मौसम का मिजाज बदला, अगले सात दिन बारिश और तेज हवाओं का अनुमान देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों में दिखने लगा है, जबकि दक्षिण भारत में अगले सात दिनों तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है, जहां तापमान में गिरावट के साथ हवाओं में ठंडक महसूस होने लगी है। उत्तर भारत में ठंडक और मैदानी राज्यों का हाल पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तापमान में बदलाव आया है। इन इलाकों में सुबह और शाम की हवाओं में सिहरन बढ़ने लगी है, जिससे ठंड की दस्तक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर भारत के इन हिस्सों में रात का पारा और नीचे आ सकता है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट उत्तर भारत में जहां ठंडक बढ़ रही है, वहीं दक्षिण भारत के लिए मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में नमी और मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का यह दौर बना रहेगा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस दौरान कई स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 KMPH तक पहुंच सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई राज्यों में मौसम की चाल में बदलाव आया है। इसके असर से न केवल पर्वतीय राज्यों में मौसम बिगड़ा है, बल्कि मैदानी इलाकों में भी बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बदलते मौसम के लिहाज से जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। इसका आप पर असर बदलते मौसम का सीधा असर आम जनजीवन, यात्रा और दैनिक गतिविधियों पर पड़ेगा। • भारत में: पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने से सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ गई है। लोगों को अपने खानपान और पहनावे में बदलाव करने की सलाह दी जाती है ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके। • दक्षिण भारत में: दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में अगले सात दिनों तक लगातार बारिश का अनुमान है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और यातायात में बाधा आ सकती है, इसलिए यात्रा करते समय सावधानी बरतें। ऐसा क्यों हुआ देशभर में मौसम के इस बदलाव के पीछे सक्रिय मौसमी प्रणालियां और भौगोलिक कारण जिम्मेदार हैं। • पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना: उत्तर भारत में मौसम बदलने का मुख्य कारण एक नया पश्चिमी विक्षोभ है, जिसके प्रभाव से ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। • पहाड़ी हवाओं का असर: पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद चलने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ आ रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। • दक्षिण में मानसूनी गतिविधियां: दक्षिण भारत के ऊपर बनी मौसमी प्रणालियों और नमी के कारण अगले सात दिनों तक लगातार बारिश की स्थिति बनी हुई है। सवाल-जवाब 1. किन पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी दर्ज की गई है? जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। 2. उत्तर भारत के किन मैदानी इलाकों में ठंडक महसूस होने लगी है? पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाओं में ठंडक घुलने लगी है। 3. दक्षिण भारत में बारिश का अनुमान कितने दिनों का है? मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के अधिकांश इलाकों में आने वाले 7 दिनों तक बारिश होने का अनुमान है। 4. हवाओं की रफ्तार कितनी हो सकती है? प्रभावित क्षेत्रों में हवाएं 50 KMPH की रफ्तार से चल सकती हैं। https://trendkia.com/national/mausama-ka-mijaja-badala-agale-sata-dina-barisha-aura-teja-havaon-ka-anumana-48970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.