# जंतर-मंतर पर चल रहे नीट प्रदर्शन से कॉकरोच जनता पार्टी के नेता ने स्वास्थ्य कारणों से ली अल्पकालिक दूरी

> कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके तेज बुखार और शरीर में दर्द के कारण आज जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने शाम तक लौटने का संकल्प लिया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/jantar-mantar-para-chala-rahe-neet-pradarshana-se-cockroach-janta-party-ke-neta-ne-svasthya-karanon-se-li-alpakalika-duri-10097 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट प्रदर्शन, अभिजीत दिपके, जंतर-मंतर, धर्मेंद्र प्रधान, सोनम वांगचुक, नीट पेपर लीक

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में गुरुवार को एक प्रमुख चेहरे की अस्थायी अनुपस्थिति देखी गई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि तेज बुखार और शरीर में गंभीर दर्द से जूझने के कारण वह दिन के समय धरना स्थल पर मौजूद नहीं रह पाएंगे। छात्र आंदोलन के मोर्चे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए पिछले कई दिनों से दर्द निवारक दवाओं के सहारे काम चलाने के बावजूद, गिरते स्वास्थ्य ने उन्हें कुछ समय के लिए आराम करने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह केवल शारीरिक सुधार के लिए एक छोटा सा विराम है और वह शाम तक विरोध स्थल पर लौट आएंगे, ताकि सरकार के खिलाफ आंदोलन की गति धीमी न पड़े।

## सोशल मीडिया के जरिए दी स्वास्थ्य की जानकारी
इस बड़े प्रदर्शन से अचानक दूर रहने की सूचना सुबह एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से साझा की गई। पिछले कुछ दिनों के अपने शारीरिक संघर्ष का विवरण देते हुए, पार्टी प्रमुख ने बताया कि लगातार धरने की कठोर मांगों को पूरा करने के लिए वह काफी हद तक दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर थे। अपनी शारीरिक सीमाओं को स्वीकार करते हुए, उन्होंने ठीक होने के लिए कुछ घंटों के पूर्ण विश्राम की परम आवश्यकता पर जोर दिया। एक्स पर लिखते हुए उन्होंने कहा, "अगर आज मैं जंतर-मंतर पर न दिखूं तो माफ कीजिएगा।" उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि उनका संकल्प अडिग है और दिन ढलने के बाद धरना स्थल पर उनकी वापसी निश्चित है। उनके स्वास्थ्य को लेकर यह पारदर्शिता आंदोलन की निरंतरता पर किसी भी तरह की अटकलों को रोकने के उद्देश्य से थी।

## केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अटल
नेतृत्व की उपस्थिति में इस अस्थायी रुकावट के बावजूद, प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से अपरिवर्तित बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की अपनी मांग पर मजबूती से कायम है। इस राजनीतिक दल ने बड़े पैमाने पर हुई परीक्षा अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिए गए आश्वासनों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री का बयान इतने बड़े संकट के लिए आवश्यक ठोस जवाबदेही से काफी पीछे है। उन्होंने ऐलान किया है कि यह विरोध प्रदर्शन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा और जब तक शिक्षा मंत्री औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक इसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। आंदोलनकारियों का जोर इस बात पर है कि केवल उच्च स्तर पर होने वाले इस्तीफे ही व्यवस्था में विश्वास बहाल कर सकते हैं।

## भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील
जैसे-जैसे आंदोलन लंबा खिंच रहा है, न केवल पार्टी अध्यक्ष बल्कि प्रदर्शन में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख चेहरों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंताएं बढ़ रही हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक लगातार भूख हड़ताल कर रहे हैं, जो अब अपने 26वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उपवास की इस लंबी अवधि ने स्वाभाविक रूप से उनके शारीरिक स्वास्थ्य और भलाई को लेकर बड़े खतरे की घंटी बजा दी है। इस गंभीर होती स्थिति को समझते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से उनसे अपना उपवास समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि सोनम सर अपनी जान जोखिम में डालें।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका जीवन देश के लिए बेहद मूल्यवान है। इस कठोर उपवास को समाप्त करने का अनुरोध करते हुए, पार्टी ने दोहराया कि छात्रों के न्याय के लिए यह व्यापक संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा।

## सरकारी वार्ता और पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी
विरोध कर रहे समूहों और केंद्र सरकार के बीच संबंध बातचीत के एक बेहद असंतोषजनक प्रयास के बाद और अधिक बिगड़ गए हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हाल ही में हुई एक निर्धारित बैठक का जिक्र करते हुए, आंदोलन के नेतृत्व ने घोर अपमान और प्रशासनिक धोखाधड़ी की भावना को उजागर किया। आरोप है कि छात्र प्रतिनिधिमंडल को पूरे पांच घंटे तक गलियारों में इंतजार कराया गया, जिसके बाद उन्हें राजनीतिक नेतृत्व के साथ केवल दस मिनट की संक्षिप्त बातचीत का समय दिया गया। आक्रोश को और बढ़ाते हुए, जब प्रतिनिधि कथित तौर पर शांतिपूर्ण चर्चा में लगे हुए थे, उसी समय अधिकारियों ने एक अन्य स्थान पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ शारीरिक बल का प्रयोग किया। सतही बातचीत और भारी पुलिस कार्रवाई के इस दोहरे रवैये ने प्रदर्शनकारियों के संकल्प को और भी अधिक मजबूत कर दिया है।

## भविष्य की बातचीत के लिए सख्त शर्तें
पिछली बैठक के दौरान विश्वास के पूरी तरह से टूटने के बाद, आंदोलन ने प्रशासन के साथ भविष्य की किसी भी बातचीत को लेकर एक सख्त सीमा रेखा खींच दी है। नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अब चर्चा के लिए सरकारी कार्यालयों या मंत्री के आवासों पर नहीं जाएंगे। अगर प्रशासन वास्तव में इस संकट का समाधान चाहता है, तो राजनीतिक प्रतिनिधियों को अब सीधे जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल पर आकर छात्रों के साथ खुले तौर पर बातचीत करनी होगी। जेपी नड्डा द्वारा हाल ही में लगाए गए उन आरोपों का जवाब देते हुए, जिसमें चल रहे आंदोलन को वास्तविक छात्र आंदोलन के बजाय राजनीति से प्रेरित अभियान बताया गया था, पार्टी ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य परीक्षा में हुई धांधली से प्रभावित हजारों छात्रों के लिए न्याय सुनिश्चित करना है, और वे किसी भी राजनीतिक हमले से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** नीट प्रदर्शनों के जारी रहने का अर्थ है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर विवाद अभी अनसुलझा है, जिससे देश भर के मेडिकल छात्रों का भविष्य और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
- **दिल्ली में:** जंतर-मंतर क्षेत्र के आसपास दैनिक यात्रियों को लगातार पुलिस की मौजूदगी और यातायात में मामूली बदलावों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि यह राजनीतिक प्रदर्शन अनिश्चित काल के लिए बढ़ गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. अभिजीत दिपके आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में क्यों शामिल नहीं हुए?
वह तेज बुखार और शरीर में गंभीर दर्द से पीड़ित हैं, जिसके कारण उन्हें शाम को लौटने से पहले कुछ घंटों तक आराम करने की आवश्यकता है।

### 2. कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांग क्या है?
पार्टी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है।

### 3. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को कितने दिन हो गए हैं?
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अपने 26वें दिन में प्रवेश कर गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

### 4. प्रदर्शनकारियों और जेपी नड्डा के बीच हुई बैठक में क्या हुआ?
छात्र प्रतिनिधिमंडल को केवल दस मिनट की बैठक के लिए पांच घंटे तक इंतजार कराया गया, जबकि उसी समय पुलिस ने अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग किया।

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