महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार सिंह ने सेवा से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी साल 2023 बैच के युवा आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार सिंह ने भारतीय पुलिस सेवा छोड़ दी है, जिनका इस्तीफा गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों द्वारा सेवा छोड़ने की घटनाओं के बीच एक और नया मामला सामने आया है। महाराष्ट्र कैडर के 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार सिंह ने केवल 3 साल के कार्यकाल के बाद पद से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति ने उनका यह त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। दिल्ली से सिविल सेवा का सफर और शुरुआती तैनाती आदित्य कुमार सिंह का जन्म 5 फरवरी 1996 को हुआ था और वे मूल रूप से दिल्ली के निवासी हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2022 में उन्होंने पूरे देश में 787वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 1 अगस्त 2023 को वे औपचारिक तौर पर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। अपनी जरूरी ट्रेनिंग पूरी करने के उपरांत उन्होंने महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में ट्रेनी सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में कार्यभार संभाला था। हालांकि, इतने कम समय में उनके पुलिस सेवा से अलग होने का सटीक कारण अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है, मगर इस निर्णय ने प्रशासनिक महकमे में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। विवाह के पश्चात ओडिशा से महाराष्ट्र हुआ था कैडर बदलाव आदित्य कुमार सिंह के सेवाकाल के दौरान उनके कैडर आवंटन में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला था। चयन के शुरुआती दौर में उन्हें ओडिशा कैडर का 2023 बैच आवंटित किया गया था। बाद में उनका विवाह महाराष्ट्र कैडर की 2024 बैच की महिला आईपीएस अधिकारी ईशानी आनंद से हुआ। इस विवाह के उपरांत उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। ओडिशा और महाराष्ट्र दोनों राज्य सरकारों की आपसी सहमति मिलने और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद उनका कैडर बदलकर महाराष्ट्र कर दिया गया था। हाल के महीनों में अन्य आईपीएस अफसरों के इस्तीफे कम उम्र या करियर के शुरुआती पड़ाव में पुलिस सेवा छोड़ने का यह अकेला मामला नहीं है। इसी वर्ष ओडिशा कैडर से जुड़े 2 अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दिया है। इनमें 2013 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा शामिल हैं, जिन्होंने भुवनेश्वर में डीसीपी पद पर तैनात रहते हुए सेवा से इस्तीफा दिया था। इसके अलावा 2025 बैच के प्रोबेशनर आईपीएस सीए रामदास ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अपनी आधारभूत ट्रेनिंग के दौरान ही सेवा छोड़ने का फैसला किया था। इसका आप पर असर युवा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शीर्ष सरकारी पदों को छोड़ने की घटनाओं का सीधा असर प्रशासनिक निरंतरता और कैडर प्रबंधन पर पड़ता है। • प्रशासनिक स्तर पर: संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित अधिकारियों के पद छोड़ने से राज्य कैडरों में रिक्तियां बढ़ती हैं। इसके चलते फील्ड स्तर पर कानून व्यवस्था संभालने वाले पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती का चक्र प्रभावित होता है। • आकांक्षी युवाओं के लिए: यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच सेवाओं में मिलने वाली जिम्मेदारियों और कार्यशैली के वास्तविक अनुभवों को लेकर विमर्श बढ़ता है। यह दर्शाता है कि शीर्ष पद हासिल करने के बाद भी व्यक्तिगत या पेशेवर प्राथमिकताओं के कारण युवा नए विकल्प चुन रहे हैं। • महाराष्ट्र में: बुलढाणा जैसे जिलों में फील्ड प्रशिक्षण के दौरान पद खाली होने से संबंधित जिले में पुलिस प्रशासन को आंतरिक पुनर्गठन करना पड़ता है। इससे स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियों का भार अन्य अधिकारियों पर स्थानांतरित होता है। • कैडर नीतियों पर: इंटर-कैडर ट्रांसफर के बाद अधिकारियों के इस्तीफे से गृह मंत्रालय की कैडर प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। भविष्य में राज्यों और केंद्र के स्तर पर सेवा शर्तों व अनिवार्य बॉन्ड नियमों पर गहन चर्चा हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह इस्तीफा एक युवा अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और करियर विकल्पों के आधार पर लिया गया औपचारिक कदम है। • इस्तीफे का संदर्भ: केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना में इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई है, हालांकि त्यागपत्र के पीछे का सटीक कारण अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। • पारिवारिक और कैडर पृष्ठभूमि: ओडिशा कैडर से महाराष्ट्र कैडर में उनका स्थानांतरण 2024 बैच की आईपीएस ईशानी आनंद से विवाह के उपरांत दोनों सरकारों की सहमति से हुआ था। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने सेवा से हटने का निर्णय लिया। • समान मामलों की श्रृंखला: इसी वर्ष ओडिशा कैडर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी जगमोहन मीणा और प्रशिक्षु सीए रामदास भी सेवा से इस्तीफा दे चुके हैं। इससे पता चलता है कि विभिन्न बैचों के अधिकारी अलग-अलग कारणों से सेवा छोड़ने का विकल्प चुन रहे हैं। सवाल-जवाब 1. आईपीएस आदित्य कुमार सिंह किस बैच और कैडर से जुड़े थे? वे 2023 बैच के अधिकारी थे और वर्तमान में महाराष्ट्र कैडर में कार्यरत थे। 2. यूपीएससी परीक्षा में उनकी रैंक क्या थी? उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 787वीं रैंक हासिल की थी। 3. उनका कैडर ओडिशा से महाराष्ट्र क्यों बदला गया था? महाराष्ट्र कैडर की 2024 बैच की आईपीएस अधिकारी ईशानी आनंद से विवाह के बाद उन्हें इंटर-कैडर ट्रांसफर मिला था। 4. उन्होंने महाराष्ट्र में किस पद पर सेवाएं दी थीं? ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने बुलढाणा में एएसपी (अंडर ट्रेनी) के पद पर सेवाएं दी थीं। 5. हाल ही में इस्तीफा देने वाले अन्य आईपीएस अधिकारी कौन हैं? ओडिशा कैडर के 2013 बैच के जगमोहन मीणा और 2025 बैच के प्रोबेशनर सीए रामदास ने भी सेवा छोड़ दी है। https://trendkia.com/national/maharashtra-cadre-ips-officer-aditya-kumar-singh-ne-seva-se-diya-istipha-rashtrapati-ne-di-mnjuri-46316 TrendKia — Har trend, sabse pehle.