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  "type": "article",
  "title": "क्रिप्टो धोखाधड़ी में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बॉलीवुड सितारों के नाम पर ठगे गए 40 करोड़ रुपये और दो आरोपी गिरफ्तार",
  "summary": "प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 40 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बॉलीवुड हस्तियों के जरिए प्रचार करवाकर निवेशकों को फंसाया था।",
  "content": "क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी भरकम मुनाफे का झांसा देकर लगभग 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की परतें टटोलते हुए केंद्रीय एजेंसी ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में कुल 11 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद मामले के दो प्रमुख आरोपियों इमरान बाशा और हितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।\n\nपुडुचेरी पुलिस की एफआईआर से खुली पोल\nप्रवर्तन निदेशालय के चेन्नई जोनल ऑफिस-2 ने 1 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस जांच की नींव पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर पड़ी थी, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की फाइल खोली। शुरुआती जांच-पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि हितेश कुमार, इमरान बाशा और सैयद उस्मान उर्फ बाबू ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर हैपशे नाम से एक सुनियोजित फर्जी निवेश जाल बिछाया था।\n\nफर्जी प्लेटफॉर्म और टीसीएक्स कॉइन का झांसा\nरचे गए षड्यंत्र के तहत आम लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि हैपशे एक आधुनिक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां टीसीएक्स नामक डिजिटल मुद्रा में पैसा लगाकर बंपर रिटर्न कमाया जा सकता है। निवेशकों की भारी भीड़ जुटाने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से आक्रामक विज्ञापन अभियान शुरू किया था। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार इस फर्जीवाड़े को प्रचारित करने के लिए कई बड़े प्रमोशनल इवेंट रखे गए और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को भी इस एडवरटाइजिंग कैंपेन के साथ जोड़ा गया ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं।\n\nसोशल मीडिया पर प्रचार और कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाना\nलोगों का विश्वास और ज्यादा मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़े पैमाने पर कैंपेन चलाए गए। एजेंसी की जांच में यह बात सामने आई कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए हैपशे टोकन की कीमत में कृत्रिम रूप से उछाल दिखाया गया। जब निवेशकों ने टोकन के दाम आसमान छूते देखे तो उन्हें लगा कि उनकी संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके लालच में आकर कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इस फर्जी योजना में झोंक दिया।\n\nनिकासी पर रोक और शेल कंपनियों का खेल\nपूरा मामला तब उजागर हुआ जब निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी वापस निकालने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैसों के विड्राल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। एजेंसी की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि निवेशकों से ऐंठी गई पूरी रकम को पहले फर्जी शेल कंपनियों में भेजा गया और बाद में इसे आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों तथा सहयोगियों के बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया गया।\n\nआलीशान जीवनशैली और गिरफ्तारी\nबैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि इस ठगी के जरिए कुल 40 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जिन्हें कई लेयर वाले खातों के जरिए घुमाकर ठिकाने लगाया गया। इस अवैध रकम का एक बहुत बड़ा हिस्सा इमरान बाशा और हितेश कुमार के पर्सनल खातों, उनकी व्यावसायिक फर्मों और पारिवारिक संस्थानों तक पहुंचा था। आरोपियों ने जनता के पैसों से अपनी जिंदगी को बेहद आलीशान बनाया और भारी मात्रा में नई प्रॉपर्टी खरीदी। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर 3 सितंबर को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश करने के बाद उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिप्टोकरेंसी के नाम पर चल रहे इस बड़े फर्जीवाड़े से देश भर के छोटे निवेशकों को डिजिटल परिसंपत्तियों में पैसा लगाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त सीख मिलती है।\n\n• भारत में: डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर बिना पुख्ता नियामक जांच के पैसा लगाने वाले निवेशकों को अपनी पूंजी गंवाने का भारी जोखिम रहता है। इस तरह के मामलों से यह साफ हो जाता है कि रातों-रात अमीर बनाने का दावा करने वाली योजनाओं से दूर रहना चाहिए।\n• चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में: स्थानीय निवेशकों और वित्तीय धोखाधड़ी के दायरे में आए प्रभावित लोगों को अपनी शिकायतों के साथ तुरंत साइबर क्राइम सेल या जांच एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए। इन क्षेत्रों में चल रही कानूनी कार्रवाई यह संकेत देती है कि फर्जी निवेश कंपनियों पर स्थानीय स्तर पर भी शिकंजा कस रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी में कुल कितने रुपयों की ठगी हुई है?\nइस मामले में लगभग 40 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।\n\n2. प्रवर्तन निदेशालय ने किन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है?\nईडी ने इस मामले में इमरान बाशा और हितेश कुमार को गिरफ्तार किया है।\n\n3. यह पूरा मामला सबसे पहले कहां सामने आया था?\nइस मामले की शुरुआत पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर से हुई थी।\n\n4. छापेमारी की कार्रवाई किन-किन शहरों में की गई?\nईडी ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की।\n\n5. गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत से क्या सजा या रिमांड मिली है?\nदोनों आरोपियों को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा गया है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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    "क्रिप्टो फ्रॉड",
    "ईडी कार्रवाई",
    "मनी लॉन्ड्रिंग",
    "चेन्नई न्यूज",
    "साइबर ठगी"
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