# भारतीय नौसेना को मिलेगा नया जल प्रहरी, मुंबई में इस दिन कमीशन होगा आईएनएस निपुण

> भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत को और बढ़ाने जा रही है। विशाखापत्तनम में बने अत्याधुनिक डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निपुण को 31 अगस्त को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/ins-nipun-to-join-indian-navy-on-august-31-a-new-deep-sea-diving-and-rescue-vessel-21842 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय नौसेना, आईएनएस निपुण, डाइविंग सपोर्ट वेसल, हिंदुस्तान शिपयार्ड, पनडुब्बी बचाव, आत्मनिर्भर भारत

समंदर की अथाह गहराइयों में भारत की सामरिक ताकत को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और अत्याधुनिक पोत शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की ओर से निर्मित इस खास पोत को आईएनएस निपुण नाम दिया गया है, जिसे आगामी 31 अगस्त को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में एक गरिमामयी समारोह के दौरान औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना को सौंपा जाएगा। गहरे पानी में डाइविंग करने, पानी के भीतर जटिल अभियानों को अंजाम देने, सल्वेज कार्यों और पनडुब्बी बचाव अभियानों के लिहाज से इस पोत को एक बड़ा बदलाव लाने वाला प्लेटफॉर्म माना जा रहा है। इसके आधिकारिक क्रेस्ट में व्हेल मछली और आधुनिक डाइविंग हेलमेट को स्थान दिया गया है, जो इसके समुद्री अभियानों में महारत और सुरक्षा के संकल्प को दर्शाता है।

 

## आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ता कदम

यह नया पोत पूरी तरह से देश में ही तैयार किया गया है, जो भारत की बढ़ती जहाज निर्माण क्षमताओं का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। इसे आधिकारिक तौर पर पिछले महीने 30 जुलाई को विशाखापत्तनम में ही नौसेना को सौंप दिया गया था। यह पोत निस्तार क्लास का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके करीब 75 फीसदी पुर्जे स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं, जो रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं।

 

## गहरे समुद्र में डाइविंग और बचाव अभियान

संस्कृत भाषा के शब्द निपुण का शाब्दिक अर्थ किसी विशेष कार्य में दक्ष, कुशल या विशेषज्ञ होना होता है। इस पोत के नाम के अनुरूप ही इसके डिजाइन और क्षमताओं को गढ़ा गया है। इसे विशेष तौर पर उन अभियानों के लिए तैयार किया गया है जहां नौसेना के कर्मियों को समुद्र के भीतर लंबी अवधि तक टिक कर काम करना पड़ता है। पोत में अत्याधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से गोताखोर गहरे समुद्र में आने वाली हर चुनौती का सामना कर सकेंगे। यह पोत डीप-सी सैचुरेशन डाइविंग की क्षमता से लैस है, जिसके लिए इसमें विशेष डाइविंग सुविधाएं और साइड डाइविंग स्टेज का प्रावधान किया गया है।

 

## पनडुब्बी संकट में मददगार बनेगी मदर शिप

किसी भी आपात स्थिति में पनडुब्बी में फंसे नौसैनिकों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इस पोत की सबसे खास क्षमताओं में से एक इसकी वह भूमिका है जिसके तहत यह पनडुब्बी बचाव पोत के लिए मदर शिप के रूप में काम करेगा। यदि समंदर के भीतर किसी पनडुब्बी के साथ कोई अनहोनी या आपात स्थिति पैदा हो जाती है, तो यह पोत रेस्क्यू ऑपरेशन को मजबूत आधार देगा। डीएआरवी के माध्यम से पनडुब्बी के अंदर फंसे कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान में मदर शिप की यह भूमिका बेहद अहम साबित होगी। यह पोत ऐसे सभी अभियानों के दौरान समंदर के बीचोंबीच जरूरी लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल सपोर्ट मुहैया कराएगा।

 

## रिमोट ऑपरेटेड वाहनों से लैस आधुनिक तकनीक

आईएनएस निपुण केवल गोताखोरों को सहारा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीकों का भी भरपूर इस्तेमाल किया गया है। पोत पर रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल यानी आरओवी भी तैनात किए गए हैं, जो पानी के नीचे निगरानी रखने और मलबा हटाने या सल्वेज ऑपरेशन चलाने के काम को और ज्यादा असरदार बनाते हैं। इन आधुनिक उपकरणों की मदद से समंदर की तह में मौजूद किसी भी वस्तु या संरचना पर बारीक नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा, ये उपकरण गोताखोरों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए पानी के भीतर किसी खोई हुई वस्तु को खोजने में भी खासे मददगार साबित होंगे। इससे नौसेना को उन संवेदनशील स्थानों पर भी आसानी से ऑपरेशन चलाने में मदद मिलेगी जहां इंसानी गोताखोरों को सीधे तौर पर भेजना जोखिम भरा हो सकता है।

 

## कठिन समुद्री मौसम में भी लंबी तैनाती

अक्सर समंदर के भीतर मौसम और पानी के हालात बेहद प्रतिकूल और चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। इन तमाम मुश्किल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही इस पोत को डिजाइन किया गया है, ताकि यह लंबे समय तक लगातार डाइविंग अभियानों को सपोर्ट कर सके। इसके अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण इसे केवल डीप-सी डाइविंग तक सीमित नहीं रखते, बल्कि अंडरवाटर इंटरवेंशन और समुद्री राहत कार्यों के लिए भी एक आदर्श मंच बनाते हैं। नौसेना के लिए इस तरह की क्षमताओं का होना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि रक्षात्मक गतिविधियों के अलावा दुर्घटनाओं के वक्त मलबा हटाने और अन्य पानी के नीचे होने वाले कामों के लिए विशेष जहाजों की आवश्यकता पड़ती है।

 

## क्रेस्ट पर उकेरी गई व्हेल और हेलमेट की शक्ति

इस पोत की पहचान से जुड़े इसके खास क्रेस्ट में व्हेल और डाइविंग हेलमेट को प्रमुखता से शामिल किया गया है। विशालकाय व्हेल मछली को समुद्र की अथाह गहराइयों में लंबे समय तक रहने की उसकी क्षमता, अपार ताकत और सहनशक्ति का प्रतीक माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, डाइविंग हेलमेट सीधे तौर पर इस पोत के मूल उद्देश्य को उजागर करता है, जो गोताखोरों को पानी के नीचे सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम करने की ताकत देता है। इस प्रकार पोत का नाम और उसका प्रतीक चिह्न दोनों ही मिलकर इसकी समुद्री भूमिका को पूरी सटीकता के साथ बयां करते हैं।

 

## विशाखापत्तनम से मुंबई तक का सफर

विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के कारखानों में तैयार किया गया यह पोत अब अपनी औपचारिक तैनाती के लिए मुंबई पहुंच रहा है। 31 अगस्त को होने वाले इस कमीशनिंग समारोह के साथ ही भारतीय नौसेना की समुद्र के भीतर की क्षमताएं और अधिक सुदृढ़ हो जाएंगी। समंदर के नीचे किसी भी पनडुब्बी या अन्य सैन्य उपकरण के साथ होने वाली आपात स्थिति में हर एक पल की कीमत होती है। ऐसे में एक ऐसा पोत होना जो गोताखोरों से लेकर आधुनिक रेस्क्यू सिस्टम और आरओवी को एक साथ लेकर एक ही स्थान पर पहुंच सके, नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों को एक नई ऊंचाई देता है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह पोत भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र में खोजबीन, बचाव और पनडुब्बी संकट से निपटने की क्षमताओं को बहुत मजबूत करेगा।

**मुंबई में:** मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में इस पोत के आधिकारिक रूप से शामिल होने से देश के प्रमुख नौसैनिक केंद्रों में रणनीतिक और साजो-सामान से जुड़ी ताकत में इज़ाफा होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. आईएनएस निपुण को नौसेना में कब शामिल किया जाएगा?
आईएनएस निपुण को 31 अगस्त को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा।

### 2. आईएनएस निपुण का निर्माण किसने किया है?
इस पोत का निर्माण विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है।

### 3. आईएनएस निपुण किस क्लास का पोत है?
यह पोत निस्तार क्लास का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल है।

### 4. इस पोत में स्वदेशी पुर्जों की हिस्सेदारी कितनी है?
आईएनएस निपुण लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी पुर्जों और उपकरणों से तैयार किया गया है।

### 5. आईएनएस निपुण का मुख्य कार्य क्या है?
यह पोत गहरे समुद्र में डाइविंग, अंडरवाटर इंटरवेंशन, सल्वेज कार्यों और पनडुब्बी बचाव अभियानों में सहायता प्रदान करेगा।

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