जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को मंजूरी नहीं, दिल्ली पुलिस ने बताई वजह दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था, देर से आए आवेदन और नई दिल्ली क्षेत्र में लागू धारा 163 का हवाला देकर यह फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम के लिए संगठन को औपचारिक अनुमति देने से स्पष्ट मना कर दिया है। जंतर-मंतर पर इस जमावड़े की घोषणा के बाद से ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। इस प्रस्तावित आयोजन के प्रभाव के रूप में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई रेलगाड़ियां पहले ही रद्द कर दी गई हैं, जबकि दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अनुमति न देने के मुख्य कारण शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट सीपी नुपूर प्रसाद ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रदर्शन की इजाजत बहुत कम समय पहले मांगी गई थी, जिससे पर्याप्त सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना संभव नहीं था। इसके साथ ही नई दिल्ली इलाके में पहले से ही प्रतिबंधात्मक नियम लागू हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इतने कम समय में मिली सूचना के आधार पर संवेदनशील क्षेत्र में किसी बड़े जमावड़े की इजाजत नहीं दी जा सकती। भारतीय न्याय संहिता के प्रतिबंधात्मक नियम और पुराना आचरण दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 पहले से प्रभाव में है। इस कानूनी व्यवस्था के तहत सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक प्रावधान किए गए हैं। पुलिस ने यह भी रेखांकित किया कि इस संगठन का पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान आचरण नियमों के अनुरूप नहीं रहा था। पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों में आयोजकों ने तय शर्तों और अपने लिखित आश्वासनों का पालन नहीं किया था। इसी पृष्ठभूमि और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस बार जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के धरने या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है। देरी से मिला पत्र और सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस विवरण के मुताबिक, सौरभ दास की ओर से 7 अक्टूबर को एक पत्र सौंपा गया था, जिसमें 10 तारीख को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का उल्लेख था। नियमानुसार ऐसा आवेदन आयोजन की तारीख से लगभग 10 दिन पहले दिया जाना आवश्यक था। महज तीन दिन पूर्व आवेदन देने और पुराने वादों की अनदेखी करने के कारण प्रशासन ने अनुमति खारिज कर दी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा या नई दिल्ली क्षेत्र में लागू धारा 163 का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक फैसले और संभावित पाबंदियों का सीधा असर राजधानी में आने-जाने वाले यात्रियों और दैनिक कामकाज पर पड़ सकता है। • देशभर के यात्रियों पर: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द रहने से दूर-दराज से आने वाले यात्रियों का सफर प्रभावित होगा। यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबर और स्थिति की जांच करना आवश्यक है। • दिल्ली के स्थानीय निवासियों पर: शहर के 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के विचार के चलते दैनिक यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो सकती है। वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करना और समय से पहले निकलना बेहतर विकल्प रहेगा। • नई दिल्ली क्षेत्र में आवाजाही पर: इलाके में धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी सार्वजनिक जमावड़े पर पाबंदी रहेगी। ऐसे में लुटियंस दिल्ली और आसपास के मार्गों से गुजरने वालों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ सकता है। • नियमों के पालन पर: पाबंदियों का उल्लंघन करने या अनधिकृत प्रदर्शन में भाग लेने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नागरिकों को नई दिल्ली और जंतर-मंतर क्षेत्र में किसी भी गैर-अनुमति प्राप्त भीड़ का हिस्सा बनने से बचना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने, कम समय में मिले आवेदन और पूर्व उल्लंघनों के कारण इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। • कम समय में आवेदन: नियमानुसार प्रदर्शन की सूचना करीब 10 दिन पहले दी जानी चाहिए थी, लेकिन सौरभ दास की तरफ से 7 अक्टूबर को पत्र भेजकर 10 अक्टूबर के लिए अनुमति मांगी गई थी। महज तीन दिन के अंतराल में सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजाम पूरे करना संभव नहीं था। • धारा 163 का प्रभाव: नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू है, जिसके चलते सार्वजनिक सभाओं और जमावड़े पर पहले से ही वैधानिक सीमाएं तय हैं। इन नियमों की मौजूदगी में किसी बड़े अनियोजित जमावड़े की इजाजत नहीं दी जा सकती थी। • पुराने नियमों की अनदेखी: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी ने पिछले प्रदर्शनों के दौरान निर्धारित नियमों और लिखित आश्वासनों का उल्लंघन किया था। उस खराब आचरण को देखते हुए प्रशासन ने इस बार अनुमति देने से साफ मना कर दिया। सवाल-जवाब 1. दिल्ली पुलिस ने किस संगठन के प्रदर्शन की अनुमति रद्द की है? दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के 10 अक्टूबर 2026 को होने वाले प्रदर्शन की अनुमति खारिज की है। 2. यह प्रदर्शन दिल्ली में किस स्थान पर आयोजित होना था? यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित करने का ऐलान किया गया था। 3. प्रदर्शन की अनुमति न देने के पीछे पुलिस ने क्या कारण बताए? पुलिस ने बहुत कम समय पहले आवेदन मिलने, इलाके में धारा 163 लागू होने और संगठन के पिछले खराब आचरण को वजह बताया। 4. सीजेपी की तरफ से प्रदर्शन के लिए आवेदन कब दिया गया था? सौरभ दास की ओर से 7 अक्टूबर को पत्र भेजकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी। 5. इस प्रस्तावित प्रदर्शन का सार्वजनिक परिवहन पर क्या असर पड़ा है? नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने पर विचार हो रहा है। 6. अगर कोई व्यक्ति नई दिल्ली में नियमों का उल्लंघन करता है तो क्या होगा? दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धारा 163 का उल्लंघन करने और कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। https://trendkia.com/national/jntara-mntara-para-cockroach-janata-party-ke-pradarshana-ko-mnjuri-nahin-delhi-police-ne-batai-vajaha-45247 TrendKia — Har trend, sabse pehle.