# मणिपुर के कामजोंग में सीमा के नजदीक 27 बम बरामद, सुरक्षा बलों ने नाकाम की बड़ी साजिश

> भारत-म्यांमार सीमा के पास शांगखालोक-पिलोंग रास्ते पर बिछाए गए 27 देसी बमों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। खोजी कुत्तों की मदद से चले चार दिवसीय अभियान में एक बड़ा खतरा टल गया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/kamjong-men-sima-ke-najadika-27-bama-baramada-suraksha-balon-ne-nakama-ki-bari-sajisha-45179 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर, कामजोंग, असम राइफल्स, भारतीय सेना, आईईडी, पिलोंग

मणिपुर के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों ने गश्त के दौरान एक अत्यंत खतरनाक विस्फोटक जाल का भंडाफोड़ किया है। कामजोंग जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में करीब 8 किलोमीटर लंबे रास्ते पर 27 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाए गए थे। भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवानों ने त्वरित तालमेल दिखाते हुए इन सभी विस्फोटकों को खोज निकाला और बम निरोधक दस्ते ने उन्हें बिना किसी नुकसान के नष्ट कर दिया। एक रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को इस पूरे घटनाक्रम का विवरण साझा किया।

## शांगखालोक-पिलोंग पहाड़ी मार्ग पर तलाशी
विस्फोटकों को शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर छिपाकर लगाया गया था। यह संकरा रास्ता म्यांमार सीमा के बेहद पास बसे दुर्गम पिलोंग गांव की तरफ जाता है। पहाड़ी इलाके की झाड़ियों में छिपाए गए इन देसी बमों को ढूंढ़ने के लिए खोजी कुत्तों की विशेष टुकड़ी भी तैनात की गई थी। करीब आठ किलोमीटर के फैलाव में जमीन के भीतर और झाड़ियों में इन विस्फोटकों का होना जवानों के लिए एक कठिन चुनौती बना हुआ था। सटीक जांच के बाद सेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने हर विस्फोटक को निष्क्रिय कर मार्ग को सुरक्षित किया। हालांकि, इन्हें बिछाने वाले गिरोह या उनके मकसद के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

## हालिया हिंसा के बाद चार दिन चला अभियान
इस संवेदनशील इलाके में बीते महीने गंभीर वारदात सामने आई थी। 24 सितंबर को पिलोंग गांव के आसपास संदिग्ध उग्रवादियों ने चार तांगखुल नागा नागरिकों की गोली मारकर जान ले ली थी। इस घटना के बाद इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई थी, जिसके तहत 4 से 7 अक्टूबर तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान के समापन के बाद असम राइफल्स ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर बताया कि इस समयबद्ध कार्रवाई ने क्षेत्र की शांति और व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश को विफल कर दिया है और सीमावर्ती ग्रामीणों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया है।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर मंडरा रहा बड़ा जानलेवा खतरा टल गया है।

- **मणिपुर में:** कामजोंग जिले के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए शांगखालोक-पिलोंग रास्ते पर दैनिक यात्रा सुरक्षित हो गई है। हालिया हिंसक घटनाओं के बाद क्षेत्र में सतर्कता और गश्त काफी तेज कर दी गई है।
- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर घुसपैठ और उग्रवादी गतिविधियों की रोकथाम के लिए सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और सख्त होगी। पूर्वोत्तर सीमावर्ती मार्गों पर विस्फोटक रोधी सुरक्षा जांचों में और तेजी लाई जाएगी।
- **स्थानीय ग्रामीणों के लिए:** पिलोंग गांव और आसपास के निवासियों को किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तत्काल नजदीकी सुरक्षा चौकी को देने की सलाह रहेगी। दुर्गम रास्तों पर आवागमन करते समय लोगों को अब अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
- **सुरक्षा तंत्र के लिए:** सीमावर्ती निगरानी ग्रिड में खोजी श्वान दस्तों और तकनीकी उपकरणों की तैनाती का दायरा और बढ़ाया जाएगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में गश्त के दौरान गश्ती दलों की सुरक्षा प्रोटोकॉल को नए सिरे से परखा जाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह सघन सुरक्षा अभियान भारत-म्यांमार सीमा के पास हाल ही में हुई हिंसक घटना और उग्रवादियों की सक्रियता के जवाब में चलाया गया।

- **हालिया नागरिक हत्याएं:** 24 सितंबर को पिलोंग गांव के निकट संदिग्ध उग्रवादियों ने चार तांगखुल नागा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को सुरक्षित करने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया।
- **साजिश का दायरा:** अज्ञात तत्वों ने 8 किलोमीटर के पहाड़ी रास्ते पर झाड़ियों में 27 देसी बम छिपाकर बिछा रखे थे। अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह विस्फोटक किसने और किस खास इरादे से लगाए थे।
- **चार दिवसीय तलाशी अभियान:** संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए 4 से 7 अक्टूबर तक भारतीय सेना और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान चलाया। खोजी कुत्तों की मदद से झाड़ियों में छिपे हर बम का पता लगाकर उसे निष्क्रिय किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर के किस जिले में 27 आईईडी बरामद किए गए?
यह विस्फोटक मणिपुर के कामजोंग जिले में शांगखालोक-पिलोंग रास्ते पर बरामद किए गए।

### 2. विस्फोटक कितने लंबे क्षेत्र में बिछाए गए थे?
यह देसी बम करीब 8 किलोमीटर लंबे पहाड़ी रास्ते पर झाड़ियों के बीच छिपाकर लगाए गए थे।

### 3. इस संयुक्त अभियान में कौन से सुरक्षा बल शामिल थे?
इस कार्रवाई में भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवान शामिल थे, जिसमें सेना के बम निरोधक दस्ते ने बमों को निष्क्रिय किया।

### 4. यह तलाशी अभियान कब से कब तक चलाया गया?
सुरक्षा बलों ने यह विशेष तलाशी अभियान 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चलाया।

### 5. इस अभियान से पहले पिलोंग गांव के पास क्या घटना घटी थी?
24 सितंबर को पिलोंग गांव के समीप संदिग्ध उग्रवादियों ने चार तांगखुल नागा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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