# महिला पहलवानों ने दी चुनौती, बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ गईं मुश्किलें

> यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/mahila-pahalavanon-ne-di-chunauti-brij-bhushan-sharan-singh-ki-barha-gain-mushkilen-39922 · **Language:** Hindi
**Tags:** बृजभूषण शरण सिंह, महिला पहलवान, राऊज एवेन्यू कोर्ट, यौन उत्पीड़न मामला, कुश्ती महासंघ

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर गहरी होती नजर आ रही हैं। यौन उत्पीड़न के एक पुराने मामले में निचली अदालत की तरफ से बरी किए जाने के आदेश को अब चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। इस चुनौती के सामने आने के बाद राऊज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट ने मामले पर सुनवाई शुरू कर दी है और इसी के तहत अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ-साथ इस मामले के अन्य आरोपी विनोद तोमर को भी नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। सेशन कोर्ट ने दोनों ही आरोपियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए आगामी 9 अक्टूबर की समय-सीमा तय की है। अब इस कानूनी पेंच पर अगली सुनवाई ठीक उसी दिन यानी 9 अक्टूबर को ही तय की गई है, जिस दिन दोनों पक्षों के जवाबों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा।

 

## मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती
 इससे पहले के कानूनी घटनाक्रम में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के इन गंभीर आरोपों से बृजभूषण शरण सिंह को पूरी तरह से बरी कर दिया था। उस फैसले के आने के बाद से ही असंतोष का माहौल था, जिसके चलते अब चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट के समक्ष औपचारिक अपील दायर की है। इन महिला पहलवानों ने अदालत से पुरजोर मांग की है कि बीजेपी नेता और WFI के पूर्व अध्यक्ष को राहत देने वाले उस पिछले फैसले को रद्द कर दिया जाए। मामले की अगली कड़ी के रूप में सेशन कोर्ट अब 9 अक्टूबर को आगे की सुनवाई करेगा, जहां आरोपियों के जवाब आने के बाद अदालत यह तय करेगी कि कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

 

## निचली अदालत के फैसले पर लगाए गए गंभीर आरोप
 अपनी इस नई अपील के भीतर महिला पहलवानों ने यह गंभीर आरोप मजबूती के साथ उठाया है कि निचली अदालत का फैसला तथ्यात्मक आधार पर न होकर पूरी तरह से अनुमानों और अटकलों पर आधारित था। याचिका में यह भी कहा गया है कि वह फैसला यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का शिकार हुए पीड़ितों के अपेक्षित और स्वाभाविक आचरण के बारे में समाज के पुराने और रूढ़िवादी विचारों को ही दर्शाता है।

 

## सबूतों के मूल्यांकन पर उठाए गए सवाल
 याचिका में इस बात का ठोस तर्क दिया गया है कि निचली अदालत ने अभियोजन पक्ष के पूरे मामले को सिरे से खारिज करते वक्त सबूतों का समग्र और व्यापक रूप से मूल्यांकन करने की जहमत नहीं उठाई। इसके बजाय अदालत ने गवाहों के समर्थन और बयानों पर विचार करने के स्थान पर केवल मामूली विसंगतियों और अलग-थलग पाई गई छोटी-मोटी चूकों पर ही अपना सारा ध्यान केंद्रित कर लिया, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

 

## साल 2023 में दर्ज हुई थी एफआईआर
 पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब कुल 6 महिला पहलवानों ने आगे आकर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। उन पहलवानों की तरफ से दी गई शिकायतों के आधार पर ही दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद लंबी जांच-पड़ताल के बाद 15 जून, 2023 को पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं यानी आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354डी और 506(1) के तहत निर्धारित अपराधों के अंतर्गत अपना आरोप पत्र दाखिल किया था।

## इसका आप पर असर
इस कानूनी प्रक्रिया का असर देश भर के खेल जगत और न्याय प्रणाली पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** यह मामला देश भर में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों की लड़ाई से जुड़ा एक अहम मील का पत्थर है। इससे यह संकेत मिलता है कि निचली अदालतों के फैसलों के खिलाफ उच्च मंचों पर न्याय पाने की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है।

- **दिल्ली में:** राऊज एवेन्यू कोर्ट में चलने वाली आगामी सुनवाइयों पर स्थानीय स्तर पर और खेल प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी। 9 अक्टूबर को होने वाली अगली तारीख पर सभी पक्षों की दलीलें और जवाब तय करेंगे कि मामले की दिशा क्या होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा कानूनी विवाद महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और उसके बाद की न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण उपजा है।

- **प्राथमिक शिकायत:** छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में एफआईआर दर्ज की थी।

- **निचला फैसला:** मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सबूतों में विसंगतियों का हवाला देते हुए आरोपी को बरी कर दिया था, जिसे अब सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई है।

- **कानूनी कदम:** चार महिला पहलवानों ने इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की है, जिसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी कर नए सिरे से जवाब मांगा है।

## सवाल-जवाब

### 1. बृजभूषण शरण सिंह को किस मामले में चुनौती दी गई है?
महिला पहलवानों ने उन्हें यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए जाने के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है।

### 2. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

### 3. कोर्ट ने किन लोगों को नोटिस जारी किया है?
सेशन कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

### 4. यह मामला किस अदालत में चल रहा है?
यह मामला राऊज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट में चल रहा है।

### 5. मूल एफआईआर कब दर्ज की गई थी?
दिल्ली पुलिस ने 15 जून, 2023 को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था।

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