मयूर विहार से एम्स का सफर होगा आसान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बारापुल्ला फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास की शुरुआत की दिल्ली में सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 के बीच तैयार बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन हो गया है, जिससे व्यस्त घंटों में करीब 20 से 25 मिनट की बचत होगी। देश की राजधानी में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इन दोनों अहम आधारभूत ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस एलिवेटेड मार्ग के चालू हो जाने के बाद अब पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के मध्य रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। सबसे खास पहलू यह है कि मयूर विहार से लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तक का लगभग 10 किलोमीटर लंबा रास्ता अब पूरी तरह सिग्नल-मुक्त हो चुका है। सराय काले खां से मयूर विहार के बीच छह लेन का नया ढांचा बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का मुख्य विस्तार सराय काले खां और मयूर विहार फेज-1 के बीच तैयार किया गया है। तकनीकी रूप से इस मुख्य एलिवेटेड स्ट्रेच की लंबाई 3.5 किलोमीटर है, जबकि प्रवेश और निकास के लिए बनाए गए विभिन्न रैंप और लूप्स को शामिल करने के बाद इसकी कुल प्रभावी लंबाई लगभग 4.9 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। समग्र कॉरिडोर को छह लेन की क्षमता के साथ तैयार किया गया है, जिसमें दोनों दिशाओं में सुगम आवागमन के लिए तीन-तीन लेन निर्धारित की गई हैं। आधुनिक शहरी परिवहन की जरूरतों को देखते हुए इसे केवल चार पहिया और दो पहिया वाहनों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और पर्यावरण हितैषी आवाजाही के लिए अलग साइकिल ट्रैक का प्रावधान भी किया गया है। व्यस्त घंटों में 20 से 25 मिनट की बचत और सिग्नल-फ्री आवागमन इस एलिवेटेड मार्ग के शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 के साथ-साथ नोएडा की दिशा से एम्स की ओर जाने वाले दैनिक यात्रियों को करीब 10 किलोमीटर के दायरे में एक भी लाल बत्ती का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब तक रिंग रोड और आसपास के चौराहों पर लगने वाले भारी जाम के कारण लोगों का काफी समय बर्बाद होता था। नए कॉरिडोर के जरिए पीक आवर्स के दौरान यात्रियों के सफर में करीब 20 से 25 मिनट की सीधी बचत होने का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त, जो लोग आईएनए मार्केट, दिल्ली हाट अथवा आईआईटी दिल्ली की तरफ नियमित यात्रा करते हैं, उन्हें भी इस बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा। लंबे इंतजार के बाद दूर हुईं तकनीकी बाधाएं लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, इस बुनियादी ढांचे के निर्माण का सिलसिला लगभग 11 वर्षों से चल रहा था। सरकार के गठन के उपरांत मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति और अटके हुए कार्यों का तकनीकी मुआयना किया गया। इस पूरी परियोजना की प्रगति में कई अनापत्ति प्रमाणपत्रों (NOC) और अंतर-विभागीय अनुमतियों के पेंच फंसे हुए थे, जिनकी वजह से काम लंबे समय तक धीमा रहा। तमाम वैधानिक मंजूरियों और स्वीकृतियों को प्राथमिकता पर निपटाने के बाद ही निर्माण गति को तेज किया गया और परियोजना को पूरा किया जा सका। राजधानी के समग्र संपर्क तंत्र को नई मजबूती मुकरबा चौक अंडरपास और बारापुल्ला कॉरिडोर के संयुक्त रूप से जुड़ने से दिल्ली के कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक केंद्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी निर्माण कार्य को मुकाम तक पहुंचाने के लिए इंजीनियरों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित महकमों के सतत प्रयासों की सराहना की। इस नए मार्ग से गुजरने वाले हजारों कामकाजी लोगों को दैनिक आवाजाही में ईंधन और समय दोनों की बचत होगी, साथ ही आसपास के पारंपरिक मुख्य मार्गों पर भी वाहनों के अतिरिक्त दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसका आप पर असर इस एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास के शुरू होने से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लाखों दैनिक यात्रियों के सफर का समय और ईंधन खर्च काफी घट जाएगा। • भारत में: राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख अस्पतालों, केंद्रीय संस्थानों और व्यापारिक केंद्रों तक अंतरराज्यीय आवाजाही अधिक सुगम बनेगी। इससे देश भर से दिल्ली आने वाले मरीजों और यात्रियों को रिंग रोड के भारी जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। • दिल्ली में: मयूर विहार और नोएडा से एम्स, आईएनए और आईआईटी दिल्ली जाने वालों को 10 किलोमीटर लंबा सिग्नल-मुक्त मार्ग मिलेगा। व्यस्त समय में सफर करने वाले वाहन चालकों के प्रतिदिन 20 से 25 मिनट की बचत होगी। • पैदल व साइकिल चालकों के लिए: इस छह लेन कॉरिडोर पर अलग से बनाए गए फुटपाथ और साइकिल ट्रैक से गैर-मोटरीकृत परिवहन को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। स्थानीय स्तर पर छोटी दूरी तय करने वाले लोगों को भारी वाहनों के बीच चलने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी। • सतही सड़कों पर असर: रिंग रोड, सराय काले खां और आश्रम जैसे पुराने ट्रैफिक बॉटलनेक पर वाहनों का दबाव कम होगा। इससे स्थानीय कॉलोनियों के निवासियों को रोजाना के प्रदूषण और जाम से राहत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का निर्माण दिल्ली में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने और प्रमुख कोनों को सीधे जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था। इस मार्ग को पूरा होने में 11 साल का लंबा समय कई प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों की वजह से लगा। • ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या: पूर्वी दिल्ली और नोएडा से दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक जाने के लिए यात्रियों को व्यस्त चौराहों से होकर गुजरना पड़ता था। इस भारी दबाव को सतही सड़कों से हटाने के लिए एक एलिवेटेड बाईपास की अत्यंत आवश्यकता थी। • अनुमतियों और एनओसी में देरी: निर्माण कार्य करीब 11 वर्षों तक इसलिए खिंचा क्योंकि विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) अटके हुए थे। जमीन से जुड़े मामलों और पर्यावरणीय अनुमतियों के लंबित रहने से प्रगति काफी धीमी पड़ गई थी। • समीक्षा और प्रशासनिक समाधान: नई सरकार बनने के बाद मौके का मुआयना किया गया और लंबित फाइलों की अड़चनों को दूर किया गया। अंतर-विभागीय समन्वय बनाकर सभी लंबित स्वीकृतियां हासिल की गईं, जिसके बाद अंतिम चरण का काम तेजी से निपटाया गया। सवाल-जवाब 1. बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किसने किया? इन दोनों बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को किया। 2. बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है? इसकी मुख्य एलिवेटेड लंबाई 3.5 किलोमीटर है, जबकि सभी रैंप और लूप्स को मिलाकर कुल लंबाई लगभग 4.9 किलोमीटर है। 3. इस कॉरिडोर के खुलने से यात्रियों को कितने समय की बचत होगी? व्यस्त समय में मयूर विहार से एम्स और दक्षिणी दिल्ली की ओर सफर करने वाले लोगों के करीब 20 से 25 मिनट बचेंगे। 4. मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक कितना रास्ता सिग्नल-फ्री हुआ है? इस कॉरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 और नोएडा से एम्स तक करीब 10 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो गया है। 5. इस परियोजना के निर्माण में कितना समय लगा और देरी की वजह क्या थी? PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार इसका निर्माण करीब 11 साल चला, जिसमें विभिन्न विभागों से एनओसी और जरूरी अनुमतियों के लंबित होने से देरी हुई। 6. क्या इस कॉरिडोर पर पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए कोई सुविधा है? हां, छह लेन के इस वाहन मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक की सुविधा दी गई है। https://trendkia.com/national/mayur-vihar-se-aiims-ka-saphara-hoga-asana-kendriya-griha-mntri-amit-shah-ne-barapullah-phase-3-aura-mukarba-chowk-andarapasa-ki-s-40534 TrendKia — Har trend, sabse pehle.