# मणिपुर में फिर बढ़ा अफस्पा, 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरा राज्य अगले 6 महीने अशांत क्षेत्र घोषित

> केंद्र सरकार ने मणिपुर में कानून व्यवस्था की ताजा समीक्षा के बाद 1 अक्टूबर 2026 से छह महीने के लिए अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्र का दायरा बढ़ा दिया है, जिसमें पांच जिलों के 13 पुलिस स्टेशनों को बाहर रखा गया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/manipur-men-phira-barha-afspa-13-thana-kshetron-ko-chhorakara-pura-rajya-agale-6-mahine-ashanta-kshetra-ghoshita-38602 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर, अफस्पा, अशांत क्षेत्र, गृह मंत्रालय, कानून व्यवस्था, इंफाल

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में सुरक्षा हालात और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम 1958 यानी अफस्पा को अगले छह महीने के लिए प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक व्यवस्था के तहत राज्य के 5 जिलों में स्थित 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी इलाकों को 1 अक्टूबर 2026 से अशांत क्षेत्र का दर्जा दिया गया है। यदि स्थिति में सुधार होने पर सरकार इसे समय से पहले वापस नहीं लेती है, तो यह आदेश तय अवधि तक निरंतर लागू रहेगा।

## कानून व्यवस्था की ताजा समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय
अधिकारियों ने राज्य भर में सुरक्षा वातावरण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और कानून व्यवस्था की समग्र स्थिति का गहन मूल्यांकन करने के बाद यह कदम उठाया है। सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम 1958 (1958 का अधिनियम संख्या 28) की धारा 3 के अंतर्गत प्राप्त वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की गई है। प्रशासनिक स्तर पर किए गए सुरक्षा विश्लेषण में पाया गया कि घाटी और पहाड़ी इलाकों में शांति बहाली तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों को आवश्यक कानूनी सुरक्षा और अधिकार देना अनिवार्य है।

## अप्रैल से लागू पुरानी व्यवस्था का हुआ विस्तार
इससे पूर्व केंद्र सरकार ने 23 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना का.आ. 1515 (अ) के माध्यम से 1 अप्रैल 2026 से छह महीने की अवधि के लिए भी इन्हीं 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को बाहर रखते हुए पूरे मणिपुर को अशांत क्षेत्र घोषित किया था। सितंबर के अंत में उस छह महीने की मियाद पूरी होने के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ ताजा रिपोर्टों का अध्ययन किया गया। समीक्षा बैठक के निष्कर्षों के आधार पर सरकार ने पूर्व के आदेश को आगे बढ़ाते हुए 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीनों के लिए यथास्थिति बनाए रखने पर मुहर लगा दी।

## किन 13 थाना क्षेत्रों को मिली है इस आदेश से छूट
सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम के कड़े प्रावधानों से जिन 13 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र को अलग रखा गया है, वे मुख्य रूप से घाटी के पांच प्रमुख जिलों में स्थित हैं। इन छूट प्राप्त क्षेत्रों में स्थानीय नागरिक पुलिस की सामान्य व्यवस्था के तहत ही कानून का संचालन होता रहेगा।

- **इंफाल पश्चिम जिला:** इंफाल, लाम्फेल, सिटी (शहर), सिंजामेई, पतसोई और वांगोई पुलिस स्टेशन।
- **इंफाल पूर्व जिला:** पोरोम्पैट, हिंगांग और इरिलवंग पुलिस स्टेशन।
- **थौबल जिला:** थौबल पुलिस स्टेशन।
- **विष्णुपुर जिला:** विष्णुपुर और नामबोल पुलिस स्टेशन।
- **काकचिंग जिला:** काकचिंग पुलिस स्टेशन।

इन 13 महत्वपूर्ण पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले शहरी और घनी आबादी वाले आवासीय इलाकों को अशांत क्षेत्र के कड़े नियमों से मुक्त रखने का फैसला यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल मुख्य रूप से संवेदनशील और सीमावर्ती हिस्सों पर अपनी निगरानी केंद्रित रखेंगे।

## इसका आप पर असर
मणिपुर में अफस्पा के विस्तार से सुरक्षा बलों की चौकसी और प्रशासनिक नियंत्रण पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बनी रहेगी। इस कदम से सीमावर्ती राज्यों में स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रशासनिक संकल्प का संकेत मिलता है।
- **मणिपुर में:** 13 चिन्हित शहरी पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहने वाले नागरिकों को सामान्य दिनों की तुलना में कड़ी सैन्य जांच और नाकाबंदी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं छूट प्राप्त पांच जिलों के 13 थाना क्षेत्रों में स्थानीय नागरिक पुलिस की सामान्य कार्यप्रणाली पहले की तरह जारी रहेगी।
- **यात्रियों और व्यापारियों के लिए:** राजमार्गों और संवेदनशील ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों और यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा चौकियों पर जांच से गुजरना होगा। यात्रा या व्यापार की योजना बनाते समय स्थानीय सुरक्षा निर्देशों और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- **नागरिक प्रशासन:** जिलाधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को अशांत क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा। किसी भी आपात स्थिति या विवाद के दौरान विशेष शक्तियों के तहत त्वरित सुरक्षा कार्रवाई की जा सकेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निर्णय मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा और संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने की आवश्यकता के चलते लिया गया है।

- **कानून व्यवस्था की समीक्षा:** राज्य में सुरक्षा वातावरण के निरंतर मूल्यांकन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए विशेष शक्तियों की आवश्यकता बनी हुई है। इसी निष्कर्ष के आधार पर गृह मंत्रालय ने छह महीने का नया सेवा विस्तार मंजूर किया।
- **अप्रैल 2026 के आदेश की निरंतरता:** इससे पहले 23 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए 1 अप्रैल 2026 से छह महीने के लिए राज्य को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था। वह अवधि सितंबर के अंत में समाप्त हो रही थी, जिससे इस प्रशासनिक आदेश का नवीनीकरण अनिवार्य हो गया था।
- **चुनिंदा क्षेत्रों को छूट:** पूर्व के विश्लेषण की तरह ही पांच जिलों के अपेक्षाकृत स्थिर 13 शहरी पुलिस थाना क्षेत्रों में शांतिपूर्ण स्थिति को देखते हुए उन्हें इस कड़े कानून के दायरे से बाहर रखा गया।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर में अफस्पा कब से और कितने समय के लिए बढ़ाया गया है?
मणिपुर में अफस्पा 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने की अवधि के लिए लागू किया गया है।

### 2. किन इलाकों को अशांत क्षेत्र के दायरे से बाहर रखा गया है?
पांच जिलों के 13 प्रमुख पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों को इस घोषणा से छूट दी गई है।

### 3. छूट प्राप्त 13 पुलिस स्टेशन किन जिलों में स्थित हैं?
ये पुलिस स्टेशन इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, विष्णुपुर और काकचिंग जिलों में स्थित हैं।

### 4. यह आदेश किस कानून के तहत जारी किया गया है?
यह फैसला सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम 1958 की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करके लिया गया है।

### 5. क्या इस आदेश को छह महीने पूरे होने से पहले वापस लिया जा सकता है?
हाँ, अधिसूचना के अनुसार यदि हालात में सुधार होता है, तो सरकार इसे निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले भी वापस ले सकती है।

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