लॉरेंस बिश्नोई का राजदार दीपक खत्री 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, यमुना बाजार फायरिंग समेत कई मामलों से उठेगा पर्दा लॉरेंस बिश्नोई गैंग को कानूनी मदद देने वाले वकील दीपक खत्री को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार करने के बाद राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब यमुना बाजार फायरिंग और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े मामलों की गहराई से जांच कर रही है। राजधानी दिल्ली में यमुना बाजार इलाके की फायरिंग से लेकर रोहित गोदारा गैंग पर हुए हमलों और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ी तमाम आपराधिक वारदातों के अनसुलझे रहस्यों से जल्द पर्दा उठने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस के हाथ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का एक ऐसा अहम राजदार लगा है जो पिछले कई सालों से पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे सिंडिकेट को कानूनी सहायता और सुरक्षा कवच मुहैया कराता आ रहा था। पुलिस ने इस अहम कड़ी यानी दीपक खत्री को कुछ दिन पहले ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दबोचने में सफलता हासिल की थी। इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने और गहरी साजिश का पता लगाने के लिए आज पुलिस ने आरोपी को राऊज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष दोबारा पेश किया, जहां अदालत ने उसकी पुलिस रिमांड को 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। इससे पहले आरोपी को कोर्ट ने तीन दिनों की हिरासत में भेजा था जिससे पूछताछ में कई शुरुआती खुलासे हुए थे। राऊज एवेन्यू कोर्ट की सख्त शर्तें और निर्देश राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दीपक खत्री को पुलिस हिरासत में सौंपते हुए जांच अधिकारियों के लिए कुछ खास और स्पष्ट दिशा-निर्देश भी तय किए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि पूछताछ के दौरान दीपक खत्री को हर दिन कम से कम एक घंटे तक अपने वकील से मिलने की कानूनी अनुमति दी जानी चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पुलिस द्वारा की जाने वाली पूरी पूछताछ कैमरों की निगरानी और मौजूदगी में ही संपन्न होनी चाहिए ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हिरासत की अवधि के दौरान यदि आरोपी को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सहायता या स्वास्थ्य सुविधा की आवश्यकता पड़ती है तो उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचना अभी बाकी है क्योंकि जांच का दायरा काफी बड़ा है और पेशे से वकील दीपक खत्री से कई गंभीर तथा अनसुलझे सवालों के संतोषजनक जवाब हासिल किए जाने अभी शेष हैं। पुलिस मुख्य रूप से आरोपी के आपराधिक संपर्कों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के साथ उसके तालमेल की गहनता से पड़ताल कर रही है। आईजीआई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन के दौरान गिरफ्तारी दीपक खत्री को दबोचने की यह पूरी कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के परिसर से अंजाम दी गई थी। पुलिस रिकॉर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के पास उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था जिसके कारण उसका देश से बाहर आना-जाना रडार पर था। क्राइम ब्रांच की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि दीपक खत्री विदेश से सफर करके वापस दिल्ली लौटने वाला है और इसी इनपुट के आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट के स्थानीय पुलिस बल तथा इमिग्रेशन अधिकारियों को पहले ही पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया था। जैसे ही दीपक खत्री ने टर्मिनल-3 के इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचकर अपनी कागजी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट किया, सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। औपचारिकताएं पूरी करने के तुरंत बाद उसे आगे की सख्त पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था ताकि गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचा जा सके। गैंगस्टर सिंडिकेट से सीधे जुड़ाव के गंभीर आरोप जांच एजेंसियों द्वारा दीपक खत्री पर यह बड़ा आरोप लगाया गया है कि उसका सीधा और गहरा संबंध देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय खतरनाक गैंगस्टर्स के नेटवर्क के साथ रहा है। सुरक्षा और जांच एजेंसियां इस बात की बहुत बारीकी से पड़ताल करने में जुटी हैं कि वह देश-विदेश में किन-किन बड़े अपराधियों के निरंतर संपर्क में था और इस आपराधिक ढांचे में उसकी व्यक्तिगत तथा पेशेवर भूमिका किस स्तर की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर यह भी गंभीर आरोप दर्ज हैं कि उसने गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े विभिन्न गुर्गों के बीच आपस में गोपनीय संदेशों के आदान-प्रदान और सूचनाओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाई थी। क्राइम ब्रांच अब आरोपी के मोबाइल फोन, उसके तमाम संपर्कों और अन्य सभी डिजिटल रिकॉर्ड्स की तकनीकी फोरेंसिक जांच करवा रही है। पुलिस यह भी दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी है कि संगठित अपराध सिंडिकेट के मामलों में उसकी संलिप्तता केवल कागजी और अदालती लीगल सपोर्ट तक ही सीमित थी या फिर वह इस सिंडिकेट के अन्य आपराधिक षड्यंत्रों में भी साझीदार था। यमुना बाजार फायरिंग और गैंगवार से पुराना कनेक्शन दीपक खत्री का नाम इसके पहले भी दिल्ली के ऐतिहासिक यमुना बाजार इलाके में हनुमान मंदिर के पास सरेआम हुई गोलीबारी की सनसनीखेज घटना के बाद काफी चर्चा में आया था। पुलिस महकमे के उच्च सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती तकनीकी और जमीनी जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि जब यमुना बाजार में वह फायरिंग हुई थी, तब दीपक खत्री और उसके कुछ करीबी साथी ही उन हमलावरों के मुख्य निशाने पर थे। इस गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद दीपक खत्री ने सार्वजनिक रूप से रोहित गोदारा गैंग पर अपने ऊपर हमला करवाने की गंभीर साजिश रचने का सीधा आरोप मढ़ा था। हालांकि, बाद में जब पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम की परतें उधेड़ीं तो यह अहम जानकारी भी हाथ लगी कि उस शुरुआती फायरिंग की घटना का करारा बदला लेने के लिए ही बाद में रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े लोगों को खास तौर पर तलाश कर उन पर भी जवाबी हमला करवाया गया था। पुलिस अब इन सभी पुरानी रंजिशों और वारदातों की कड़ियों को आपस में जोड़कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि पर्दे के पीछे से इस खूनी खेल को कौन लोग संचालित कर रहे थे। इसका आप पर असर गैंगस्टर नेटवर्क और कानूनी मदद से जुड़े इस बड़े खुलासे का असर आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सीधा पड़ता है। • भारत में: संगठित अपराध सिंडिकेट और गैंगवार से जुड़ी वारदातों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अधिक सख्त कदम उठा रही हैं। इससे आम जनता में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत होता है और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगती है। • दिल्ली में: यमुना बाजार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी संभावित गैंगवार या गोलीबारी की घटना को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय लोगों को पुलिस गश्त बढ़ने से अपराधियों के मूवमेंट पर रोक की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. दीपक खत्री को किस एजेंसी ने गिरफ्तार किया था? दीपक खत्री को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। 2. दीपक खत्री को कोर्ट ने कितने दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है? राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी दीपक खत्री को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है। 3. दीपक खत्री का संबंध किस मुख्य गैंगस्टर से बताया जा रहा है? दीपक खत्री पर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उससे जुड़े नेटवर्क को कानूनी मदद मुहैया कराने का आरोप है। 4. यमुना बाजार फायरिंग की घटना से इस मामले का क्या संबंध है? यमुना बाजार में हनुमान मंदिर के पास हुई फायरिंग में दीपक खत्री और उसके साथी मुख्य निशाने पर थे, जिसके बाद यह पूरा विवाद सामने आया था। 5. कोर्ट ने पुलिस रिमांड के दौरान क्या शर्तें तय की हैं? कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आरोपी को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति हो और पूछताछ कैमरों की मौजूदगी में हो। https://trendkia.com/national/lawrence-bishnoi-associate-deepak-khatri-remanded-in-police-custody-for-5-days-over-yamuna-bazar-firing-and-extortion-nexus-24263 TrendKia — Har trend, sabse pehle.