# मानसून का तांडव: 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

> भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/manasuna-ka-tandava-18-rajyon-men-bhari-barisha-ka-alarta-imd-ne-di-chetavani-6976 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून, भारी बारिश, मौसम विभाग, IMD, बाढ़, अलर्ट

जुलाई का महीना आधे पड़ाव पर है और देश भर में मानसून ने अपनी पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, आज उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना है। मानसून का यह व्यापक असर राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। विशेष रूप से बिहार, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में जलजमाव के कारण बाढ़ जैसी विकट स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।

## मानसून की सक्रियता का कारण
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय मानसून ट्रफ बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर भारत के विशाल हिस्से तक सक्रिय बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी विक्षोभ और कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने मिलकर वायुमंडल में एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिससे अगले 24 घंटों में देश के बड़े भूभाग पर बारिश की तीव्रता बनी रहेगी। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की चेतावनी दी गई है। पंजाब और हरियाणा, जो अब तक भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे थे, वहां भी अब मानसून का असर देखने को मिलेगा।

## पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश
पूर्वोत्तर भारत इस समय मानसून की मुख्य धुरी बना हुआ है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने खास तौर पर मेघालय और असम के लिए अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन होने, सड़कें बाधित होने और प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को निर्देश दिए हैं कि वे जब तक आवश्यक न हो, लंबी यात्राओं से बचें।

## पूर्वी भारत और बिहार की स्थिति
पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता अपने चरम पर है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, गंगीय पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई स्थानों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। बिहार के विभिन्न जिलों में बहुत भारी बारिश के चलते छोटी नदियों में उफान आने और निचले इलाकों में जलमग्न होने का अंदेशा है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा में भी अगले 24 घंटे मौसम का मिजाज इसी प्रकार बने रहने के संकेत हैं।

## दिल्ली-एनसीआर का हाल
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के निवासियों के लिए रविवार का दिन मिश्रित राहत लेकर आएगा। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ होने वाली यह बारिश तापमान में कमी लाएगी, लेकिन आईएमडी ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी भी हो सकती है। सुबह और शाम का समय सुहावना रहेगा, लेकिन दोपहर के समय उच्च आर्द्रता (नमी) के कारण लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है।

## उत्तर प्रदेश और देवभूमि उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ चुका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, बलिया, कुशीनगर और वाराणसी समेत आसपास के इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। यहां बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी चिंताजनक है। देहरादून, नैनीताल, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी वर्षा के चलते चारधाम यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और यातायात बाधित होने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने पर्यटकों को पूरी जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करने का परामर्श दिया है।

## मध्य और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून का असर बना रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज के साथ तेज बारिश की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट है। विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। कोंकण-गोवा में निरंतर मानसूनी वर्षा जारी रहेगी। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में भी बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में बारिश जारी रहने के साथ, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी वर्षा होगी, हालांकि तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में अभी भी हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है।

## समुद्री चेतावनी
आईएमडी ने चेतावनी जारी की है कि अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। गुजरात तट और उत्तर अरब सागर में समुद्र की स्थिति बेहद उग्र रह सकती है, जिसके मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में प्रवेश न करने की स्पष्ट सलाह दी गई है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यात्रा पर निकलने से पहले अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान की जांच जरूर करें और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की संभावना के चलते एहतियात बरतें।

**स्थानीय (दिल्ली/उत्तर प्रदेश):** दिल्ली और उत्तर प्रदेश के निवासी गरज-चमक के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी से चलें।

## सवाल-जवाब

### 1. मानसून का सबसे ज्यादा असर किन राज्यों पर पड़ेगा?
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे अधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

### 2. क्या दिल्ली में भारी बारिश की संभावना है?
हां, मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।

### 3. मछुआरों के लिए क्या चेतावनी है?
समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

### 4. चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को क्या सलाह दी गई है?
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।

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