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  "title": "मार्शल आर्ट से लेकर AI तक, पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कैंपों में जिहादियों की नई ट्रेनिंग",
  "summary": "पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा अपनी राजनीतिक शाखा PMML की आड़ में युवाओं को मार्शल आर्ट, तैराकी और AI समेत आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दे रहा है, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियां एक नए हाई-टेक जिहाद के तौर पर देख रही हैं.",
  "content": "पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा अपनी रणनीति में एक बड़ा और खतरनाक बदलाव करता दिख रहा है, जिसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. कश्मीर में सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और सीमा पर कड़ी निगरानी के चलते घुसपैठ के पुराने और पारंपरिक तरीके अब नाकाम साबित हो रहे हैं. यही वजह है कि लश्कर अब सिर्फ बंदूक और बारूद तक सीमित न रहकर एक बिल्कुल नई तरह के हाई-टेक जिहाद की जमीन तैयार कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े पुख्ता सूत्रों का कहना है कि संगठन अब पाकिस्तानी युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, साइबर वॉरफेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग भी दे रहा है. यह पूरी कवायद भविष्य की आतंकी और तकनीकी गतिविधियों को ध्यान में रखकर बेहद सुनियोजित तरीके से चलाई जा रही बताई जा रही है.\n\nराजनीतिक चोले के पीछे चल रही आतंकी फैक्ट्री\nसूत्रों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा सीधे अपने नाम से सामने नहीं आता. संगठन अपनी राजनीतिक शाखा पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग यानी PMML के सफेदपोश बैनर तले पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में युवाओं के लिए खास ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रहा है. यह तरीका संगठन को खुले तौर पर आतंकी गतिविधि से जोड़े जाने से बचाता है, जबकि जमीन पर असल काम पूरी तेजी से चलता रहता है. इन कैंपों में सिर्फ वैचारिक या धार्मिक ब्रेनवॉशिंग नहीं की जा रही, बल्कि इसके समानांतर एक बेहद कड़ा शारीरिक और तकनीकी प्रशिक्षण मॉड्यूल भी तैयार किया गया है. यहां युवाओं को जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, कुश्ती और मुश्किल शारीरिक कसरतें सिखाई जा रही हैं, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति और आमने-सामने की लड़ाई में खुद को साबित कर सकें. इस पूरी कवायद का मकसद साफ है, एक ऐसा प्रशिक्षित कैडर खड़ा करना जो शारीरिक रूप से किसी कमांडो जितनी क्षमता रखता हो और जरूरत पड़ने पर हाथों-हाथ की लड़ाई में भी पीछे न हटे.\n\nस्विमिंग पूल में खुद उतरा मोस्ट वांटेड आतंकी\nइस पूरे मामले से जुड़े कुछ वीडियो बेहद चौंकाने वाले सामने आए हैं. इनमें भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी राणा मोहम्मद अशफाक खुद एक स्विमिंग पूल में उतरकर पाकिस्तानी युवाओं को तैराकी की एडवांस ट्रेनिंग देता हुआ दिखाई दे रहा है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर के इतने बड़े कमांडर का खुद पानी में उतरकर ट्रेनिंग देना यह साबित करता है कि संगठन जलमार्ग से होने वाली घुसपैठ और 26/11 जैसे समुद्री हमलों की तर्ज पर विशेष अभियानों के लिए नए लड़ाके तैयार कर रहा है. मुश्किल हालात में पानी के रास्ते रेस्क्यू करने और बिना किसी को भनक लगे सीमा पार करने की यह कला इन युवाओं को एक खतरनाक जल-सैनिक के रूप में बदल रही है. जानकारों के मुताबिक यह ट्रेनिंग बताती है कि लश्कर सिर्फ जमीनी घुसपैठ तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि समुद्र और नदी के रास्ते भी हमले की संभावनाएं टटोल रहा है.\n\nअब महिलाओं को भी दी जा रही AI और डिजिटल टूल्स की ट्रेनिंग\nइस नई रणनीति का सबसे खतरनाक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि लश्कर अब सूचना युद्ध और तकनीक के मोर्चे पर भी भारत को चुनौती देने की फिराक में है. सूत्रों का दावा है कि स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी साक्षरता के नाम पर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी महिलाओं और युवतियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टूल्स, कोडिंग और नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा रही है. एक वीडियो में आतंकी राणा मोहम्मद अशफाक साफ तौर पर यह स्वीकार करता हुआ दिख रहा है.\n\n दुश्मन (भारत) तकनीक के मामले में हमसे काफी आगे निकल चुका है, इसलिए हमारे मुजाहिदों को भी हर हाल में आधुनिक तकनीक सीखनी ही होगी.\nयह बयान खुद इस बात की तस्दीक करता है कि संगठन अपनी तकनीकी कमजोरी को लेकर सजग है और उसे पाटने के लिए महिलाओं को भी इस मुहिम में शामिल किया जा रहा है, जो लश्कर की परंपरागत कार्यशैली से बिल्कुल अलग बदलाव है.\n\nसाइबर हमलों और प्रोपेगेंडा की बढ़ी आशंका\nलश्कर-ए-तैयबा के इस तकनीकी झुकाव ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है. खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि इस एडवांस ट्रेनिंग का इस्तेमाल आगे चलकर भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर साइबर हमलों, अहम बुनियादी ढांचों को हैक करने, सोशल मीडिया पर डीपफेक और AI के जरिए प्रोपेगेंडा फैलाने और कश्मीर घाटी में युवाओं को भड़काने के लिए किया जा सकता है. पाकिस्तान में लश्कर के इन कैंपों में लगातार शीर्ष आतंकियों की आवाजाही बनी हुई है, जो युवाओं को कथित मिशन के लिए प्रेरित करते रहते हैं. भारत की तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस पल-पल बदलते हाई-टेक जिहाद के नेटवर्क पर पैनी नजर रखे हुए हैं और इसे आने वाले समय की एक बेहद गंभीर सुरक्षा चुनौती के तौर पर देख रही हैं. एजेंसियों के लिए अब चुनौती दोहरी हो गई है, एक तरफ सीमा पर पारंपरिक घुसपैठ पर नजर रखनी है, तो दूसरी तरफ साइबर स्पेस और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही डिजिटल साजिशों को भी वक्त रहते पकड़ना है.\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: इस खुलासे के बाद सीमाई इलाकों, हवाई अड्डों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी और सख्त हो सकती है.\n• कश्मीर घाटी में: स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया पर डीपफेक और AI आधारित प्रोपेगेंडा के जरिए बहकाने की कोशिशें बढ़ सकती हैं, इसलिए ऐसी भड़काऊ सामग्री को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. लश्कर-ए-तैयबा अपनी रणनीति में क्या बदलाव कर रहा है?\nसंगठन अब पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ मार्शल आर्ट, तैराकी और AI जैसी आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग भी दे रहा है.\n\n2. यह ट्रेनिंग किसके बैनर तले चलाई जा रही है?\nयह ट्रेनिंग लश्कर की राजनीतिक शाखा पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग यानी PMML के बैनर तले पाकिस्तान के कई शहरों में चलाई जा रही है.\n\n3. स्विमिंग पूल वाले वीडियो में कौन नजर आया?\nवीडियो में भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी राणा मोहम्मद अशफाक खुद पूल में उतरकर युवाओं को तैराकी की एडवांस ट्रेनिंग देता दिखा है.\n\n4. महिलाओं को किस तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है?\nसूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी महिलाओं और युवतियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टूल्स, कोडिंग और नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा रही है.\n\n5. सुरक्षा एजेंसियों को किस बात की सबसे ज्यादा आशंका है?\nएजेंसियों को डर है कि इस ट्रेनिंग का इस्तेमाल साइबर हमलों, बुनियादी ढांचे को हैक करने और डीपफेक के जरिए प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया जा सकता है.\n\n6. स्विमिंग ट्रेनिंग को 26/11 से क्यों जोड़ा जा रहा है?\nविशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेनिंग जलमार्ग से घुसपैठ और 26/11 जैसे समुद्री हमलों की तर्ज पर हमलावर तैयार करने का इशारा करती है.",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-07-15",
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