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  "type": "article",
  "title": "जब अहमदाबाद धमाकों की जांच के लिए मोदी ने शाह से कहा, अजित डोभाल को बुलाओ",
  "summary": "पुणे के एक पुरस्कार समारोह में अमित शाह ने बताया कि अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के बाद नरेंद्र मोदी के कहने पर हुई अजित डोभाल से पहली मुलाकात ने कैसे गुजरात पुलिस को देशभर के 13 बम धमाकों की गुत्थी सुलझाने में मदद की।",
  "content": "केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में देश के सामने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ उनका जुड़ाव आखिर शुरू कैसे हुआ, और इस किस्से के आखिर में खुद शाह को यह मानना पड़ा कि डोभाल वाकई बंदे में दम रखते हैं। यह किस्सा शाह ने पुणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में साझा किया, जहां अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।\n\nपुणे के मंच से पुरानी यादों का जिक्र\nजिस समारोह में अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया, वहां बोलते हुए अमित शाह ने बताया कि वे डोभाल को तब से जानते थे, जब वे खुद गुजरात के गृहमंत्री थे। लेकिन दोनों के बीच निजी तौर पर मुलाकात अहमदाबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट से पहले तक नहीं हुई थी। उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे।\n\nधमाकों के बाद मोदी ने दिया यह निर्देश\nशाह के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा था कि अहमदाबाद धमाके को महज एक इकलौती घटना मानकर नहीं चलना चाहिए, हर धमाके के पीछे कुछ लोग सक्रिय होते हैं, और देशभर में हुए सभी बम धमाकों की जांच गुजरात पुलिस को अपने हाथ में लेनी चाहिए। इसके बाद मोदी ने शाह से कहा कि वे अजित डोभाल को बुलाएं और गुजरात पुलिस के कुछ अफसरों के साथ उनकी बैठक करवाएं।\n\nदोपहर में घर पर हुई वह मुलाकात\nअमित शाह ने बताया कि उन्हें आज भी अच्छी तरह याद है कि अजित डोभाल दोपहर के वक्त उनसे मिलने खुद उनके घर पहुंचे थे। इस मुलाकात के दौरान डोभाल ने शाह और गुजरात पुलिस की टीम को कुछ अहम सुझाव और जानकारियां दी थीं।\n\nतेरह धमाकों की गुत्थी एक साथ सुलझी\nशाह ने आगे बताया कि डोभाल की इन्हीं टिप्स का नतीजा बेहद बड़ा निकला। गुजरात पुलिस केवल अहमदाबाद बम धमाके तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में हुए सभी 13 बम धमाकों को एक साथ, एक ही जांच में सुलझा दिया गया। शाह ने कहा कि डोभाल की मदद से गुजरात पुलिस को उस दौर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल हुई थी, और यही वह मुलाकात थी जिसने उन्हें डोभाल की काबिलियत का पहला अहसास कराया।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह किस्सा बताता है कि बड़े आतंकी हमलों की जांच में अलग-अलग एजेंसियों और अफसरों के बीच तालमेल कितना अहम होता है, जो आज भी देश की सुरक्षा व्यवस्था की नींव है।\n• गुजरात में: अहमदाबाद धमाकों की जांच में मिली इस कामयाबी ने उस दौर में गुजरात पुलिस की साख और क्षमता को काफी मजबूत किया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमित शाह ने अजित डोभाल से जुड़ा यह किस्सा कहां सुनाया?\nउन्होंने यह किस्सा पुणे में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में सुनाया, जहां अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।\n\n2. अमित शाह और अजित डोभाल की निजी मुलाकात कब हुई थी?\nदोनों की निजी मुलाकात अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के बाद हुई थी, इससे पहले शाह सिर्फ डोभाल को जानते भर थे।\n\n3. उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री कौन थे?\nउस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे।\n\n4. मोदी ने अमित शाह को क्या निर्देश दिया था?\nमोदी ने कहा था कि सभी बम धमाकों की जांच गुजरात पुलिस को करनी चाहिए और अजित डोभाल को बुलाकर पुलिस अफसरों से चर्चा करवानी चाहिए।\n\n5. अजित डोभाल की मदद से क्या नतीजा निकला?\nउनके सुझावों के बाद गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद समेत देशभर के सभी 13 बम धमाकों को एक साथ सुलझा दिया।\n\n6. अजित डोभाल को यह पुरस्कार क्यों दिया गया?\nउन्हें पुणे के समारोह में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-08-01",
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