जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में दिखा कुख्यात बदमाश हाफी अफजल, पुलिस कर रही 20 जुलाई की हिंसा की जांच दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की पार्षद के पति और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हाफी अफजल को नारेबाजी करते देखा गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित किया जा रहा प्रदर्शन लगातार जारी है, लेकिन अब यह आंदोलन एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारी लगातार NEET पेपर लीक मामले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और वे अपनी इस मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इसी बीच, एक तरफ जहां सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में अपना अनशन लगातार जारी रखे हुए हैं और सरकार उन्हें मनाने की हर संभव कोशिश में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ इस CJP प्रोटेस्ट में एक बेहद हैरान करने वाला नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी के इस अहम प्रदर्शन में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के शामिल होने का चौंकाने वाला कनेक्शन उजागर हुआ है, जिसने पूरे आंदोलन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोध प्रदर्शन के वीडियो में दिखा कुख्यात बदमाश हाल ही में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन का एक अहम वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कुख्यात आपराधिक तत्व की सक्रिय भागीदारी साफ तौर पर नजर आ रही है। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर घोषित किए जा चुके हाफी अफजल को इस वीडियो में अपने दर्जनों समर्थकों के बीच खड़े होकर जोर-शोर से नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। हाफी अफजल जैसे व्यक्ति की वहां मौजूदगी, जो पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में लंबी जेल की सजा काट चुका है, इस छात्र केंद्रित आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ को लेकर एक बड़ी चिंता पैदा करती है। इस पूरे मामले में एक बड़ा राजनीतिक पहलू यह भी है कि हाफी अफजल की पत्नी वर्तमान में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी हुई एक मौजूदा पार्षद हैं। हाफी अफजल का आपराधिक इतिहास और राजनीतिक रसूख जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को भड़की हिंसा और इस कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के बीच के सीधे कनेक्शन की अब पुलिस द्वारा बेहद गहनता से जांच की जा रही है। हाफी अफजल को मुख्य रूप से नॉर्थ ईस्ट दिल्ली इलाके का एक बेहद नामी और खूंखार बदमाश माना जाता है। पुलिस सूत्रों की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, हाफी अफजल अपने लंबे आपराधिक रिकॉर्ड के कारण उस पूरे इलाके में भारी दबदबा और खौफ कायम रखता है। इसके अलावा, उसकी राजनीतिक पहुंच भी काफी मजबूत है क्योंकि उसकी पत्नी हज्जन शकीला सीलमपुर के वार्ड नंबर 225 से आम आदमी पार्टी (AAP) की एक चुनी हुई मौजूदा पार्षद हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पूरी तरह पुष्टि की है कि हाफी अफजल अपने साथ कई लड़कों और समर्थकों की एक बड़ी भीड़ लेकर CJP के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा था, और अब उस दिन हुई घटना में उसकी सटीक भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आपराधिक मुकदमों की लंबी फेहरिस्त और पुरानी सजा आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड के पन्नों को पलटने पर हाफी अफजल से जुड़ा एक बेहद खौफनाक आपराधिक इतिहास सामने आता है। पुलिस के दस्तावेजों के मुताबिक, उसके खिलाफ अब तक अलग-अलग तरह के कुल 26 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन तमाम संगीन मामलों में हत्या, हत्या की सीधी कोशिश, अपहरण, मारपीट, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन, DPDP एक्ट और यहां तक कि बेहद सख्त माने जाने वाले MCOCA कानून के तहत दर्ज किए गए मामले भी शामिल हैं। उसका सबसे आखिरी दर्ज मामला FIR नंबर 296/2009 है, जिसे सीलमपुर थाने की पुलिस ने DPDP एक्ट की धारा 3 के तहत बाकायदा दर्ज किया था। इसके साथ ही, FIR नंबर 18/2009 में MCOCA एक्ट के तहत भी उसे एक बड़ी सजा का सामना करना पड़ा था। 28 अगस्त 2013 को अदालत ने उसे इस MCOCA मामले में पूरी तरह दोषी ठहराते हुए 6 साल की कठोर सजा सुनाई थी। संसद मार्च के दौरान हुई भारी हिंसा की पुलिस जांच कानून प्रवर्तन से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि हाफी अफजल अपने खिलाफ चल रहे अलग-अलग मामलों में मिली सजा की अवधि को पहले ही पूरी कर चुका है। लेकिन, जंतर-मंतर पर उसकी हालिया गतिविधियों ने उसे एक बार फिर से जांच एजेंसियों और पुलिस के रडार पर ला खड़ा किया है। पुलिस विभाग ने बताया कि हाफी अफजल अपने साथ कई लड़कों को लेकर 20 तारीख के उस बड़े प्रदर्शन में शामिल होने आया था। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें इस बात की बहुत बारीकी से जांच कर रही हैं कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जो अचानक हिंसा भड़की थी, क्या उसमें इस हिस्ट्रीशीटर की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी। गौरतलब है कि यह पूरी घटना NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में मचे भारी बवाल के बीच हुई है, जहां इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक एक बड़ा संग्राम लगातार जारी है। CJP का जारी धरना और पुलिस के साथ हुई झड़प कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 20-22 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रखे हुए है। यह पूरा आंदोलन, जिसकी अगुवाई इस समय मुख्य रूप से सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके कर रहे हैं, 20 जुलाई के दिन अचानक से काफी उग्र हो गया था। उसी दिन CJP ने अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर से सीधे संसद भवन की तरफ एक बड़ा मार्च निकाला था। लेकिन स्थिति उस समय पूरी तरह बेकाबू हो गई जब दिल्ली पुलिस ने आगे बढ़ते हुए प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर जाने से रोकने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच एक बहुत बड़ी झड़प हो गई। हालात को नियंत्रण में लाने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अंततः पुलिस को लाठीचार्ज का भी सहारा लेना पड़ा था। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना दिखाती है कि कैसे छात्र आंदोलनों में आपराधिक तत्वों की घुसपैठ शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को हिंसा में बदल सकती है। • दिल्ली में: आम लोगों को प्रदर्शन वाले इलाकों, विशेषकर जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सवाल-जवाब 1. हाफी अफजल कौन है? हाफी अफजल नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का एक हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर हत्या और अपहरण समेत 26 मामले दर्ज रहे हैं। 2. हाफी अफजल को जंतर-मंतर पर क्यों देखा गया? उसे 20 जुलाई को CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शन में अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए देखा गया था। 3. क्या हाफी अफजल का कोई राजनीतिक कनेक्शन है? हां, उसकी पत्नी हज्जन शकीला सीलमपुर से आम आदमी पार्टी (AAP) की मौजूदा पार्षद हैं। 4. CJP जंतर-मंतर पर प्रदर्शन क्यों कर रही है? CJP मुख्य रूप से NEET पेपर लीक मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। 5. 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था? CJP ने संसद की ओर मार्च निकाला था, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प और लाठीचार्ज हुआ था। https://trendkia.com/national/jantar-mantar-para-cjp-ke-pradarshana-men-dikha-kukhyata-badamasha-hafi-afzal-police-kara-rahi-20-july-ki-hinsa-ki-jancha-10009 TrendKia — Har trend, sabse pehle.