काशी से राजधानी के बीच शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर, रातभर में तय होगा दिल्ली तक का सफर वाराणसी और नई दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा दी गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घट गया है। आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों और आरामदायक सुविधाओं से लैस यह सेमी-हाईस्पीड ट्रेन हफ्ते में छह दिन रात के समय चलेगी। वाराणसी और देश की राजधानी के बीच रेल संपर्क को नया आयाम देते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का विधिवत परिचालन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार शाम हरी झंडी दिखाकर इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन को वाराणसी से रवाना किया। इस नई रेल सेवा के शुरू होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक सुगम, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। रात में प्रस्थान कर अगली सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचने की व्यवस्था यात्रियों के समय की भरपूर बचत करेगी। यात्रियों की सहूलियत और आधुनिक सुरक्षा तकनीक इस आधुनिक ट्रेन के डिब्बों को लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा के हिसाब से विशेष रूप से तैयार किया गया है। यात्रा के दौरान झटकों को न्यूनतम करने के लिए कोचों में उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, साथ ही अंदर ध्वनि का स्तर काफी कम रखने की व्यवस्था की गई है। सीटों और बर्थ को ज्यादा आरामदायक बनाया गया है। सफर के दौरान तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल को सहज बनाने के मकसद से प्रत्येक बर्थ पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग के लिए 3-पिन सॉकेट के साथ यूएसबी टाइप-A और टाइप-C पोर्ट उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा के मोर्चे पर भी ट्रेन में कई अत्याधुनिक उपाय शामिल किए गए हैं। पूरे रैक में व्यापक निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आग की घटनाओं से बचाव हेतु ऑटोमैटिक स्मोक और फायर डिटेक्शन सिस्टम मौजूद है। आपात स्थिति के लिए अलार्म की सुविधा दी गई है और आमने-सामने की टक्कर रोकने वाली स्वदेशी तकनीक TCAS को भी इसमें पूरी तरह लागू किया गया है। इसके अलावा समावेशी यात्रा अनुभव देने के लिए दिव्यांग यात्रियों के वास्ते विशेष बर्थ और सुलभ शौचालयों का निर्माण किया गया है, जबकि फर्स्ट एसी डिब्बों में सफर करने वालों के लिए गर्म पानी की सुविधा से युक्त शॉवर क्यूबिकल भी उपलब्ध कराया गया है। साप्ताहिक शेड्यूल और परिचालन का समय यह सेमी-हाईस्पीड स्लीपर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली गाड़ी संख्या 27421 का संचालन शुक्रवार को नहीं होगा, जबकि नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली गाड़ी संख्या 27422 शनिवार को सेवा में नहीं रहेगी। शेड्यूल के अनुसार, गाड़ी संख्या 27421 वाराणसी जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना होगी। इसके बाद यह रात 10:35 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी और 10:40 बजे आगे बढ़ेगी। देर रात 12:40 बजे यह कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी और 12:45 बजे प्रस्थान करेगी। तड़के 03:55 बजे अलीगढ़ जंक्शन पहुंचकर 03:57 बजे छूटेगी, सुबह 05:25 बजे गाजियाबाद जंक्शन पर दो मिनट रुककर 05:27 बजे चलेगी और अंततः सुबह 06:10 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच जाएगी। वापसी दिशा में, गाड़ी संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 09:40 बजे प्रस्थान करेगी। गाजियाबाद जंक्शन पर इसका आगमन रात 10:13 बजे और प्रस्थान 10:15 बजे होगा। रात 11:20 बजे अलीगढ़ जंक्शन पहुंचकर यह 11:22 बजे रवाना होगी। रात 02:45 बजे कानपुर सेंट्रल पर रुकने के बाद 02:50 बजे प्रस्थान करेगी। सुबह 05:05 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचकर 05:10 बजे चलेगी और सुबह 07:10 बजे वाराणसी जंक्शन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। मौजूदा ट्रेनों के मुकाबले समय की अहम बचत इस मार्ग पर पहले से संचालित लोकप्रिय एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में वंदे भारत स्लीपर ने यात्रा की अवधि को उल्लेखनीय रूप से घटा दिया है। रूट की प्रमुख ट्रेन शिव गंगा एक्सप्रेस से तुलना की जाए तो वाराणसी से नई दिल्ली की दिशा में जाने वाले यात्रियों के सफर में लगभग 55 मिनट की बचत दर्ज होगी। वहीं नई दिल्ली से वाराणसी की ओर यात्रा करने वाले मुसाफिर अपने गंतव्य तक करीब 35 मिनट पहले पहुंच सकेंगे, जिससे कामकाजी पेशेवरों और पर्यटकों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसका आप पर असर वाराणसी और दिल्ली के बीच शुरू हुई इस नई सेमी-हाईस्पीड स्लीपर सेवा से दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को तेज और आरामदायक आवागमन का सीधा विकल्प मिला है। • उत्तर प्रदेश में: वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद के यात्रियों को रातभर में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की तेज सुविधा मिलेगी। इससे इन शहरों के कारोबारी और छात्र बिना दिन का समय गंवाए सुबह समय पर दिल्ली पहुंच सकेंगे। • भारत में: राष्ट्रीय राजधानी से पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के बीच कनेक्टिविटी सुगम हो गई है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली से सीधे वाराणसी की यात्रा पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगी। • सफर के समय में बचत: इस नए विकल्प से पारंपरिक सुपरफास्ट ट्रेनों के मुकाबले 35 से 55 मिनट तक के समय की बचत होगी। यात्री अपने कार्यदिवस का बेहतर प्रबंधन करते हुए यात्रा की थकान से बच सकेंगे। • आधुनिक सुविधाएं: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर और सभी बर्थों पर टाइप-C पोर्ट जैसी सुविधाएं लंबी दूरी की रेल यात्रा के अनुभव को बदलेंगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए सुगम बर्थ और शौचालय की उपलब्धता से उनकी यात्रा भी आसान होगी। ऐसा क्यों हुआ उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच भारी यात्री दबाव और तेज यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए यह नई स्लीपर ट्रेन शुरू की गई है। • बढ़ती यात्री मांग: वाराणसी और दिल्ली के बीच चलने वाली पारंपरिक ट्रेनों में निरंतर लंबी प्रतीक्षा सूची और भारी भीड़ देखी जाती रही है। इस व्यस्त रूट पर एक प्रीमियम और तेज विकल्प की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। • आधुनिक स्लीपर तकनीक का विस्तार: चेयर कार वंदे भारत ट्रेनों की सफलता के बाद लंबी दूरी के रात के सफर के लिए स्लीपर रैक तैयार किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों को आधुनिक गति और बेहतर सुरक्षा मानकों से जोड़ना है। • सफर का समय घटाने की नीति: सेमी-हाईस्पीड रैक और उन्नत इंजन तकनीक के जरिए महत्वपूर्ण रूटों पर यात्रा का समय कम करने की रेलवे की रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है। इससे मौजूदा सबसे तेज सेवाओं की तुलना में भी सफर की अवधि घट गई है। सवाल-जवाब 1. वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को किसने हरी झंडी दिखाई? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार शाम इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 2. वाराणसी से चलने वाली ट्रेन का नंबर और समय क्या है? वाराणसी से चलने वाली गाड़ी संख्या 27421 रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। 3. नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन का नंबर और समय क्या है? नई दिल्ली से चलने वाली गाड़ी संख्या 27422 रात 9:40 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी। 4. रास्ते में यह ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी? यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गाजियाबाद जंक्शन, अलीगढ़ जंक्शन, कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर रुकेगी। 5. यह ट्रेन सप्ताह में कितने दिन चलेगी और किन दिनों बंद रहेगी? यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। वाराणसी से शुक्रवार को और नई दिल्ली से शनिवार को इसका परिचालन नहीं होगा। 6. शिव गंगा एक्सप्रेस के मुकाबले इस ट्रेन में कितना समय बचेगा? वाराणसी से दिल्ली की दिशा में करीब 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की दिशा में लगभग 35 मिनट की बचत होगी। 7. ट्रेन में सुरक्षा और सुविधा के क्या मुख्य इंतजाम हैं? इसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर डिटेक्शन सिस्टम, TCAS तकनीक, चार्जिंग सॉकेट्स, दिव्यांगों के लिए विशेष बर्थ और फर्स्ट एसी में गर्म पानी का शॉवर दिया गया है। https://trendkia.com/national/kashi-se-rajadhani-ke-bicha-shuru-hui-vande-bharat-sleeper-ratabhara-men-taya-hoga-delhi-taka-ka-saphara-53966 TrendKia — Har trend, sabse pehle.