# कॉकपिट में हमले के बीच कैप्टन स्मित मच्छार पढ़ते रहे हनुमान चालीसा, पीएम नरेंद्र मोदी ने सराहा साहस

> फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार हनुमान चालीसा का पाठ कर खुद को संभालते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत कर उनके धैर्य और सूझबूझ की प्रशंसा की।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/kokapita-men-hamale-ke-bicha-captain-smit-machhar-parhate-rahe-hanuman-chalisa-pm-narendra-modi-ne-saraha-sahasa-41806 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्मित मच्छार, नरेंद्र मोदी, फ्लाईदुबई, हनुमान चालीसा, विमानन, कॉकपिट हमला

फ्लाईदुबई के एक विमान के कॉकपिट में अचानक हुए जानलेवा हमले के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने असाधारण मानसिक मजबूती का परिचय दिया। जब उनके ही को-पायलट ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, तब हवा में अपनी जिंदगी बचाने की जद्दोजहद के बीच वे लगातार हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे पायलट ने यह बात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में साझा की। संकट के उन खौफनाक पलों में उन्होंने उसी प्रार्थना का सहारा लिया, जो वे जीवन के कठिन दौर में हमेशा पढ़ते आए हैं।

## प्रधानमंत्री ने फोन और वीडियो कॉल पर जाना हाल
हमले के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में सुधार आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने इतने भीषण संकट में उनके द्वारा दिखाए गए अद्वितीय साहस, संयम और सूझबूझ की दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कैप्टन को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा देश उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। देश के नेता की ओर से मिले इस सीधे समर्थन ने घायल पायलट का मनोबल बढ़ाने का काम किया।

## भावुक हुए कैप्टन, प्रधानमंत्री को बताया अपना सबसे बड़ा आदर्श
बातचीत के दौरान माहौल उस समय काफी व्यक्तिगत और भावुक हो गया, जब कैप्टन स्मित मच्छार अपनी भावनाएं रोक नहीं पाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनसे सीधे बात करने का यह अनुभव उनके जीवन का एक बेहद खास पल है। कैप्टन ने बताया कि प्रधानमंत्री उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और उन्होंने सपने में भी कभी यह कल्पना नहीं की थी कि एक दिन उन्हें देश के सर्वोच्च नेतृत्व से इस तरह बात करने का अवसर मिलेगा। गंभीर चोटों से उबर रहे पायलट के लिए यह संवाद गहरे आत्मबल का स्रोत बन गया।

## इसका आप पर असर
यह घटना उड़ान के दौरान मानसिक दृढ़ता और संकट प्रबंधन के महत्व को दर्शाती है।

- **हवाई यात्रियों के लिए:** यह मामला कॉकपिट में क्रू सुरक्षा और अप्रत्याशित संकटों के दौरान पायलटों के संयम के महत्व को सामने लाता है। एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में ऐसे खतरों से निपटने के लिए प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार कर सकती हैं।
- **आम नागरिकों के लिए:** भीषण दबाव और जानलेवा हमले के बीच मन को शांत रखने का यह उदाहरण लोगों को कठिन परिस्थितियों से उबरने की प्रेरणा देता है। व्यक्तिगत विश्वास और प्रार्थना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।
- **एविएशन प्रोफेशनल्स के लिए:** एयरलाइन कर्मचारियों के लिए आपातकालीन स्थितियों में तुरंत निर्णय लेने और साथी क्रू की अप्रत्याशित हरकतों से निपटने के नए सबक मिलते हैं। यह ऑपरेशंस के दौरान चालक दल के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अहमियत को रेखांकित करता है।
- **मरीजों और संघर्षरत लोगों के लिए:** गंभीर रूप से घायल होने के बाद सकारात्मक सोच और मानसिक शक्ति का स्वास्थ्य सुधार में बड़ा योगदान होता है। यह घटना दर्शाती है कि विपरीत से विपरीत हालात में भी हौसला बनाए रखना कितना जरूरी है।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर ही अचानक अप्रत्याशित हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया।

- **हमले की सीधी वजह:** विमान के को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर घातक हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में मुख्य पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए जूझना पड़ा।
- **संकट में प्रार्थना का सहारा:** जान पर बने खतरे के दौरान कैप्टन ने मानसिक शक्ति और हिम्मत बनाए रखने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। वे पहले भी मुश्किल समय में इसी प्रार्थना पर भरोसा करते रहे हैं, जिससे उन्हें होश में रहने का आत्मबल मिला।
- **प्रधानमंत्री के संपर्क की पृष्ठभूमि:** कैप्टन के बहादुरी से संकट से उबरने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी वीरता की खबर सार्वजनिक हुई। घायल पायलट की हालत में सुधार आने पर देश के प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाने और स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए कॉल किया।

## सवाल-जवाब

### 1. हवा में हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार क्या कर रहे थे?
फ्लाईदुबई के विमान में को-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार अपनी जान बचाने के लिए जूझते हुए हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।

### 2. कैप्टन पर हमला किसने और कहां किया था?
कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ही को-पायलट ने फ्लाईदुबई के विमान के कॉकपिट में हवा में उड़ान के दौरान हमला किया था।

### 3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन से क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुश्किल समय में कैप्टन के साहस, संयम और सूझबूझ की सराहना की और कहा कि पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है।

### 4. प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने क्या भावनाएं व्यक्त कीं?
कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि यह बातचीत उनके लिए बेहद खास पल है, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया।

## प्रेरणा और सबक
कैप्टन स्मित मच्छार की यह आपबीती दर्शाती है कि अत्यधिक दबाव और जानलेवा हमले के समय कैसे मानसिक शक्ति व्यक्ति को जीवित रखती है।

- **संकट में मानसिक संतुलन:** जीवन पर अचानक आए जानलेवा संकट के समय घबराने के बजाय मन को किसी स्थिर विचार या प्रार्थना से जोड़ना जान बचा सकता है। कैप्टन ने हनुमान चालीसा के जरिए अपने डर पर काबू पाया।
- **विपरीत हालात में भी कर्तव्यनिष्ठा:** गंभीर चोटें लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मुश्किल पलों में अपना संयम बनाए रखा। शारीरिक चोटों के बीच भी आंतरिक इच्छाशक्ति का अडिग रहना सबसे बड़ा सबक है।
- **विनम्रता और कृतज्ञता:** जीवन के इतने बड़े हादसे और फिर प्रधानमंत्री के संपर्क के बाद भी कैप्टन ने अपनी विनम्रता बनाए रखी और नेतृत्व के प्रति सच्चा सम्मान व्यक्त किया। संकट से निकलने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना प्रेरक है।

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