हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में सुबह-सुबह लगे भूकंप के झटके, लोगों में फैली दहशत शुक्रवार सुबह हिमाचल प्रदेश के चंबा और तेलंगाना के नारायणपेट में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता क्रमशः 3.2 और 2.5 दर्ज की गई, हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। देश के दो अलग-अलग राज्यों में शुक्रवार सुबह अचानक धरती डोल उठी। सुबह-सुबह आए इन भूकंपों के कारण हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के पास दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, दोनों राज्यों में कुछ ही घंटों के अंतराल पर यह झटके महसूस किए गए। गनीमत यह रही कि रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम रहने के कारण किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। हिमाचल प्रदेश के चंबा में महसूस हुए झटके हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शुक्रवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकंड पर धरती कांपी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर नीचे गहराई में स्थित था, जिसके कोऑर्डिनेट्स 32.719 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.123 डिग्री पूर्वी देशांतर दर्ज किए गए। सुबह का वक्त होने के कारण जब लोगों ने अपने घरों के भीतर कंपन महसूस किया, तो वे घबराकर तुरंत बाहर की तरफ भागे। हालांकि, तीव्रता कम होने की वजह से प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की तरफ से किसी तरह के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। तेलंगाना के नारायणपेट में भी हिली धरती हिमाचल प्रदेश की घटना से कुछ ही समय पहले दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना में भी भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना के नारायणपेट में सुबह 6 बजकर 16 मिनट 46 सेकंड पर यह हलचल हुई। रिक्टर स्केल पर इस झटके की तीव्रता 2.5 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र 16.452 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.414 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था और इसकी गहराई जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। कम गहराई के कारण इसके झटके स्थानीय स्तर पर महसूस किए गए, लेकिन गनीमत रही कि इस घटना में भी किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली। इसका आप पर असर देश के दो राज्यों में सुबह-सुबह आए भूकंप से स्थानीय स्तर पर लोगों में हड़कंप मच गया, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। • भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर आने वाले हल्के भूकंप सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारियों की याद दिलाते हैं। नागरिकों को किसी भी आपदा के समय स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। • हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में: चंबा और नारायणपेट के स्थानीय निवासियों को झटके महसूस होने के तुरंत बाद सुरक्षित खुले स्थानों पर निकलते देखा गया। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को किसी भी संभावित झटके के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली हलचल और ऊर्जा के निकलने के कारण आते हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों से इन घटनाओं की गहराई और तीव्रता का पता चलता है। • टेक्टोनिक प्लेटों की गति: पृथ्वी के भीतर लगातार भूगर्भीय प्लेटें खिसकती रहती हैं, जिससे ऊर्जा संचित होती है और अचानक रिलीज होने पर धरती कांपती है। चंबा और नारायणपेट में दर्ज किए गए झटके इसी आंतरिक हलचल का परिणाम थे। • कम गहराई का प्रभाव: नारायणपेट में भूकंप की गहराई महज 5 किलोमीटर और चंबा में 15 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई थी। कम गहराई होने के कारण सतही क्षेत्रों में इसका हल्का कंपन अधिक स्पष्ट महसूस किया गया। • तीव्रता का स्तर: रिक्टर स्केल पर 3.2 और 2.5 की तीव्रता काफी कम श्रेणी में आती है। इस स्तर के भूकंप आमतौर पर बड़े विनाश का कारण नहीं बनते हैं। सवाल-जवाब 1. हिमाचल प्रदेश के चंबा में भूकंप कब आया? चंबा में शुक्रवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकंड पर भूकंप आया। 2. चंबा में आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी? रिक्टर स्केल पर चंबा के भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। 3. तेलंगाना के किस इलाके में भूकंप दर्ज किया गया? तेलंगाना के नारायणपेट में भूकंप के झटके दर्ज किए गए। 4. नारायणपेट के भूकंप की तीव्रता और गहराई कितनी थी? नारायणपेट में 2.5 तीव्रता का भूकंप आया और इसकी गहराई जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे थी। 5. क्या इन भूकंपों से कोई नुकसान हुआ है? फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। 6. इन भूकंपों की जानकारी किस संस्था ने दी? राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इन भूकंपों के आंकड़े जारी किए हैं। https://trendkia.com/national/himachal-pradesh-aur-telangana-mein-subah-subah-lage-bhukamp-ke-jhatke-56993 TrendKia — Har trend, sabse pehle.