अमेरिका के नक्शे से कोसों दूर कर्नाटक के इस गांव का नाम न्यूयॉर्क कैसे पड़ा कर्नाटक के मांड्या जिले में एक ऐसा गांव है जिसका नाम अमेरिका के मशहूर शहर पर रखा गया है। साल 2001 की एक बड़ी घटना से जुड़े इस गांव के इतिहास और इसके पास बसे सिंगापुर गांव की अनूठी कहानी जानिए। कर्नाटक के मांड्या जिले के भीतर एक ऐसा अनूठा ग्रामीण इलाका बसा है जिसका नाम सुनते ही किसी के भी जेहन में सीधे अमेरिका के मशहूर महानगर की तस्वीर उभर आती है। हैरानी की बात यह है कि इसी खास भूभाग के आसपास एक और ऐसा गांव भी स्थित है जिसका नाम दक्षिण-पूर्व एशिया के ग्लोबल हब सिंगापुर के नाम पर रखा गया है। भला दुनिया के इन चर्चित और अत्याधुनिक शहरों के नाम कर्नाटक के इन छोटे से ग्रामीण क्षेत्रों तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे का पूरा घटनाक्रम क्या है, यह बात हर किसी को हैरान कर देती है। मांड्या जिले की भौगोलिक स्थिति और पहचान वैसे तो कर्नाटक का यह पूरा इलाका मुख्य तौर पर अपने विशाल गन्ने के खेतों और बड़े पैमाने पर होने वाले चीनी के उत्पादन के लिए पूरे राज्य में जाना जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां एक ऐसा विशिष्ट गांव भी है जो अपने बिल्कुल अलग नाम की वजह से दूर-दूर तक लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करता है। इस अनोखे गांव का आधिकारिक और प्रचलित नाम न्यूयॉर्क है। संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यस्त और चमकीले न्यूयॉर्क शहर से मीलों दूर स्थित इस छोटे से भारतीय गांव का यह नाम कैसे पड़ा, इसका इतिहास करीब दो दशक पुराना है और इसके पीछे एक रोचक प्रसंग जुड़ा हुआ है। मद्दूर तालुका के पास स्थित है यह अनूठा गांव यह अनोखा न्यूयॉर्क गांव कर्नाटक राज्य के मांड्या जिले के अंतर्गत आने वाले मद्दूर तालुका में हुन्नानदोड्डी गेट के बेहद करीब बसा हुआ है। जिला मुख्यालय यानी मांड्या शहर से इस जगह की दूरी लगभग 25 किलोमीटर की बताई जाती है। जब भी कोई बाहरी व्यक्ति पहली बार इस गांव के नाम से वाकिफ होता है, तो उसके मन में स्वाभाविक तौर पर यही सवाल उठता है कि आखिर हमारे देश के एक छोटे से ग्रामीण भूभाग का नाम अमेरिका के इतने बड़े और हाई-प्रोफाइल शहर के नाम पर क्यों और कैसे पड़ गया। इस गांव की अर्थव्यवस्था की बात की जाए तो यहां रहने वाले अधिकांश लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती-किसानी और दुग्ध उत्पादन के काम पर ही टिकी हुई है। इसके अलावा एक राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल नजदीक स्थित होने के कारण इस इलाके के आसपास छोटी-मोटी दुकानें और राहगीरों के लिए कैंटीन भी आसानी से देखने को मिल जाती हैं। साल 2001 की घटना से जुड़ा है नामकरण का रहस्य इस गांव के नामकरण के पीछे की कहानी इस जगह को और अधिक दिलचस्प बना देती है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, साल 2001 में अमेरिका की धरती पर एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था जो 9/11 की घटना के रूप में इतिहास में दर्ज है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए इस भीषण हमले के बाद न्यूयॉर्क नाम का यह शहर रातों-रात पूरी दुनिया के समाचारों और चर्चाओं के केंद्र में आ गया था। बताया जाता है कि उस दौर में इस गांव के कुछ उत्साही युवा न्यूयॉर्क शहर और वहां घटी उस वैश्विक घटना से बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। इसी के बाद उन युवाओं ने अपने इस साधारण से गांव को आपसी बोलचाल में न्यूयॉर्क के नाम से पुकारना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह अनोखा नाम स्थानीय लोगों की जुबान पर ऐसा चढ़ा कि हुन्नानदोड्डी का यह सामान्य गांव पूरी तरह से न्यूयॉर्क के नाम से ही पहचाना जाने लगा। वैश्विक नाम लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अब भी भारी अभाव भले ही इस गांव का नाम दुनिया के सबसे आधुनिक और चर्चित महानगरों की सूची में शुमार शहर जैसा हो, लेकिन अगर इसकी जमीनी हकीकत पर नजर डाली जाए तो तस्वीर काफी अलग नजर आती है। लगभग एक हजार से भी ज्यादा लोगों की आबादी वाले इस गांव के निवासियों को आज के दौर में भी पक्की सड़कों, पीने के साफ पानी और बेहतर सार्वजनिक परिवहन जैसी बेहद बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां के स्थानीय लोग पिछले काफी लंबे समय से प्रशासन के सामने यह मांग लगातार उठाते रहे हैं कि उनके गांव में भी सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं और यहाँ तेजी से विकास कार्य पूरे किए जाएं। साफ है कि इस विदेशी नाम ने भले ही इस गांव को ग्लोबल नक्शे पर एक अनोखी पहचान जरूर दिला दी है, लेकिन विकास के मोर्चे पर यह जगह आज भी कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। पास में ही मौजूद है सिंगापुर नाम का दूसरा गांव इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मांड्या क्षेत्र में सिर्फ न्यूयॉर्क नाम का ही गांव नहीं है, बल्कि इसके ठीक पास सिंगापुर नाम का गांव भी बसा हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक, पांडवपुरा तालुका में जी. सिंगापुर नाम से एक गांव है और इसके अलावा के.आर. पेटे तालुका में भी सिंगापुर नाम का एक अन्य गांव मौजूद है। इस तरह से देखा जाए तो कर्नाटक के इस भूभाग में पश्चिम के सबसे बड़े महानगर अमेरिका के न्यूयॉर्क और पूर्व के सुप्रसिद्ध एशियाई देश सिंगापुर जैसे बड़े नामों वाले गांव एक साथ अस्तित्व में हैं। हालांकि इन सभी जगहों के नाम भले ही दुनिया के ग्लोबल शहरों जैसे भव्य लगते हों, लेकिन इन गांवों के सामने आज भी सबसे बड़ी और असली चुनौती पक्की सड़कों, स्वच्छ पानी, मजबूत परिवहन तंत्र और अन्य तमाम जरूरी नागरिक सुविधाओं को धरातल पर उतारने की ही बनी हुई है। सवाल-जवाब 1. कर्नाटक का न्यूयॉर्क गांव किस जिले में स्थित है? यह गांव कर्नाटक के मांड्या जिले के मद्दूर तालुका में हुन्नानदोड्डी गेट के पास स्थित है। 2. इस गांव का नाम न्यूयॉर्क कैसे पड़ा? साल 2001 में अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के बाद वहां की घटनाओं से प्रभावित होकर स्थानीय युवाओं ने इस गांव को न्यूयॉर्क कहना शुरू कर दिया था। 3. मांड्या जिले में क्या कोई और विदेशी नाम का गांव भी है? हाँ, मांड्या इलाके में पांडवपुरा और के.आर. पेटे तालुका में सिंगापुर नाम के गांव भी मौजूद हैं। 4. इस गांव के लोगों की मुख्य आजीविका क्या है? यहाँ के मुख्य आजीविका के साधन कृषि और दुग्ध उत्पादन हैं। https://trendkia.com/national/how-a-remote-village-in-karnataka-came-to-be-known-as-new-york-15782 TrendKia — Har trend, sabse pehle.