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  "type": "article",
  "title": "जंतर-मंतर प्रदर्शन में विवेक भगत पर जानलेवा हमला, विनीत कुमार ने सूझबूझ से बचाई जान",
  "summary": "दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत पर जानलेवा हमला हुआ, जिन्हें पुलिस टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित निकाला। इस झड़प में एक सिपाही को चाकू मारा गया और दूसरे की नाक की हड्डी टूट गई।",
  "content": "दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि बचाव दल पहुंचने में थोड़ी भी देर करता, तो कनॉट प्लेस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उग्र प्रदर्शनकारियों ने अधिकारी को चारों तरफ से घेरकर उन पर प्राणघातक हमला शुरू कर दिया था। इस आपातकालीन स्थिति में अपने आला अधिकारी को सुरक्षित निकालने के प्रयास में कई अन्य सुरक्षाकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक सिपाही की नाक की हड्डी टूट गई और दूसरे पुलिसकर्मी की पीठ में चाकू से वार किया गया।\n\nजंतर-मंतर पर उपद्रव की शुरुआत और सुरक्षा चक्र का टूटना\nराष्ट्रीय राजधानी का हृदय स्थल कहा जाने वाला जंतर-मंतर अक्सर विभिन्न प्रदर्शनों का केंद्र रहता है, लेकिन 22 जुलाई को यहां की परिस्थितियां अचानक नियंत्रण से बाहर हो गईं। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत अपने साथ केवल छह पुलिसकर्मियों की एक छोटी टीम लेकर कानून-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद कुछ अराजक तत्वों और भारी भीड़ ने पुलिस बल को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने एक हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। इस अचानक हुए हमले के कारण पुलिस टीम के सदस्यों को संभलने का मौका नहीं मिला और अफरा-तफरी के माहौल में सभी जवान एक-दूसरे से बिछड़ गए। भीड़ के हिंसक तेवर इतने तीखे थे कि सुरक्षा घेरा पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो गया और ACP विवेक भगत अकेले पड़ गए, जिसके बाद उन पर लगातार प्रहार किए जाने लगे।\n\nवायरलेस संदेश ने सक्रिय किया आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन\nभीड़ के हिंसक हमले के बीच फंसे ACP विवेक भगत की सुरक्षा को लेकर जब स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई, तब उनके साथ तैनात ऑपरेटर ने त्वरित सूझबूझ का परिचय दिया। ऑपरेटर ने तुरंत अपने वायरलेस सेट से पुलिस नियंत्रण कक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों को आपातकालीन संदेश प्रसारित किया। इस संदेश में स्पष्ट किया गया कि एसीपी पर जानलेवा हमला हो रहा है और वे उग्र भीड़ के बीच घिरे हुए हैं। वायरलेस पर प्रसारित हुए इस संकटकालीन संदेश को सुनते ही दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ (IFSO) यूनिट के पुलिस उपायुक्त (DCP) विनीत कुमार तुरंत हरकत में आए। उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी विशेष टीम और वहां तैनात रैपिड एक्शन फॉर (RAF) के जवानों को एकजुट किया और घटनास्थल की ओर कूच कर दिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का एकमात्र उद्देश्य किसी भी कीमत पर अपने घायल अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकालना था।\n\nबचाव दल पर पथराव और सुरक्षाकर्मियों पर हिंसक प्रहार\nDCP विनीत कुमार के नेतृत्व में जब रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो उनका सामना एक बेहद आक्रामक भीड़ से हुआ। उग्र प्रदर्शनकारियों ने न केवल मार्ग अवरुद्ध कर रखा था, बल्कि वे पुलिस बल को पीछे धकेलने के लिए लगातार पथराव भी कर रहे थे। इसके बावजूद, सुरक्षाबलों ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने ACP विवेक भगत को घेरे से बाहर निकालने का प्रयास किया, भीड़ ने बचाव दल पर भी सीधा हमला बोल दिया। इस हिंसक टकराव के दौरान पुलिस टीम के सदस्य ऑपरेटर राहुल सिवाच और कॉन्स्टेबल दीपक गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उपद्रवियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए कॉन्स्टेबल दीपक के चेहरे पर भारी प्रहार किया जिससे उनकी नाक की हड्डी टूट गई। वहीं दूसरी ओर, अराजक तत्वों ने ऑपरेटर राहुल सिवाच की कमर में पीछे से धारदार चाकू घोंप दिया। इन गंभीर चोटों के बावजूद जवानों ने अपना हौसला नहीं खोया और अभियान को जारी रखा।\n\nवीडियो फुटेज में कैद हुआ बचाव का वह खौफनाक मंजर\nइस पूरी हिंसक घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जो उस दिन के भयावह माहौल की गवाही देते हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि DCP विनीत कुमार हरे रंग का सुरक्षा हेलमेट पहने हुए हैं और वे अपनी जान की परवाह न करते हुए भीड़ के बीच घुस जाते हैं। वीडियो के दृश्यों में वे घायल ACP विवेक भगत को कमर से पकड़कर उपद्रवियों के चंगुल से बाहर खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मी और RAF के जवान ढाल बनकर उपद्रवियों को पीछे धकेल रहे हैं, ताकि घायल अधिकारी को सुरक्षित निकाला जा सके। इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों की मदद की, जिससे इस जटिल बचाव अभियान को समय रहते पूरा करने में सहायता मिली। डीसीपी विनीत कुमार ने बाद में पुष्टि की कि यदि टीम ने वहां पहुंचने में कुछ मिनटों का भी विलंब किया होता, तो परिणाम अत्यंत दुखद हो सकते थे क्योंकि एसीपी के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और भीड़ लगातार उन पर घात लगा रही थी।\n\nजांच प्रक्रिया और साक्ष्यों का संकलन\nजंतर-मंतर पर हुई इस गंभीर हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस की विभिन्न टीमें घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर उपलब्ध विभिन्न डिजिटल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी अधिकारियों के बयानों को आपस में जोड़कर घटना की कड़ियों को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।\n\nइस घटना के इतर, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षाबलों के रवैये को लेकर भी आत्ममंथन शुरू हो गया है। एक अन्य घटनाक्रम में, सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान जवानों द्वारा आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है, जिस पर RAF ने अपनी प्रशासनिक त्रुटि को स्वीकार किया है। जंतर-मंतर पर हुई इस हालिया हिंसा ने राष्ट्रीय राजधानी में संवेदनशील विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते टकराव की चुनौतियों को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।\n\nइसका आप पर असर\n• दिल्ली में: जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सकती है, जिससे आने-जाने वाले यात्रियों और आम जनता को अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ सकता है।\n• राष्ट्रीय स्तर पर: देश भर में होने वाले नागरिक प्रदर्शनों और रैलियों के दौरान सुरक्षा नियमों और भीड़ नियंत्रण के दिशा-निर्देशों को और अधिक सख्त किया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जंतर-मंतर पर हिंसा की यह घटना कब हुई थी?\nयह घटना 22 जुलाई को हुई जब छात्र प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल हिंसक हो गया था।\n\n2. एसीपी विवेक भगत को बचाने के दौरान कौन से पुलिसकर्मी घायल हुए?\nबचाव अभियान के दौरान ऑपरेटर राहुल सिवाच की कमर में चाकू घोंप दिया गया और कॉन्स्टेबल दीपक की नाक की हड्डी टूट गई।\n\n3. वायरल वीडियो में डीसीपी विनीत कुमार की पहचान कैसे हुई?\nवायरल वीडियो में डीसीपी विनीत कुमार एक हरे रंग का सुरक्षा हेलमेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसमें वे घायल एसीपी को भीड़ से सुरक्षित बाहर खींचते नजर आ रहे हैं।\n\n4. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?\nदिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान कर रही है ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-07-25",
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