मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होंगे सोनम वांगचुक, 26 दिन लंबे अनशन के बाद सीधे दिल्ली राजघाट जाएंगे नीट पेपर लीक मामले में 26 दिनों के अनशन के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिसके बाद वह सीधे दिल्ली के राजघाट जाएंगे। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के विरोध में 26 दिनों तक अनशन करने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद वह सीधे दिल्ली स्थित राजघाट जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आईसीयू से सामान्य वॉर्ड में स्थानांतरण और डिस्चार्ज की स्थिति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की तबीयत अधिक खराब हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सबसे पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में अदालत के आदेश पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। डॉक्टरों के निरंतर इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) से सामान्य वॉर्ड में भेज दिया गया। अब डॉक्टर सुशीला कटारिया की देखरेख में उन्हें सुबह लगभग 11:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है। अस्पताल से सीधे दिल्ली के राजघाट जाने की योजना अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक तुरंत अपने घर नहीं लौटेंगे। उनकी योजना सीधे दिल्ली पहुंचने की है, जहां वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को नमन करेंगे। इसके साथ ही इस बात की चर्चाएं भी चल रही हैं कि क्या वह जंतर-मंतर जाएंगे या कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। हालांकि राजघाट में श्रद्धांजलि देने के बाद उनके सीधे निवास लौटने या संगठन के लोगों से मिलने को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अनशन का पृष्ठभूमि और केंद्र सरकार का आश्वासन सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक प्रकरण के विरोध में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के साथ मिलकर लगातार 26 दिनों तक अनशन किया था। अनशन के दौरान सरकार की ओर से पहल की गई थी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया था। केंद्र सरकार द्वारा मामले में त्वरित और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने अपना अनशन वापस लिया था। इसका आप पर असर • भारत भर में: नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं पर केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद देश भर के अभ्यर्थी जांच के अगले कदमों पर नजर रखेंगे। • दिल्ली-एनसीआर में: सोनम वांगचुक के दिल्ली आगमन और राजघाट दौरे के दौरान लुटियंस दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सतर्क रह सकती है। सवाल-जवाब 1. सोनम वांगचुक अस्पताल में क्यों भर्ती थे? नीट पेपर लीक मामले के विरोध में जंतर-मंतर पर 26 दिनों के अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2. सोनम वांगचुक को किस अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है? उन्हें डॉक्टर सुशीला कटारिया की देखरेख में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। 3. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सोनम वांगचुक कहां जाएंगे? अस्पताल से निकलने के बाद वह सीधे दिल्ली जाकर राजघाट में महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। 4. सोनम वांगचुक का अनशन किसने खत्म कराया था? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में केंद्र सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया था। 5. जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ कौन अनशन पर बैठा था? उन्होंने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के साथ मिलकर अनशन किया था। https://trendkia.com/national/medanta-aspatala-se-discharja-honge-sonam-wangchuk-26-dina-lnbe-anashana-ke-bada-sidhe-delhi-rajghat-jaenge-10797 TrendKia — Har trend, sabse pehle.