जाम देख भड़के केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, टोल प्लाजा के गेट खुलवाकर मिनटों में साफ कराया 2 किलोमीटर लंबा जाम केरल के त्रिशूर में पालियेक्करा टोल प्लाजा पर दो किलोमीटर लंबे जाम में फंसे लोगों को देख केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने खुद उतरकर सभी गेट खुलवा दिए, जिससे कुछ ही मिनटों में जाम पूरी तरह साफ हो गया। केरल के त्रिशूर जिले से गुजरने वाले कोच्चि-सलेम नेशनल हाईवे पर रविवार शाम एक ऐसा नजारा दिखा जो आमतौर पर वीकेंड पर होने वाली परेशानी की मिसाल था। पालियेक्करा टोल प्लाजा की तरफ बढ़ने वाली गाड़ियां करीब दो किलोमीटर पीछे से ही रेंगने लगी थीं और घंटों की इस धीमी रफ्तार ने यात्रियों को बुरी तरह थका दिया था। ठीक उसी वक्त उस रास्ते से केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का काफिला गुजरने वाला था। मंत्री ने खुद उतरकर दिया गेट खोलने का आदेश वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के तहत आगे चल रही पायलट गाड़ी ने भीड़ के बीच से रास्ता निकालते हुए सुरेश गोपी की कार को टोल बूथ तक पहुंचा दिया। आम तौर पर ऐसे मौकों पर काफिला बिना रुके आगे बढ़ जाता है, लेकिन इस बार मंत्री ने खुद अपनी गाड़ी वहीं रुकवा दी। वे कार से बाहर निकले, सीधे टोल बूथ की तरफ चल पड़े और वहां मौजूद कर्मचारियों से साफ शब्दों में कहा कि हर लेन का गेट तुरंत खोल दिया जाए। उनका निर्देश एकदम स्पष्ट था, किसी भी वाहन से एक रुपया भी टोल लिए बिना उसे आगे जाने दिया जाए। सुरक्षाकर्मियों ने उठाए बैरियर, मिनटों में गायब हुआ जाम मंत्री के इस सख्त रुख को देखकर उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी भी बिना देर किए आगे आए और उन्होंने खुद टोल बैरियर उठवा दिए। इसके बाद सड़क का पूरा नजारा ही बदल गया, जो गाड़ियां घंटों से थमी हुई थीं, वे अचानक रफ्तार पकड़ने लगीं। जो जाम कई घंटों से सड़क को जकड़े हुए था, वह चंद मिनटों के भीतर पूरी तरह साफ हो गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री अपनी आगे की मंजिल एर्नाकुलम के लिए रवाना हो गए। खास बात यह है कि पालियेक्करा टोल प्लाजा सुरेश गोपी के अपने ही संसदीय क्षेत्र में आता है, और छुट्टी के दिनों या वीकेंड पर यहां भारी जाम लगना कोई नई बात नहीं है, यह पहले भी कई बार देखा जा चुका है। मंत्री ने साफ किया कि उन्होंने यह कदम किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उठाया। कतार में खड़े लोगों का गुस्सा भांप लिया था मंत्री ने इसके बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में सुरेश गोपी ने बताया कि जब उनकी गाड़ी जाम को चीरते हुए आगे बढ़ रही थी, तब उन्होंने कतार में फंसे लोगों के चेहरों पर साफ नाराजगी और खीज देखी थी। उन्हें उसी वक्त एहसास हो गया था कि आम यात्री उस पल क्या झेल रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि कई लोग मेरे काफिले को देखकर नाराज थे, लेकिन मुझे संतुष्टि है कि इससे उन सबको राहत मिली।" कानून का हवाला देकर बताई गेट खोलने की वजह सुरेश गोपी ने अपने इस फैसले के पीछे की वजह भी विस्तार से बताई। उन्होंने कहा कि जब किसी टोल प्लाजा पर तय सीमा से ज्यादा लंबी कतार लग जाए, तो मौजूदा अदालती निर्देशों के मुताबिक गेट खोलकर वाहनों को आगे निकालना ही एकमात्र रास्ता बचता है। उन्होंने यह भी समझाया कि घंटों तक इंजन चालू हालत में खड़े रहने से न सिर्फ भारी मात्रा में ईंधन बेकार जलता है, बल्कि इससे निकलने वाला धुआं आसपास के इलाके में प्रदूषण और गर्मी दोनों को बढ़ा देता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों पर पूरा दोष मढ़ना ठीक नहीं है, क्योंकि तय टैक्स वसूलना उनकी ड्यूटी का ही हिस्सा है। मंत्री के मुताबिक इसका असली समाधान यह है कि वीकेंड और भारी ट्रैफिक वाले दिनों में जिला प्रशासन, स्थानीय अधिकारी और पुलिस आपस में तालमेल बिठाकर लगातार निगरानी करें, ताकि आम यात्रियों को बार-बार इस तरह की मुसीबत का सामना न करना पड़े। इसका आप पर असर अगर आप भी अक्सर टोल प्लाजा से गुजरते हैं, तो यह घटना याद दिलाती है कि लंबी कतार लगने पर टोल फ्री कराने का नियम पहले से मौजूद है। • भारत में: देशभर के टोल प्लाजा पर अगर तय सीमा से ज्यादा लंबी कतार लगती है तो अदालत के निर्देशों के मुताबिक गेट खोलकर वाहनों को मुफ्त निकालने का प्रावधान है। यात्री अब इस नियम का हवाला देकर टोल कर्मचारियों या प्रशासन से गेट खुलवाने की मांग कर सकते हैं। • त्रिशूर, केरल में: पालियेक्करा टोल प्लाजा पर वीकेंड और छुट्टियों में अक्सर भारी जाम लगता है। स्थानीय यात्रियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर नियमित निगरानी करेंगे ताकि बार-बार घंटों जाम में न फंसना पड़े। • ईंधन और समय की बचत: घंटों जाम में खड़े रहने से गाड़ी का ईंधन बेवजह जलता है। गेट जल्दी खुलने से यात्रियों का पैसा और समय दोनों बचेगा। • प्रदूषण पर असर: लंबे समय तक इंजन चालू रहने से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है। जाम जल्दी साफ होने से आसपास के इलाकों की हवा भी बेहतर रहेगी। सवाल-जवाब 1. यह घटना कब और कहां हुई? रविवार शाम को केरल के त्रिशूर जिले में कोच्चि-सलेम नेशनल हाईवे पर पालियेक्करा टोल प्लाजा के पास। 2. जाम कितना लंबा था? करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी थी। 3. मंत्री ने टोल बूथ पर क्या आदेश दिया? उन्होंने टोल बूथ पर पहुंचकर सभी गेट खोलने और बिना टोल लिए वाहनों को निकालने का निर्देश दिया। 4. जाम कितनी देर में साफ हुआ? बैरियर हटते ही कुछ ही मिनटों में जाम पूरी तरह साफ हो गया। 5. सुरेश गोपी ने अपने फैसले की वजह क्या बताई? उन्होंने कहा कि तय सीमा से ज्यादा कतार लगने पर अदालत के निर्देशों के मुताबिक गेट खोलना जरूरी होता है। 6. क्या यह टोल प्लाजा मंत्री के क्षेत्र में आता है? हां, पालियेक्करा टोल प्लाजा सुरेश गोपी के संसदीय क्षेत्र में ही स्थित है। https://trendkia.com/national/jama-dekha-bharake-kendriya-mntri-suresh-gopi-tola-plaja-ke-geta-khulavakara-minaton-men-sapha-karaya-2-kilomitara-lnba-jama-28699 TrendKia — Har trend, sabse pehle.