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  "title": "होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा संकट: डीजी शिपिंग ने भारतीय नाविकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की, संघर्ष क्षेत्रों में तैनाती रोकने की सलाह",
  "summary": "खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात के बीच भारत के महानिदेशालय नौवहन (डीजी शिपिंग) ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। ओमान तट के पास इस सप्ताह तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान गई।",
  "content": "खाड़ी के समुद्री रास्ते अचानक भारतीय नाविकों के लिए खतरे का इलाका बन गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी के आसपास सुरक्षा हालात तेज़ी से बिगड़ने के बाद भारत के महानिदेशालय नौवहन (डीजी शिपिंग) ने एक नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसका मकसद समुद्र में काम कर रहे भारतीय चालक दल की जान की हिफ़ाज़त करना है।\n\nकिन घटनाओं ने मजबूर किया यह कदम उठाने को\nयह एडवाइजरी हवा में नहीं आई। हाल के दिनों में एमटी मारिवेक्स, एमटी सेटेबेलो और एमवी जलवीर जैसे जहाजों से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम सामने आए, जिनके बाद नौवहन प्रशासन को आगे बढ़कर निर्देश जारी करने पड़े। इन घटनाओं ने साफ़ कर दिया कि इस इलाके से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाज़ अब आसान निशाना बन सकते हैं।\n\nएडवाइजरी में नाविकों और कंपनियों से क्या कहा गया\nडीजी शिपिंग ने जहाज़ों के मास्टर्स, शिपिंग कंपनियों और बाकी समुद्री हितधारकों से कहा है कि वे सबसे ऊँचे स्तर की चौकसी बरतें, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आने वाली हर चेतावनी पर लगातार नज़र रखें और तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें।\n\nसबसे अहम निर्देश तैनाती को लेकर है। प्रशासन ने आरपीएसएल और शिपिंग कंपनियों को सलाह दी है कि अगले आदेश तक संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नाविकों को न भेजा जाए। हालांकि इसमें एक छूट रखी गई है — अगर हालात आपातकालीन हों, तो संबंधित नाविकों की सहमति लेकर क्रू परिवर्तन (क्रू चेंज) किया जा सकता है।\n\nसूचना और अफवाहों पर सख़्ती\nएडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी सुरक्षा घटना की जानकारी बिना देर किए डीजी कम्युनिकेशन सेंटर तक पहुँचाई जाए। साथ ही नाविकों और कंपनियों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट खबरों और फ़र्ज़ी वीडियो को आगे फैलाने से बचें, ताकि घबराहट और गलत सूचना का माहौल न बने।\n\nक्यों इतना गंभीर है मौजूदा संकट\nयह चेतावनी ऐसे वक़्त आई है जब इसी सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज़ों पर हमला हुआ। इनमें से 10 जून को हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई — यही वह घटना है जिसने पूरे मामले को कूटनीतिक स्तर तक पहुँचा दिया।\n\nभारत का कूटनीतिक जवाब\nभारत ने 12 जून को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया। उन्हें दो टूक बताया गया कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाज़ों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।\n\nइसके अगले ही दिन, 13 जून को, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने तीन भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा सीधे उठाया। दूसरी ओर वॉशिंगटन ने अपना रुख साफ़ करते हुए कहा है कि अपनी क्षेत्रीय नौसैनिक नाकेबंदी के किसी भी उल्लंघन को वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।",
  "url": "https://trendkia.com/national/hormuja-aura-omana-ki-khari-men-suraksha-snkata-diji-shipinga-ne-bharatiya-navik-868",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-06-15",
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    "होर्मुज स्ट्रेट",
    "ओमान की खाड़ी",
    "डीजी शिपिंग एडवाइजरी",
    "भारतीय नाविक",
    "खाड़ी सुरक्षा संकट",
    "एस. जयशंकर",
    "भारत अमेरिका संबंध"
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  "site": "TrendKia"
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