मानसून का रौद्र रूप: दिल्ली से बिहार तक तेज आंधी और झमाझम बारिश का अलर्ट आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है, जिसमें दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्य शामिल हैं। मानसून ने अब देशभर में रफ्तार पकड़ ली है और दिल्ली से लेकर मुंबई तक झमाझम बारिश शुरू हो चुकी है। जून के आखिरी दिनों में गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिलती दिख रही है, लेकिन मौसम विभाग ने इसके साथ एक बड़ी चेतावनी भी जारी कर दी है। भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी, 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, बिजली गिरेगी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसकी वजह से शहरों में जलभराव, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आईएमडी का कहना है कि इस बार कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय होने से मानसून को अतिरिक्त ताकत मिल रही है, इसलिए यह सामान्य बारिश नहीं बल्कि कई राज्यों में हाई इम्पैक्ट वेदर इवेंट बन सकती है। दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, उत्तर ओडिशा तट के पास सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और एक पश्चिमी विक्षोभ, ये चारों सिस्टम मिलकर मानसून को लगातार मजबूत बना रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में यह सिस्टम और सक्रिय होगा, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दायरा और फैलेगा। कई इलाकों में तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, लेकिन इसके साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। यानी गर्मी से राहत के साथ-साथ लोगों को सतर्कता भी बरतनी होगी, क्योंकि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली से नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। महाराष्ट्र में भी मानसून लगातार कहर बरपा रहा है और यहां बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मानसून की उत्तरी सीमा दिल्ली तक पहुंची मानसून की उत्तरी सीमा अब दिल्ली, पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। इसका असर खेती-किसानी पर सकारात्मक पड़ सकता है, क्योंकि समय पर हुई बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है और बुवाई के काम में तेजी आ सकती है। लेकिन जिन शहरों में ड्रेनेज व्यवस्था कमजोर है, वहां जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए प्रशासन के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। एक साथ सक्रिय कई सिस्टम बढ़ा रहे चिंता इस बार मौसम वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर एरिया लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ मानसूनी ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं। इन सभी सिस्टम के संयुक्त असर से कई राज्यों में एक ही समय पर तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। यही वजह है कि मौसम विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से बिजली गिरने या भूस्खलन का खतरा रहता है, वहां प्रशासन को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। दिल्ली-एनसीआर में मानसून की दमदार एंट्री दिल्ली-एनसीआर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। 3 जुलाई को राजधानी में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सुबह और शाम के समय तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से जरूर राहत मिलेगी, लेकिन दफ्तर या स्कूल जाने वालों को यात्रा में देरी के लिए पहले से तैयार रहना होगा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय दिखाई देगा। सहारनपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, इटावा, बांदा, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, शाहजहांपुर, सोनभद्र और आसपास के जिलों में भारी बारिश और 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जबकि शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे स्थानीय प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में आ गया है। बिहार में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी बिहार के भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, बक्सर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात यानी बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है और लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। झारखंड में तीन दिन भारी बारिश, नदियों पर नजर झारखंड में 3 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची, दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, बोकारो, गिरिडीह, जामताड़ा, पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, लोहरदगा और सरायकेला में तेज बारिश के साथ 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश से छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पश्चिम बंगाल में लो-प्रेशर सिस्टम का असर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल पर दिखाई देगा। कोलकाता, कालिम्पोंग, कूचबिहार, मुर्शिदाबाद, हुगली, नादिया, बीरभूम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कुल मिलाकर आने वाले कुछ दिन देश के बड़े हिस्से के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने के लिहाज से संवेदनशील बने रहेंगे, इसलिए हर राज्य में प्रशासन और आम लोगों दोनों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखनी होगी। इसका आप पर असर आईएमडी के इस अलर्ट का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। • भारत में: दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें, क्योंकि 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। • किसानों के लिए: उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में खेतों में काम करते समय सावधानी बरतनी होगी, हालांकि मानसून की मजबूती खेती के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। • शहरी इलाकों में: दिल्ली और पटना जैसे शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका है, इसलिए सुबह-शाम बाहर निकलने से पहले अतिरिक्त समय लेकर चलें। सवाल-जवाब 1. आईएमडी ने कितनी रफ्तार की हवाओं की चेतावनी दी है? आईएमडी ने कई राज्यों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी दी है। 2. दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट कब जारी हुआ है? 3 जुलाई को दिल्ली में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, जहां हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। 3. झारखंड में कितने दिन भारी बारिश की संभावना है? झारखंड में 3 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 4. बिहार में किस खतरे को लेकर खास चेतावनी दी गई है? बिहार में वज्रपात यानी बिजली गिरने को लेकर खास चेतावनी दी गई है, लोगों को खुले मैदान और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 5. कौन-कौन से मौसमी सिस्टम मानसून को मजबूत बना रहे हैं? बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव क्षेत्र, उत्तर ओडिशा तट के पास साइक्लोनिक सर्कुलेशन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मानसून को मजबूत बना रहे हैं। 6. मानसून की उत्तरी सीमा अभी कहां तक पहुंची है? मानसून की उत्तरी सीमा दिल्ली, पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों तक पहुंच चुकी है। https://trendkia.com/national/manasuna-ka-raudra-rupa-delhi-se-bihar-taka-teja-andhi-aura-jhamajhama-barisha-ka-alarta-4260 TrendKia — Har trend, sabse pehle.