# इंडिगो की गोवा दिल्ली फ्लाइट का हवा में बंद हुआ इंजन, पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने बयां किया 14 हजार फीट का खौफनाक मंजर

> गोवा से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-2102 के इंजन में अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद विमान की मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने केबिन के अंदर फैले सन्नाटे और खौफनाक लम्हों का आंखों देखा हाल साझा किया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/indigo-ki-goa-delhi-phlaita-ka-hava-men-bnda-hua-injana-purva-thala-sena-pramukha-general-jj-singh-ne-bayan-kiya-14-hajara-phita-k-26919 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंडिगो, इमरजेंसी लैंडिंग, जनरल जेजे सिंह, गोवा हवाई अड्डा, उड्डयन सुरक्षा, इंजन फेलियर

गोवा के मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-2102 में टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद 14 हजार फीट की ऊंचाई पर एक भयानक हादसा होते-होते टल गया। विमान के इंजन में अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण 229 यात्रियों की सांसें अटक गईं। इस उड़ान में भारतीय सेना के पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने केबिन के भीतर फैले दहशत के माहौल और खौफ के बीच पायलटों की असाधारण कुशलता से हुई सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की पूरी दास्तान साझा की है। आसमान में बने संकट के उन पलों में विमान के अंदर सन्नाटा, चीख-पुकार और प्रार्थनाओं का दौर देखने को मिला।

 

## 14 हजार फीट की ऊंचाई पर तेज आवाज के बाद थमी रफ्तार

घटना की शुरुआत सुबह के समय हुई जब इंडिगो के एयरबस A321neo विमान ने मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह 9:16 बजे अपने निर्धारित मार्ग पर दिल्ली के लिए टेकऑफ किया। टेकऑफ की शुरुआती प्रक्रिया बेहद सामान्य और सहज रही। हालांकि, जैसे ही विमान आसमान में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा और ऊपर चढ़ रहा था, तभी अचानक एक तेज और जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इस आवाज के तुरंत बाद इंजन से एक अजीब सी हिसिंग की ध्वनि निकली और फिर अचानक वह इंजन पूरी तरह खामोश हो गया।

इंजन के बंद होते ही विमान की रफ्तार में अचानक भारी कमी दर्ज की गई। जो विमान पूरी ताकत के साथ ऊपर की ओर बढ़ रहा था, उसकी गति अचानक धीमी पड़ गई और केबिन में बैठे यात्रियों को झटका महसूस हुआ। केबिन में मौजूद लगभग हर यात्री को यह अहसास हो चुका था कि हवा में कुछ बहुत बड़ी अनहोनी घटित हुई है। पूरे विमान में डर की एक लहर दौड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्लाइट क्रू ने बिना समय गंवाए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया, संभावित इंजन फेलियर की सूचना दी और तुरंत वापस गोवा लौटने की अनुमति मांगी।

 

## केबिन में फैली दहशत और रोती बिलखती 3 महीने की बच्ची की मां

इंजन फेल होते ही विमान के केबिन का माहौल बेहद डरावना हो गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग रोने-बिलखने लगे। रो नंबर 3 में बैठे पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने बताया कि उनके आसपास का मंजर दिल दहला देने वाला था। केबिन में एक महिला अपनी महज तीन महीने की मासूम बच्ची को सीने से चिपकाए बदहवास हालत में रो रही थी। चारों तरफ लोग अपनी जान की सलामती के लिए ईश्वर से गुहार लगा रहे थे।

जनरल जेजे सिंह, जिन्होंने युद्ध के मैदानों में दुश्मनों का सामना करते हुए भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाया था, उस वक्त एक आम नागरिक के रूप में साथी यात्रियों को ढांढस बंधा रहे थे। वे लगातार सहयात्रियों का हौसला बढ़ाते हुए कह रहे थे कि घबराने की जरूरत नहीं है, ईश्वर की कृपा से सब कुछ ठीक हो जाएगा। जनरल सिंह ने माना कि उस पल के लिए उनके मन में भी यह सवाल कौंधा था कि उन्होंने बेलगावी के बजाय गोवा से दिल्ली जाने का फैसला क्यों लिया, लेकिन उन्होंने अपना ध्यान यात्रियों को सांत्वना देने पर केंद्रित रखा।

 

## पायलट का अनुकरणीय संयम और क्रॉसविंड के बीच स्मूद लैंडिंग

संकट के इन बेहद कठिन मिनटों के दौरान कॉकपिट में मौजूद पायलटों ने अद्भुत मानसिक संतुलन और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। पायलट ने यात्रियों के बीच अतिरिक्त घबराहट पैदा किए बिना परिस्थितियों को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। लैंडिंग से ठीक पहले पायलट ने केबिन में यह आधिकारिक घोषणा की कि विमान का एक इंजन फेल हो चुका है और उनका एकमात्र उद्देश्य विमान को सुरक्षित जमीन पर उतारना है।

हवाई अड्डे के करीब पहुंचते ही मौसम में टर्बुलेंस और क्रॉसविंड यानी तेज हवाओं की चुनौती भी सामने थी। इसके बावजूद, पायलटों ने सिंगल इंजन के सहारे विमान को संभाला और सुबह 9:45 बजे मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर विमान को सुरक्षित लैंड करा दिया। टेकऑफ से लेकर सुरक्षित वापसी तक कुल 29 मिनट का समय बीता। जैसे ही विमान के पहियों ने जमीन को छुआ, यात्रियों की आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े और पूरा केबिन धन्यवाद के भाव से भर उठा। लैंडिंग के बाद यात्रियों को सामान्य तरीके से बाहर निकाला गया और किसी भी आपातकालीन सीढ़ी या प्रोटोकॉल की आवश्यकता नहीं पड़ी।

 

## विमान VT-ILZ का तकनीकी रिकॉर्ड और उठते सुरक्षा सवाल

तकनीकी जानकारी के अनुसार, इस घटना में शामिल विमान इंडिगो का A321neo मॉडल था, जिसका पंजीकरण नंबर VT-ILZ है। लगभग 4.8 साल पुराना यह विमान सीएफएम इंटरनेशनल के LEAP-1A इंजन से लैस है। यह इंडिगो के बेड़े में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला एक आधुनिक पैसेंजर जेट है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि बीते केवल एक महीने के भीतर इंडिगो के बेड़े में इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्या का यह दूसरा मामला सामने आया है।

सुरक्षित उतरने के बाद जनरल जेजे सिंह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक होने के नाते उन्होंने कई मुश्किल परिस्थितियां देखी हैं, लेकिन किसी नागरिक उड़ान में ऐसी स्थिति में यात्रियों का एक-दूसरे का सहारा बनना इंसानियत की मिसाल है। हालांकि एयरलाइन की ओर से इंजन खराबी पर विस्तृत तकनीकी बयान जारी नहीं किया गया था, लेकिन इस घटना ने भारतीय उड्डयन क्षेत्र में विमानों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

## इसका आप पर असर
गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की इस फ्लाइट में हुई घटना हवाई यात्रियों के लिए उड़ानों के दौरान आपातकालीन सुरक्षा प्रक्रियाओं और एयरलाइन रखरखाव को समझने का एक अहम माध्यम है।

- **हवाई यात्रियों पर असर:** विमानों में तकनीकी खराबी के दौरान क्रू मेंबर्स के निर्देशों का पालन करना और शांत रहना यात्रियों की सुरक्षा के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है। आपातकालीन स्थिति में पैनिक न करने से स्थितियां बेहतर रहती हैं।
- **फ्लाइट चयन और शेड्यूल:** यात्रा के आखिरी समय में अपनी फ्लाइट का शेड्यूल बदलने से पहले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखनी चाहिए। इससे आपात स्थिति में बैकअप योजना काम आती है।
- **आपातकालीन लैंडिंग प्रोटोकॉल:** इंजन फेलियर जैसी स्थितियों में आधुनिक वाणिज्यिक विमान सिंगल इंजन पर भी सुरक्षित लैंडिंग करने में पूरी तरह सक्षम होते हैं। एयरबस A321neo जैसे विमानों को ऐसे खतरों से निपटने के लिए ही डिजाइन किया जाता है।
- **यात्री अधिकारों और सुरक्षा का ध्यान:** किसी भी फ्लाइट में आपातकालीन लैंडिंग या तकनीकी खराबी होने पर यात्री एयरलाइन से रिफंड, वैकल्पिक उड़ान या सहायता का दावा कर सकते हैं। नागरिक उड्डयन नियम यात्रियों को ऐसे अधिकार देते हैं।
- **उड्डयन क्षेत्र में सतर्कता:** लगातार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण विमानन नियामक एजेंसियां अब एयरलाइंस के इंजनों की जांच और रखरखाव मानकों को और कड़ा कर रही हैं। इससे यात्रियों की हवाई यात्रा अधिक सुरक्षित बनती है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस एयरलाइन और फ्लाइट संख्या से जुड़ी है?
यह घटना इंडिगो की फ्लाइट 6E-2102 से जुड़ी है, जो गोवा से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी।

### 2. विमान में कितने यात्री सवार थे और क्या सभी सुरक्षित हैं?
विमान में कुल 229 यात्री सवार थे और पायलट की कुशलता से सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया।

### 3. कौन से पूर्व आर्मी चीफ इस फ्लाइट में सवार थे?
भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ जनरल जेजे सिंह इस फ्लाइट के रो नंबर 3 में सवार थे।

### 4. टेकऑफ के बाद विमान में क्या तकनीकी खराबी आई थी?
14 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान के एक इंजन से जोरदार आवाज और हिसिंग की ध्वनि आई, जिसके बाद इंजन फेल हो गया और रफ्तार कम हो गई।

### 5. किस एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और लैंडिंग का समय क्या था?
विमान को गोवा के मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 9:45 बजे सुरक्षित लैंड कराया गया।

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