# मऊ में मकानों और स्कूल के ऊपर से गुजरती हाई टेंशन लाइनें बनीं जानलेवा खतरा, ग्रामीणों में गहराया खौफ

> मऊ जिले में रिहायशी छतों, खेतों और एक विद्यालय के ठीक ऊपर से लटकती हाई टेंशन और एलटी बिजली की तारों से हादसों का डर बना हुआ है। हाल ही में करंट से तीन युवकों की मौत के बाद स्थानीय लोग तारों को तुरंत दुरुस्त और स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/mau-men-makanon-aura-skula-ke-upara-se-gujarati-high-tension-lainen-banin-janaleva-khatara-graminon-men-gaharaya-khaupha-46847 · **Language:** Hindi
**Tags:** मऊ समाचार, हाई टेंशन तार, बिजली विभाग, गालिबपुर प्राथमिक विद्यालय, बिजली करंट हादसा, उत्तर प्रदेश समाचार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में रिहायशी बस्तियों, कृषि भूमियों और शैक्षणिक परिसरों के बेहद करीब से गुजरने वाले बिजली के हाई टेंशन तार स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर और लगातार बना रहने वाला खतरा साबित हो रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि जनपद के विभिन्न हिस्सों में बिजली के इन भारी तारों की चपेट में आकर नागरिकों की जान जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, मगर संबंधित प्रशासनिक तंत्र इस पर अब तक कोई ठोस व स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है। कई मकानों की छतों से महज कुछ फीट की दूरी पर लटकते ये तार रोजमर्रा की जिंदगी को भारी जोखिम में डाल रहे हैं, जिसके कारण लोग अपने ही घरों की छतों पर जाने से कतराने लगे हैं।

## ग्रामीण इलाकों और नगर क्षेत्र में छतों के पास लटकते तार
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉक्टर धर्म सिंह गौतम के अनुसार घरों के बिल्कुल ऊपर से जाने वाले हाई टेंशन तारों के कारण आम नागरिकों को हर समय अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। उनका कहना है कि केवल मुख्य हाई टेंशन लाइन ही नहीं, बल्कि एलटी यानी लो टेंशन बिजली की लाइनें भी ग्रामीण इलाकों के साथ साथ नगर क्षेत्र में बने मकानों की छतों से नाममात्र की दूरी पर गुजर रही हैं। छतों और इन नंगे तारों के बीच बेहद कम अंतर होने के कारण हमेशा यह आशंका बनी रहती है कि कोई मामूली सी असावधानी भी किसी बड़े बिजली हादसे का सबब बन सकती है। इस तरह के तारों के संपर्क में आने से पूर्व में भी कई नागरिकों की असमय जान जा चुकी है।

स्थानीय स्तर पर इसे बिजली विभाग की कार्यप्रणाली की बड़ी चूक माना जा रहा है। अगर बिजली विभाग समय रहते सक्रिय होकर केबलों को सही ढंग से व्यवस्थित कर दे या भूमिगत व कवर्ड केबलिंग का सुरक्षित प्रबंध कर दे, तो इस तरह के जानलेवा हादसों को पूरी तरह रोका जा सकता है। यह संकट केवल रिहायशी मकानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार भी जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर झूलते रहते हैं। जब किसान खेतों में जुताई, बुआई या अन्य कृषि कार्य करते हैं, तो उन्हें हर कदम पर करंट लगने का खतरा बना रहता है, जिससे उनकी खेती का काम भी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि विभाग को प्राथमिकता के आधार पर सभी जर्जर व लटकते तारों की मरम्मत कर उन्हें सुनियोजित करना चाहिए।

## हालिया हादसे के बाद दहशत, मंत्री के गृह जनपद में दावों पर सवाल
पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी राजेंद्र यादव का कहना है कि बिजली तंत्र की अनदेखी के चलते जनपद में आए दिन दुर्घटनाएं घटित होती रहती हैं। हाल ही में मऊ में एक मकान की छत पर हाई टेंशन तार के संपर्क में आ जाने से तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा डर फैल गया है, खासकर उन मोहल्लों और बस्तियों में जहां मकानों के ऊपर से सीधे हाई टेंशन लाइन गुजर रही है। विशेषकर बारिश के मौसम में गीली छतों और नमी भरे वातावरण के चलते यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे हर परिवार किसी अप्रिय घटना की आशंका में जीता है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि विडंबना यह है कि इसी जनपद से ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री आते हैं, फिर भी बुनियादी सुरक्षा की यह हालत बनी हुई है। कागजी प्रक्रियाओं में तो अक्सर तारों को बदलने या दुरुस्त करने की बातें दर्ज हो जाती हैं, लेकिन जमीनी धरातल पर तारों की वास्तविक स्थिति जस की तस रहने से खतरा कम होने के बजाय और बढ़ जाता है। नागरिकों ने मांग उठाई है कि विभाग उन सभी आबादी वाले क्षेत्रों को बाकायदा चिह्नित करे जहां से बिजली की लाइनें घरों के बिल्कुल करीब से निकल रही हैं, और उन्हें वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए, ताकि लोग बिना किसी डर के अपने घरों की छतों का इस्तेमाल कर सकें।

## गालिबपुर के प्राथमिक विद्यालय में भी मंडराता खतरा
यह समस्या केवल घरों और खेतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नौनिहालों के शिक्षण संस्थानों तक पहुंच चुकी है। प्राथमिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गालिबपुर के परिसर के ऊपर से भी हाई टेंशन बिजली की लाइन गुजर रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद के अनुसार स्कूल भवन के ठीक ऊपर से निकलती यह लाइन शिक्षकों और छात्र छात्राओं के मन में लगातार डर पैदा करती है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा तारों को स्थानांतरित करने अथवा सुरक्षित करने के लिए संबंधित विभाग को बार बार पत्र भेजकर गुहार लगाई गई, लेकिन इसके बावजूद आज तक इन तारों को वहां से हटाने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बरसात के दिनों में यह खतरा सबसे ज्यादा विकराल रूप ले लेता है। स्कूल आने जाने वाले सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को इन्हीं तारों के ठीक नीचे से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में हर समय यह डर बना रहता है कि कहीं अचानक कोई केबल टूटकर नीचे न गिर जाए या करंट का फैलाव न हो जाए। विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों ने पुरजोर मांग की है कि शिक्षा के माहौल में कोई बाधा न पहुंचे और बच्चों की जान सुरक्षित रहे, इसके लिए बिजली लाइन का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

## विभाग की तरफ से नोटिस की बात
इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के अधिकारी आशीष का कहना है कि जिन लोगों ने बिजली विभाग द्वारा पहले से बिछाई जा चुकी तारों की लाइन के नीचे नए सिरे से अपने मकान बना लिए हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नए मकान या रिहायशी निर्माण के ऊपर से बिजली विभाग की तरफ से कोई नई बिजली की लाइन नहीं बिछाई जाएगी।

## इसका आप पर असर
मऊ जिले में रिहायशी मकानों, खेतों और स्कूलों के ऊपर से लटकती हाई टेंशन बिजली की लाइनें आम नागरिकों की जान और संपत्ति के लिए सीधा खतरा बनी हुई हैं।

- **मऊ में:** हाल ही में तीन युवकों की करंट से मौत के बाद छतों पर जाने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। लोग बारिश के दिनों में छतों और बालकनियों पर जाने से पूरी तरह परहेज करने को मजबूर हैं।
- **किसानों के लिए:** खेतों में जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर लटके तारों से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जुताई या सिंचाई के दौरान किसानों को भारी करंट का जोखिम उठाना पड़ रहा है।
- **छात्रों और शिक्षकों के लिए:** गालिबपुर विद्यालय के ऊपर से गुजरने वाले तारों से पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है। बारिश के मौसम में स्कूल परिसर में आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- **मकान मालिकों के लिए:** बिजली विभाग उन निर्माणों को चिह्नित कर नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है जो पहले से स्थापित तारों के नीचे बने हैं। प्रभावित भवन स्वामियों को प्रशासनिक कार्रवाई और नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
मऊ में अनियंत्रित बिजली तारों की समस्या मुख्य रूप से विभागीय अनदेखी, कागजी दावों और तारों के नीचे हुए अनियोजित निर्माण कार्यों के चलते पैदा हुई है।

- **विभागीय लापरवाही और रखरखाव की कमी:** तारों की समय पर मरम्मत न होने और सुरक्षित केबलिंग न किए जाने से लाइनें ढीली होकर छतों के करीब लटक रही हैं। कागजों पर तार बदलने के दावे किए जाने के बावजूद धरातल पर काम नहीं हुआ।
- **तारों के नीचे रिहायशी निर्माण:** बिजली अधिकारी के अनुसार कई लोगों ने पूर्व से स्थापित बिजली लाइनों के ठीक नीचे अपने नए मकान बना लिए, जिससे छतों और तारों के बीच का सुरक्षित अंतर खत्म हो गया।
- **स्कूल प्रबंधन की शिकायतों की अनदेखी:** गालिबपुर विद्यालय द्वारा बार-बार पत्र लिखकर तार हटाने की गुहार लगाने के बावजूद विभागीय स्तर पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. मऊ जिले में हाई टेंशन तारों को लेकर ग्रामीण क्यों परेशान हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों और नगर में घरों की छतों, खेतों और स्कूल के बेहद करीब से हाई टेंशन और एलटी तार गुजर रहे हैं, जिससे करंट लगने और हादसों का डर बना हुआ है।

### 2. मऊ में हाल ही में बिजली के तारों से क्या बड़ा हादसा हुआ था?
हाल ही में मऊ में एक छत पर हाई टेंशन तार की चपेट में आने से तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

### 3. गालिबपुर के स्कूल में बिजली के तारों की क्या स्थिति है?
प्राथमिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गालिबपुर के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है, जिससे शिक्षकों और छात्रों में हर समय केबल टूटने या हादसे का भय रहता है।

### 4. क्या स्कूल प्रशासन ने इस खतरे के खिलाफ कोई शिकायत की थी?
प्रधानाचार्य अरविंद के अनुसार संबंधित बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखकर तार हटाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

### 5. बिजली विभाग के अधिकारी आशीष ने इस समस्या पर क्या रुख अपनाया है?
बिजली अधिकारी आशीष ने कहा कि पहले से बिछाई गई लाइनों के नीचे नए मकान बनाने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा और आगे से किसी घर के ऊपर नई लाइन नहीं बिछाई जाएगी।

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