महाराष्ट्र मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण: नाम जुड़वाने और पता सुधारने का 12 अक्टूबर तक अवसर महाराष्ट्र में मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए विशेष अभियान छेड़ा है, जहां नागरिक 12 अक्टूबर तक नए पंजीकरण, दावे और संशोधन के आवेदन जमा कर सकते हैं। महाराष्ट्र में मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया चलाई जा रही है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह पहल की है, ताकि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र या फर्जी व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न रहे। इस सघन अभियान के तहत राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, मतदान केंद्रों और घर-घर जाकर नागरिकों के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। युवाओं और नए मतदाताओं के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष शिविर मतदाता सूची में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए हैं। इन परिसरों में बूथ लेवल अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो पात्र छात्र-छात्राओं को पंजीकरण प्रक्रिया समझा रहे हैं, उनकी शंकाओं का समाधान कर रहे हैं और फॉर्म भरने में सीधे सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को तुरंत जोड़ना है जो हाल ही में मतदान की पात्रता हासिल कर चुके हैं। घर-घर सत्यापन और मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप शैक्षणिक संस्थानों के अलावा बूथ लेवल अधिकारी बस्तियों और कॉलोनियों में घर-घर जाकर ऐसे नागरिकों की पहचान कर रहे हैं, जिनके नाम प्रारंभिक प्रारूप सूची में छूट गए हैं। सत्यापन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अधिकारियों द्वारा उनसे फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। जिन नागरिकों से उनके आवास पर संपर्क नहीं हो सका, उनकी सुविधा के लिए 10 और 11 अक्टूबर को सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी नागरिक छूट न जाए। स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं के लिए नाम बहाली की व्यवस्था घर-घर गणना के दौरान कई ऐसे मतदाता चिन्हित हुए हैं जो अपने पते पर मौजूद नहीं थे या अन्यत्र चले गए हैं। ऐसे अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की सूची आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई है। जो लोग इस सूची में शामिल हैं, वे अपने विवरण की जांच कर सकते हैं और नाम दोबारा शामिल कराने अथवा आवश्यक सुधार करने के लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की प्रक्रिया और 12 अक्टूबर की समयसीमा नए नाम दर्ज कराने, मौजूदा विवरण में सुधार करने या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 12 अक्टूबर अंतिम तारीख तय की गई है। नागरिकों को डिजिटल और कागजी दोनों माध्यमों से आवेदन करने की सुविधा दी गई है। जो लोग भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करना चाहते हैं, वे चुनाव पंजीकरण अधिकारी, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी, स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी या विशेष शिविरों में जाकर आवेदन सौंप सकते हैं। वहीं डिजिटल माध्यम अपनाने वाले नागरिक चुनाव आयोग के पोर्टल या आधिकारिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए अपनी अर्जी लगा सकते हैं। सभी वैध दस्तावेजों के साथ जमा किए गए आवेदनों की जांच चुनाव पंजीकरण अधिकारियों द्वारा की जाएगी और पात्र प्रविष्टियों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज कर लिया जाएगा। सघन पुनरीक्षण की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य राज्य में चल रहे इस अभियान पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 5 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि फील्ड स्तर के सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची का नए सिरे से निर्माण करना अपरिहार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “तेज शहरीकरण, लगातार पलायन, नए योग्य युवाओं का जुड़ना, बिना रिकॉर्ड वाली मौतें और निर्वाचन क्षेत्र में बदलाव लगातार वोटर जनसांख्यिकी को बदलते हैं. अकेले पिछले 20 वर्षों में लाखों नाम जोड़े और हटाए गए हैं. समय-समय पर गहन वेरिफिकेशन जरूरी है ताकि कोई भी योग्य नागरिक बाहर न रहे और कोई भी अवैध या डुप्लीकेट एंट्री न बचे.” पारदर्शी प्रक्रिया और दोहरे पंजीकरण पर रोक मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यह पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी जमीनी जांच पर आधारित है। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर गणना फॉर्म का वितरण और संकलन, दिवंगत नागरिकों के नाम हटाना, अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज दोहरे पंजीकरण को खत्म करना और नागरिकों को वर्तनी या पते की गलतियों को ठीक करने का स्पष्ट अवसर देना शामिल है। इस व्यवस्थित कवायद से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सुदृढ़ होगी। इसका आप पर असर महाराष्ट्र के निवासियों के लिए अपने मतदान अधिकार को सुरक्षित करने और मतदाता पहचान पत्र में त्रुटियों को सुधारने का यह अंतिम अवसर है। • भारत में: निर्वाचन आयोग के इस सघन सत्यापन मॉडल से मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता बढ़ती है और दोहरे पंजीकरण खत्म होते हैं। अन्य राज्यों में भी इसी तरह की पारदर्शी प्रक्रियाओं से चुनावी प्रणाली अधिक सटीक और पारदर्शी बनती है। • महाराष्ट्र में: जिन नागरिकों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं या जो पते में बदलाव चाहते हैं, उन्हें 12 अक्टूबर तक आवेदन करना अनिवार्य है। छूटे हुए लोग 10 और 11 अक्टूबर को अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर या आधिकारिक ऐप और पोर्टल के जरिए फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। • कॉलेज छात्रों के लिए: 5 से 9 अक्टूबर के विशेष कैंपों के जरिए नए युवा मतदाताओं को सीधे कॉलेज परिसर में पंजीकरण की सुविधा दी गई है। जो युवा छूट गए हैं, वे 12 अक्टूबर तक ऑनलाइन माध्यम से आसानी से अपना नाम जुड़वा सकते हैं। • स्थानांतरित मतदाताओं के लिए: जिन लोगों का नाम अनुपस्थित या शिफ्टेड सूची में दर्ज हो गया है, उन्हें पोर्टल पर अपना नाम तुरंत जांचना चाहिए। बिना आवेदन के नाम बहाल न होने पर वे आगामी चुनावों में मतदान करने से वंचित रह सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ तीव्र शहरीकरण, जनसंख्या स्थानांतरण और अपंजीकृत मृत्यु के कारण मतदाता सूचियों में भारी विसंगतियां पैदा हो जाती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए यह सघन सत्यापन आवश्यक हो गया था। • जनसांख्यिकीय बदलाव: शहरों के तेजी से विस्तार, कार्यस्थल बदलने और लोगों के पलायन से विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता बनावट लगातार बदलती रहती है। अकेले पिछले 20 वर्षों में लाखों नाम जोड़ने और हटाने की स्थिति ने विस्तृत जमीनी पुनरीक्षण को अनिवार्य बना दिया। • दोहरे और अमान्य नाम: कई मामलों में एक ही व्यक्ति का पंजीकरण दो अलग-अलग क्षेत्रों में दर्ज रह जाता है या बिना रिकॉर्ड वाले दिवंगत व्यक्तियों के नाम सूची में बने रहते हैं। निर्वाचन आयोग की प्राथमिक जांच का उद्देश्य इन सभी अवैध और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना है। • छूटे हुए पात्र मतदाता: नियमित प्रक्रियाओं के दौरान कई युवा और नव-पात्र नागरिक सूची में शामिल होने से वंचित रह जाते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए घर-घर जाकर फॉर्म 6 भरवाने और विशेष शिविर लगाने की रूपरेखा तैयार की गई। सवाल-जवाब 1. महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार की आखिरी तारीख क्या है? दावे, आपत्तियां और नए पंजीकरण के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर है। 2. जो लोग घर पर नहीं मिले, उनके लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप कब लगेंगे? घर-घर सत्यापन के दौरान अनुपलब्ध रहे नागरिकों के लिए 10 और 11 अक्टूबर को सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। 3. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष पंजीकरण शिविर कब से कब तक आयोजित किए गए? छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक परिसरों में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक विशेष वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए गए। 4. नागरिक किन डिजिटल माध्यमों से वोटर लिस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं? नागरिक चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल या ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 5. स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता अपना नाम कैसे देख सकते हैं? अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है, जहां लोग ऑनलाइन अपना नाम चेक कर सकते हैं। 6. ऑफलाइन आवेदन किन अधिकारियों के पास जमा किए जा सकते हैं? नागरिक अपने आवेदन स्थानीय बीएलओ, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी, चुनाव पंजीकरण अधिकारी या विशेष शिविरों में जमा कर सकते हैं। https://trendkia.com/national/maharashtra-matadata-suchi-vishesha-snkshipta-punarikshana-nama-juravane-aura-pata-sudharane-ka-12-aktubara-taka-avasara-44803 TrendKia — Har trend, sabse pehle.