# झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के बाद रांची में निकली आभार यात्रा, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने समाप्त किया 16 दिन का अनशन

> रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 25 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन सरकार द्वारा मांगें स्वीकार किए जाने के बाद समाप्त हो गया। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने पर छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक आभार यात्रा निकाली और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों की भूख हड़ताल खत्म की।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/jharkhand-sarakara-dvara-jssc-cgl-pariksha-radda-karane-ke-bada-ranchi-men-nikali-abhara-yatra-chhatra-neta-devendra-nath-mahato-n-18503 · **Language:** Hindi
**Tags:** रांची छात्र आंदोलन, देवेंद्र नाथ महतो, जेएसएससी सीबीएल, झारखंड समाचार, पेपर लीक, आभार यात्रा

झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 25 दिनों से चला आ रहा छात्रों का बड़ा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन का औपचारिक अंत घोषित किया गया। 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे छात्रों ने अपनी मांगों की स्वीकृति के बाद पूरे उत्साह के साथ एक भव्य आभार यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन और अनशन का प्रमुख चेहरा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। अनशन खत्म होते ही समर्थकों ने उन्हें अबीर-गुलाल से सराबोर कर दिया और जीत के इस क्षण में सभी छात्र जमकर झूमते नजर आए।

## जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक आभार यात्रा
छात्रों का यह आंदोलन 25 जुलाई को रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ था। भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश था। दो दिन पहले झारखंड सरकार ने छात्रों की सबसे प्रमुख मांग को मानते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस कदम के बाद छात्रों ने अपनी जीत का ऐलान किया और विरोध प्रदर्शन को धन्यवाद ज्ञापन में बदलते हुए आभार यात्रा का आयोजन किया।

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यह आभार यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्ग अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इस दौरान हजारों की संख्या में छात्र हाथों में तख्तियां और तिरंगा लिए शामिल हुए। 16 दिनों की कठिन भूख हड़ताल के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने जैसे ही अपना अनशन तोड़ा, वहां मौजूद समर्थकों ने उनका स्वागत किया। जटाओं पर अबीर लगाए देवेंद्र नाथ महतो ने समर्थकों के साथ खुशियां मनाईं और इस सफलता को परीक्षार्थियों के एकजुट संघर्ष का परिणाम बताया।

## शिक्षा माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख
अनशन समाप्त करने के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य की भर्ती प्रणाली पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की पावन धरती पर किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता आवश्यक है।

देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड के ऐतिहासिक संघर्ष का स्मरण कराते हुए कहा कि यह राज्य बिरसा मुंडा, फूलो-झानो और चांद-भैरव जैसे महान सेनानियों की भूमि है। उन्होंने कहा, **"हम शिक्षा माफिया को उसकी जड़ से पूरी तरह खत्म कर देंगे।"** उन्होंने चेतावनी दी कि नौकरी भर्ती में लॉबिंग, पेपर लीक और अनुचित तरीकों से युवाओं के अधिकारों का हनन अब राज्य में नहीं होने दिया जाएगा।

## सरकार को दो महीने की समय सीमा और चेतावनी
भले ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा धरना औपचारिक रूप से खत्म हो गया है, लेकिन छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी लड़ाई का यह केवल एक चरण है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के सामने अब अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है।

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छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार को बाकी बची मांगों और प्रशासनिक सुधारों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए दो महीने का समय दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस 2 महीने की अवधि के भीतर सरकार ने ठोस और संतोषजनक कदम नहीं उठाए, तो छात्र एक बार फिर सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। 25 दिनों तक चला यह आंदोलन फिलहाल थम गया है, परंतु 2 महीने बाद की स्थिति पूरी तरह सरकार की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के इस सफल आंदोलन से देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर दबाव बढ़ेगा।

**झारखंड में:** जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने से राज्य के हजारों युवाओं को अब पारदर्शी व्यवस्था के तहत परीक्षा देने का नया अवसर मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. रांची में छात्रों का आंदोलन क्यों चल रहा था?
छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक तथा अनियमितताओं को समाप्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

### 2. छात्र आंदोलन का नेतृत्व किसने किया और कितने दिन भूख हड़ताल की?
छात्र आंदोलन का नेतृत्व प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने किया, जिन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में 16 दिनों तक भूख हड़ताल की।

### 3. छात्रों की 'आभार यात्रा' का मार्ग क्या था?
छात्रों की यह आभार यात्रा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त हुई।

### 4. छात्रों ने सरकार को क्या अल्टीमेटम दिया है?
छात्र नेताओं ने अपनी शेष मांगों और भर्ती सुधारों पर ठोस कदम उठाने के लिए झारखंड सरकार को 2 महीने का समय दिया है।

### 5. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना कुल कितने दिनों तक चला?
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का यह धरना प्रदर्शन लगभग 25 दिनों तक चला, जिसकी शुरुआत 25 जुलाई को हुई थी।

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