# मथुरा में बिना नियम चल रहे होटलों पर प्रशासन का शिकंजा, धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर 10 होटल सील, 35 संचालकों को नोटिस

> मथुरा जिला प्रशासन ने धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर बिना पंजीकरण और फायर NOC के चल रहे होटलों-गेस्ट हाउसों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें 10 होटल सील किए गए और करीब 30 से 35 संचालकों को नोटिस थमाया गया।

**Category:** भारत · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/mathura-men-bina-niyama-chala-rahe-hotalon-para-prashasana-ka-shiknja-dhauli-pya-379

मथुरा में बिना किसी मानक और अनुमति के चल रहे होटलों और गेस्ट हाउसों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी मुहिम छेड़ दी है। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र की अगुवाई में फायर ब्रिगेड और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम जैसे ही धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर पहुंची, होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। चार घंटे तक चली इस सख्त कार्रवाई में 10 होटलों को सील करने के निर्देश दिए गए और करीब 30 से 35 संचालकों को नोटिस थमाया गया।

## छापे में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत
जांच के दौरान पता चला कि कई होटलों में कमरे महज 1 या 2 घंटे के लिए दिए जा रहे थे। कई संचालकों के पास तो ठहरने वाले ग्राहकों की आईडी तक मौजूद नहीं थी। इसी गड़बड़ी को देखते हुए टीम ने 6 से 7 होटलों के रजिस्टर मौके पर ही जब्त कर लिए। हालत यह थी कि एक होटल मैनेजर टीम को आता देख आनन-फानन में अपना रजिस्टर भरने में जुट गया।

## तंग गलियों में चल रहे गेस्ट हाउस बने खतरा
शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस अवैध रूप से चल रहे हैं। इनमें से कई ने न तो पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराया और न ही किसी विभाग की NOC ले रखी है। कई गेस्ट हाउस तो इतनी संकरी गलियों में बने हैं कि वहां बिना किसी अनुमति के कारोबार चल रहा है। कुछ मामले ऐसे भी मिले जहां लोगों ने अपने घरों के बाहर बोर्ड टांगकर उन्हें गेस्ट हाउस का रूप दे दिया है। ऐसी जगहों पर ठहरने वाले यात्रियों के लिए किसी आपात स्थिति में जान का खतरा बना रहता है।

## धौली प्याऊ पहुंचकर खुली रह गईं प्रशासन की आंखें
जब सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र फोर्स के साथ धौली प्याऊ पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर खुद प्रशासन हैरान रह गया। यहां मकान कम और होटल व गेस्ट हाउस ज्यादा नजर आए। कई जगह तो एक ही इमारत में परिवार भी रह रहा था और साथ-साथ होटल भी चल रहा था। इलाके की हर गली का हाल ऐसा है कि वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी तो दूर, उसकी मोटरसाइकिल तक नहीं पहुंच सकती। यह स्थिति देखकर प्रशासन ने माथा पकड़ लिया और संकेत दिए कि अब जिम्मेदार अधिकारियों के साथ-साथ होटल संचालकों पर भी सख्ती बरती जाएगी।

## पुराने नोटिस के बावजूद धड़ल्ले से कारोबार
कार्रवाई के दौरान 15 ऐसे गेस्ट हाउस सामने आए जिन्हें पहले से ही फायर ब्रिगेड और प्रदूषण विभाग के नोटिस मिल चुके हैं, फिर भी वे बेरोकटोक चल रहे थे। लापरवाही के साथ-साथ इन होटलों में अवैध गतिविधियों की भनक भी प्रशासन को लगी है, जिसके बाद संचालकों की नींद उड़ गई है। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर चल रहे करीब 30 से 35 होटलों के मालिकों को नोटिस दिए, वहीं 10 होटलों को सील करने के आदेश जारी किए। कार्रवाई के बाद उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के 30 से 35 होटल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे और सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

## 15 दिन की मोहलत, कमी न सुधरी तो होगी सीलिंग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि ज्यादातर होटलों में फायर NOC नदारद मिली और न ही वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और संसाधन पाए गए। अब इन सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। जिन संचालकों को नोटिस दिए गए हैं, उन्हें कमियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगर तय समय में खामियां नहीं सुधारी गईं तो इन होटलों को सील करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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