne-vietnamese-raksha-mntri-ke-satha-dvipakshiya-suraksha-sajhedari-ki-samiksha-ki-55013 TrendKia — Har trend, sabse pehle.