# जयपुर में यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और पुलिसकर्मी बनकर दो दर्जन ठगी करने वाला अरुण शर्मा गिरफ्तार

> जयपुर पुलिस की मुहाना थाना टीम ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर छात्रों से पैसे ऐंठने और बाद में खुद नकली पुलिस अफसर बनकर ब्लैकमेल करने वाले शातिर ठग अरुण शर्मा को ब्रह्मपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/jaipur-men-yunivarsiti-prophesara-aura-pulisakarmi-banakara-do-darjana-thagi-karane-vala-arun-sharma-giraphtara-16038 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर समाचार, राजस्थान क्राइम, ऑनलाइन ठगी, जयपुर पुलिस, साइबर क्राइम, गिरफ्तारी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये ठगने वाले एक बेहद शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी अलग-अलग फर्जी नामों से सोशल मीडिया पर पहचान बदलकर कभी कॉलेज का प्रोफेसर, कभी इंजीनियर, तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाता था। मुहाना पुलिस थाने की विशेष टीम ने अत्याधुनिक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और फर्जी प्रोफाइल की जांच के बाद इस शातिर मास्टरमाइंड को ब्रह्मपुरी इलाके से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने ठगी, रंगदारी और धोखाधड़ी की करीब दो दर्जन घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है।

## प्रोफेसर बनकर छात्रों को झांसे में लेने का अनोखा तरीका
जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरुण शर्मा के रूप में हुई है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सुनील मीणा, सुनील शर्मा और विजय शर्मा जैसे कई फर्जी नामों से आईडी बनाकर सक्रिय रहता था। अपनी इन फर्जी प्रोफाइल्स पर वह खुद को RTU का प्रोफेसर या वरिष्ठ इंजीनियर बताता था। इस फर्जी पहचान के आधार पर वह इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां के फैकल्टी सदस्यों से संपर्क साधकर दोस्ती बढ़ाता था। इसके बाद वह परीक्षाओं में फेल हुए छात्रों को पास कराने, कम अंक पाने वालों के नंबर बढ़वाने, बैक पेपर्स क्लियर कराने और रीवैल्यूएशन से जुड़े प्रशासनिक कार्य कराने का झूठा भरोसा दिलाता था। छात्र जब उसकी बातों में आ जाते थे, तो वह काम कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम अपने बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेता था।

## ठगी के बाद खुद ही नकली पुलिस अफसर बनकर पहुंच जाता था घर
पैसे ऐंठने के बाद आरोपी का ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता था। रकम ट्रांसफर होने के बाद अरुण शर्मा पीड़ितों के घर का पता हासिल कर लेता था और कुछ समय बाद स्वयं पुलिसकर्मी का रूप धारण करके उनके घर पहुंच जाता था। खुद को गांधी नगर थाने का कर्मचारी या पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम का सदस्य बताकर वह पीड़ितों को तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी देता था। आरोपी पीड़ितों को डराता था कि उन्होंने जिस खाते में पैसे भेजे हैं, वह एक कुख्यात अपराधी का है और इस अवैध लेनदेन के कारण वे भी अब जेल जा सकते हैं। कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से घबराकर पीड़ित छात्र और उनके परिवार वाले उसे दोबारा बड़ी रकम नकदी के रूप में सौंप देते थे।

## सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी और सट्टा कारोबारियों से वसूली
पुलिस की विस्तृत पड़ताल में आरोपी अरुण शर्मा के कई अन्य आपराधिक कारनामों का भी भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी खुद को एक बड़ा नर्सिंग अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी अस्पतालों में स्थायी नौकरी लगवाने का लालच देता था और इस झांसे में लेकर उसने कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। इसके अतिरिक्त, वह शहर में सट्टा चलाने वाले कारोबारियों को चिन्हित करता था और पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम का सदस्य बनकर उन पर छापेमारी और पुलिस कार्रवाई का खौफ दिखाता था। इस खौफ का फायदा उठाकर वह उनसे भी नियमित रूप से मोटी रकम की वसूली करता था। मुहाना थाना पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी अरुण शर्मा एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली, मारपीट और जालसाजी के कई अलग-अलग मामले दर्ज हो चुके हैं।

## सीसीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों से ऐसे हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुहाना थाना पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया था। पुलिस टीम ने डिजिटल सर्विलांस का सहारा लेते हुए आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जा रही फर्जी फेसबुक आईडी, मोबाइल कॉल डेटा रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रैकिंग का गहन विश्लेषण किया। इसके साथ ही संभावित संदिग्ध ठिकानों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला गया। तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी की सटीक लोकेशन ब्रह्मपुरी इलाके में मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी करके अरुण शर्मा को धर दबोचा। फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिससे ठगी की शिकार अन्य पीड़ितों और उसकी अवैध संपत्ति से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों द्वारा परीक्षा पास कराने या सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांगने पर तुरंत सतर्क रहें।

**जयपुर में:** यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर घर पर पैसे ऐंठने की कोशिश करे तो तुरंत नजदीकी थाने में संपर्क करें और पहचान की पुष्टि करें।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर पुलिस ने किस आरोपी को गिरफ्तार किया है?
जयपुर पुलिस की मुहाना थाना टीम ने फर्जी प्रोफेसर और नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले आरोपी अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है।

### 2. आरोपी सोशल मीडिया पर किन फर्जी नामों का इस्तेमाल करता था?
आरोपी फेसबुक पर सुनील मीणा, सुनील शर्मा और विजय शर्मा जैसे फर्जी नामों से प्रोफाइल बनाकर ठगी करता था।

### 3. आरोपी छात्रों को क्या झांसा देकर पैसे लेता था?
वह खुद को RTU का प्रोफेसर या इंजीनियर बताकर फेल छात्रों को पास कराने, अंक बढ़ाने और रीवैल्यूएशन कराने का झांसा देकर बैंक खातों में पैसे मंगवाता था।

### 4. पैसे लेने के बाद आरोपी पीड़ितों को कैसे ब्लैकमेल करता था?
पैसे ऐंठने के बाद वह खुद पुलिसकर्मी बनकर पीड़ितों के घर पहुंच जाता था और गिरफ्तारी व जेल का डर दिखाकर दोबारा नकदी वसूलता था।

### 5. पुलिस ने आरोपी को किस जगह से और कैसे पकड़ा?
मुहाना थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फर्जी फेसबुक आईडी और मोबाइल डेटा की मदद से आरोपी को जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके से गिरफ्तार किया।

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