कानपुर-लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए अलर्ट: 4 महीने तक बंद रहेगा जाजमऊ गंगा पुल, ये रहा डायवर्जन प्लान कानपुर को लखनऊ और उन्नाव से जोड़ने वाला 46 साल पुराना जाजमऊ गंगा पुल भारी मरम्मत कार्य के चलते अगले चार महीने तक बंद रहेगा, जिसके लिए प्रशासन ने नया ट्रैफिक रूट जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश के भीतर और आसपास के राज्यों की यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बेहद जरूरी अपडेट है। अगर आप नियमित रूप से कानपुर से उन्नाव या लखनऊ की ओर सफर करते हैं, तो आपको अपनी यात्रा के तरीके में एक बड़ा बदलाव करना होगा। कानपुर शहर की जीवन रेखा माने जाने वाले और सबसे ज्यादा ट्रैफिक संभालने वाले जाजमऊ गंगा पुल को बहुत जल्द अस्थाई रूप से बंद किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, 46 साल पुराने इस महत्वपूर्ण ढांचे के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत के लिए इसे करीब चार महीने के लंबे समय तक आम यातायात के लिए पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। यह पुल उत्तर प्रदेश के सबसे अहम औद्योगिक और प्रशासनिक हब को जोड़ने का काम करता है। स्थानीय निवासियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को अब अपनी यात्रा के लिए घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलना होगा। वाणिज्यिक परिवहन पर भी इसका असर पड़ेगा, क्योंकि भारी ट्रकों को लंबे रास्ते से जाना होगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस बड़े प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर लिया है। इस अहम फैसले का सीधा असर उन 50 से 60 हजार वाहनों पर पड़ेगा जो हर दिन इस पुल को पार करते हैं। अब इन सभी यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और लंबे रास्तों का इस्तेमाल करना होगा, जिससे न केवल उनका सफर लंबा होगा, बल्कि उन्हें रास्ते में भारी जाम और ट्रैफिक के बढ़ते दबाव का भी सामना करना पड़ सकता है। क्यों जरूरी हो गई थी पुल की मरम्मत? इस पुल का निर्माण कई दशक पहले हुआ था और लगातार बढ़ते भारी यातायात के कारण अब इसकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जाजमऊ गंगा पुल के ढांचे में कई जगहों पर नुकसान के निशान साफ देखे जा सकते हैं। समय के साथ पुल का भार सहने वाली बेयरिंग भी काफी कमजोर पड़ चुकी हैं, जो भविष्य में किसी बड़े खतरे का कारण बन सकती थीं। यही वजह है कि अब इसके रखरखाव के काम को और ज्यादा समय तक के लिए टालना किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं था। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस ढांचे को फिर से मजबूत करने का काम अनिवार्य हो गया था, ताकि आने वाले कई दशकों तक यह पुल सुरक्षित रूप से काम कर सके। एनएचएआई के निदेशक पंकज यादव ने इस संबंध में बताया कि पुल को बंद करने से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस बड़े कदम को लागू करने से पहले जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को भी पूरी योजना से अवगत करा दिया गया है ताकि शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को संभालने में कोई चूक न हो। ट्रैफिक डाइवर्जन का पूरा खाका तैयार किया जा चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही अधिकारियों की तरफ से पुल को औपचारिक रूप से बंद करने की अंतिम तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा। मरम्मत कार्य की वर्तमान स्थिति और लागत पुल की मरम्मत का काम कोई नई शुरुआत नहीं है, बल्कि यह प्रक्रिया पिछले कुछ समय से चल रही है। 11 अप्रैल से ही जाजमऊ गंगा पुल के निचले हिस्से में मरम्मत और मजबूती का काम बिना रुके जारी है। अब इस प्रोजेक्ट के अगले चरण में पुल के ऊपरी हिस्से को ठीक करने का काम शुरू किया जाना है। ऊपरी हिस्से के काम के दौरान भारी मशीनरी और मजदूरों की मौजूदगी रहेगी, जिसके लिए पुल के ऊपर से गुजरने वाले सामान्य यातायात को पूरी तरह से रोकना बेहद जरूरी हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि यातायात रुकने से यह काम न सिर्फ पूरी सुरक्षा के साथ किया जा सकेगा, बल्कि इसकी गति भी तेज होगी। अगर पुल के आकार और इस प्रोजेक्ट के बजट की बात करें, तो इस पुल की कुल लंबाई 700 मीटर है। इस 700 मीटर लंबे ढांचे को पूरी तरह से दुरुस्त करने और इसे नया जीवन देने के लिए कुल 5.60 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। वाहन चालकों के लिए क्या है नया रूट प्लान? इस बड़े डाइवर्जन के कारण कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के अलावा बुंदेलखंड और दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों का रूट भी प्रभावित होगा। प्रशासन ने अलग-अलग दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को बांटने के लिए कई नए विकल्प तय किए हैं इटावा और एनएच-19 का ट्रैफिक: जो वाहन इटावा या राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) की दिशा से चकेरी होते हुए आ रहे हैं, उन्हें अब सीधे जाने की अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को बक्सर मोड़ से मोड़कर उन्नाव की तरफ भेजा जाएगा। वहां से ये वाहन रायबरेली वाले मार्ग का इस्तेमाल करते हुए आगे की अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। फतेहपुर और बांदा से आने वाले वाहन: फतेहपुर और बांदा की तरफ से शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (एनएच-35) के रास्ते रायबरेली की ओर मोड़ा जाएगा। इसके बाद ये वाहन उन्नाव से होते हुए अपनी मंजिल लखनऊ तक पहुंच सकेंगे। कन्नौज रूट के विकल्प: कन्नौज की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए प्रशासन ने एक से ज्यादा रास्ते खोले हैं। पहला विकल्प यह है कि वाहन बिल्हौर से होते हुए स्टेट हाईवे-40 (एसएच-40) के जरिए बांगरमऊ पहुंचें और वहां से लखनऊ का रास्ता पकड़ें। दूसरा विकल्प यह रहेगा कि वे स्टेट हाईवे-38 (एसएच-38) का इस्तेमाल करें और चकलबंशी होते हुए सीधे लखनऊ पहुंच जाएं। इसके अलावा, जिन लोगों को एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना है, वे चौबेपुर से सीतापुर-कानपुर मार्ग होते हुए या फिर अरौल कट से सीधे आगरा एक्सप्रेसवे पर चढ़कर भी लखनऊ की ओर जा सकते हैं। शुरुआती दिनों में प्रशासन के सामने होगी बड़ी चुनौती जाजमऊ गंगा पुल सिर्फ तीन शहरों को नहीं जोड़ता, बल्कि यह दिल्ली, इटावा और बुंदेलखंड से आने-जाने वाले बड़े कमर्शियल और प्राइवेट ट्रैफिक का मुख्य जरिया है। ऐसे में पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ना तय है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि पुल के बंद होने के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक हालात संभालना एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होगा। अचानक बदले गए रास्तों की वजह से डायवर्जन वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। इस समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस को वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती और खास इंतजाम करने होंगे, ताकि आम जनता को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखा जाए तो 5.60 करोड़ रुपये की लागत से 700 मीटर लंबे इस ढांचे का यह सुदृढ़ीकरण कार्य आने वाले समय में लाखों यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और सुगम यात्रा की गारंटी बनेगा। इसका आप पर असर • कानपुर और लखनऊ में: इन दोनों शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को अब नए रूट के कारण अपने सफर के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना होगा। • भारत में: दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड की तरफ जाने वाले बड़े कमर्शियल ट्रकों को लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे ईंधन और मालभाड़े की लागत बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. जाजमऊ गंगा पुल कितने समय के लिए बंद रहेगा? मरम्मत कार्य के लिए जाजमऊ गंगा पुल को करीब चार महीने तक बंद रखा जाएगा। 2. पुल की मरम्मत पर कितना खर्च आएगा? 700 मीटर लंबे इस पुल के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्य पर कुल 5.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 3. इटावा की ओर से आने वाले वाहनों को किस रास्ते से भेजा जाएगा? इटावा और एनएच-19 की ओर से आने वाले वाहनों को बक्सर मोड़ से उन्नाव की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जहां से वे रायबरेली होते हुए आगे जाएंगे। 4. पुल का मरम्मत कार्य कब से चल रहा है? पुल के निचले हिस्से की मरम्मत का काम 11 अप्रैल से ही लगातार चल रहा है, और अब ऊपरी हिस्से का काम किया जाना है। https://trendkia.com/national/kanpur-lucknow-ke-bicha-saphara-karane-valon-ke-lie-alarta-4-mahine-taka-bnda-rahega-jajmau-ganga-pula-ye-raha-dayavarjana-plana-10144 TrendKia — Har trend, sabse pehle.