चुनाव आयोग पर विपक्ष की घेराबंदी के बीच किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे पांच तीखे सवाल चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को घेरते हुए पांच सवाल दागे हैं, जबकि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतपत्र वापसी पर अड़ा है। चुनावी संस्था की निष्पक्षता और कथित मत हेरफेर को लेकर विपक्षी दलों के तीखे तेवरों के बीच केंद्र सरकार की ओर से कड़ा पलटवार सामने आया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बयान जारी करते हुए मुख्य विपक्षी दल के सामने पांच सीधे सवाल रखे हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में लिखा कि पार्टी इन बुनियादी बिंदुओं का स्पष्ट उत्तर दे। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक परिवार विशेष द्वारा संचालित राजनीतिक दल बाहरी शक्तियों की मदद से मुल्क के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की जुगत में लगा है। विपक्ष की घेराबंदी पर केंद्रीय मंत्री के पांच सवाल केंद्रीय मंत्री ने सिलसिलेवार ढंग से विपक्षी दल के इतिहास और चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए। उनका पहला सवाल 2014 के आम चुनाव को लेकर था कि जब निर्वाचन आयुक्तों का चयन कांग्रेस शासन ने खुद किया था, तब लोकसभा में पार्टी सिमटकर केवल 44 सांसदों तक कैसे रह गई। इसके बाद उन्होंने पूछा कि वर्ष 2024 के लोकसभा मुकाबले में जब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर मौजूद नहीं थे, तब विपक्षी दल को लगातार तीसरी बार शिकस्त का सामना क्यों करना पड़ा। तीसरे सवाल में उन्होंने यह बात रखी कि क्या विपक्षी दल के मौजूदा मुख्यमंत्री अपने पदों का त्याग करेंगे और 2014 से 2026 की अवधि में सरकारें गठित करने के वास्ते जनता से माफी मांगेंगे। चौथे बिंदु में मतदाता सूची के शुद्धिकरण का मुद्दा उठाते हुए पूछा गया कि क्या निर्वाचन नामावली में से मृत व्यक्तियों, किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके नागरिकों, गैर-कानूनी प्रवासियों और दोहरे नामों को हटाया जाना उचित है या नहीं। अपने पांचवें सवाल में उन्होंने पूर्ववर्ती विशेष पुनरीक्षण प्रक्रियाओं का उल्लेख किया और पूछा कि क्या 1952 से 1956, 1958 से 1961, 1965 से 1966, 1983 से 1984, 1987 से 1988, 1993, 1995 तथा 2002 से 2004 के दौरान अमल में लाए गए एसआईआर भी गैरकानूनी थे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर विपक्ष का मोर्चा दूसरी तरफ, कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के घटक दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। विपक्षी खेमे का दावा है कि आयोग की स्वतंत्रता को दांव पर लगाकर मतों की हेराफेरी की गई है। इस सिलसिले में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध महाभियोग का प्रस्ताव तक पेश कर दिया है। विपक्ष का तर्क है कि एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का सहारा लेकर मतदाताओं के नाम बिना किसी ठोस आधार के काटे गए और सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने के मकसद से वोटरों के मतदान केंद्र बदल दिए गए। तीन प्रमुख मांगों पर अड़े विपक्षी नेता विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि शीर्ष चुनावी संस्था के प्रमुख अन्य आयुक्तों की रजामंदी के बिना महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं और शीर्ष अदालत के समक्ष गलत बयानी की गई। विपक्ष का कहना है कि संस्था प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दबाव में काम कर रही है, जिससे संवैधानिक स्वतंत्रता कमजोर पड़ी है। इसी गतिरोध के बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीन मांगें सामने रखी हैं। इन मांगों में ज्ञानेश कुमार का पद से त्यागपत्र, मतदाता संशोधन की एसआईआर कवायद को तत्काल रद्द करना और ईवीएम के स्थान पर मतपत्र प्रणाली की पूर्ण बहाली शामिल है। इसका आप पर असर मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और चुनावी प्रक्रियाओं पर जारी इस बड़े राजनीतिक टकराव का सीधा असर देश के मतदाताओं और उनकी वोटिंग व्यवस्था पर पड़ सकता है। • नागरिकों की वोटर लिस्ट पर: निर्वाचन नामावली के विशेष पुनरीक्षण से पते बदलने, फर्जी प्रविष्टियों और दोहरे नामों की बड़े स्तर पर जांच की जा सकती है। इससे आम नागरिकों को समय रहते अपना नाम, मतदान केंद्र और विवरण सत्यापित कराने की जरूरत होगी ताकि मतदान के दिन परेशानी न हो। • चुनावी प्रक्रिया और विश्वसनीयता पर: ईवीएम और मतपत्र को लेकर छिड़ी बहस जनता के बीच मतदान की पारदर्शिता को लेकर संशय खड़ा करती है। यदि चुनाव संचालन नियमों या ऑडिट व्यवस्था में कोई प्रशासनिक फेरबदल होता है तो मतदाताओं को नई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ सकता है। • संसदीय और राजनीतिक कामकाज पर: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग और गतिरोध से संसद के सत्र में विधायी कामकाज बाधित होने के आसार रहते हैं। इसका प्रभाव आम जनता से जुड़े जरूरी कानूनों और जनहित की चर्चाओं में देरी के रूप में सामने आता है। • राज्यों के आगामी चुनावों पर: आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के कारण आगामी विधानसभा चुनावों में बूथ स्तर पर नियमों की निगरानी सख्त की जा सकती है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता बूथों पर नामों के मिलान को लेकर अधिक आक्रामक और सतर्क रुख अपनाएंगे। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक टकराव चुनावी नतीजों, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यशैली को लेकर विपक्ष और सरकार के अलग-अलग रुख के कारण पैदा हुआ है। • एसआईआर प्रक्रिया पर असंतोष: विपक्ष का आरोप है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के जरिए मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से हटाए गए और बूथ बदले गए। इन आशंकाओं के चलते विपक्षी खेमे ने संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू किए। • मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्णयों पर विवाद: विपक्षी दलों का कहना है कि अन्य आयुक्तों की सहमति के बिना अहम फैसले लिए गए और संस्था पर कार्यपालिका का दबाव रहा। इसी वजह से विपक्ष ने महाभियोग लाने और इस्तीफे की मांग तेज की। • पुरानी चुनावी हारों का राजनीतिक संदर्भ: सत्तापक्ष का मानना है कि विपक्ष चुनावी पराजयों की हताशा छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ रहा है। इसी के जवाब में 2014 और 2024 के परिणामों का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा गया। सवाल-जवाब 1. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को क्या चुनौती दी है? किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को चुनाव आयोग, 2014 और 2024 के चुनावी नतीजों तथा एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े पांच बुनियादी सवालों के जवाब देने की चुनौती दी है। 2. विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगा रहा है? विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता किया, अन्य आयुक्तों की सहमति के बिना फैसले लिए और वोट चोरी में मदद की। 3. कांग्रेस और विपक्षी दलों की तीन प्रमुख मांगें क्या हैं? विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की है। 4. किरेन रिजिजू ने 2014 के लोकसभा चुनाव का जिक्र क्यों किया? उन्होंने सवाल किया कि जब 2014 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस सरकार ने की थी, तब कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें कैसे मिली थीं। 5. विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाया है? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया है। https://trendkia.com/national/kiren-rijiju-ne-congress-se-puchhe-pancha-savala-gyanesh-kumar-aura-chunava-ayoga-vivada-para-53978 TrendKia — Har trend, sabse pehle.