# मेघालय में यूडीपी के 12 में से 8 विधायकों ने थामा भाजपा का दामन

> मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के 12 में से आठ विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। खलीहियात के विधायक क्यिरमेन श्याला के नेतृत्व में इन जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की थी।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/meghalaya-men-udp-ke-12-men-se-8-vidhayakon-ne-thama-bjp-ka-damana-36898 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय, यूडीपी, भाजपा, क्यिरमेन श्याला, अमित शाह, राजनीति

मेघालय के राजनीतिक पटल पर बड़ा सत्ता समीकरण देखने को मिला है, जहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के 12 में से 8 विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस सामूहिक पाला बदल के बाद विधानसभा में यूडीपी के खेमे में अब केवल 4 विधायक ही शेष रह गए हैं। विधायकों के इस समूह का नेतृत्व खलीहियात विधानसभा क्षेत्र के विधायक क्यिरमेन श्याला कर रहे थे। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने पूर्वोत्तर के इस पहाड़ी राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन और क्षेत्रीय दलों के गणित को पूरी तरह बदल दिया है।

## केंद्रीय नेतृत्व और अमित शाह से मुलाकात के बाद फैसला
पार्टी बदलने की औपचारिक प्रक्रिया से पहले इन विधायकों ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद विधायकों ने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का कदम उठाया। दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से सहमति मिलने के तुरंत बाद बुधवार को इन आठों विधायकों को आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

## सितंबर महीने से ही शुरू हो गई थी सियासी हलचल
यूडीपी के भीतर इस टूट की पृष्ठभूमि पहले से तैयार हो रही थी। इन विधायकों के शामिल होने से पूर्व, 12 सितंबर को यूडीपी के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता डॉ. जेमिनो मावथोह ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। मावथोह के पार्टी में जाने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि संगठन के अन्य प्रभावशाली चेहरे भी जल्द ही नया राजनीतिक रास्ता चुन सकते हैं। खलीहियात विधायक क्यिरमेन श्याला के नेतृत्व में आठ विधायकों के एक साथ आने से अब यूडीपी विधायी दल का दो तिहाई से अधिक हिस्सा अलग हो चुका है।

## इसका आप पर असर
मेघालय में आठ विधायकों के पाला बदलने से राज्य की क्षेत्रीय राजनीति और सत्ता संतुलन पर सीधा असर पड़ेगा।

- **पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय स्तर पर:** पूर्वोत्तर राज्यों में राष्ट्रीय दलों की पकड़ और मजबूत हुई है। क्षेत्रीय दलों के जनाधार और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों में राष्ट्रीय स्तर पर जुड़ने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
- **मेघालय में:** विधानसभा के भीतर यूडीपी की शक्ति घटकर मात्र 4 सीटों पर सिमट गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन और स्थानीय मंत्रालयों के प्रभार व विधायी फैसलों में भाजपा का सीधा प्रभाव काफी बढ़ जाएगा।
- **मतदाताओं पर:** क्षेत्रीय मुद्दों पर जीतकर आए विधायकों के दल बदलने से स्थानीय मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर असर पड़ेगा। विकास योजनाओं और बजटीय आवंटन की प्रक्रिया अब केंद्र की प्राथमिकताओं से सीधे जुड़ सकती है।
- **दलीय समीकरणों पर:** राज्य में अन्य छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों पर भी आगामी दिनों में अपने राजनीतिक रुख की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है। विपक्षी दलों को नए सदन गणित के अनुसार रणनीति बनानी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक फेरबदल क्षेत्रीय दल के भीतर लंबे समय से चल रही असहमति और केंद्र स्तर के संसाधनों से जुड़ने की प्राथमिकताओं के चलते हुआ। राज्य के कई विधायक संगठन की कार्यशैली से इतर अपना भविष्य देख रहे थे।

- **केंद्रीय नेतृत्व से संवाद:** विधायक क्यिरमेन श्याला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत भेंट की। इस वार्ता ने औपचारिक विलय का मार्ग प्रशस्त किया।
- **वरिष्ठ नेतृत्व का पहले निकलना:** पूर्व विधायक डॉ. जेमिनो मावथोह का 12 सितंबर को पार्टी में शामिल होना एक प्रमुख संकेत था। इससे अन्य विधायकों को भी पाला बदलने का राजनीतिक माहौल मिला।
- **दल-बदल नियमों से बचाव:** 12 में से 8 विधायकों का एक साथ जाना कुल संख्या का दो-तिहाई हिस्सा बनाता है। यह संख्या दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता के जोखिम को कानूनी रूप से न्यूनतम कर देती है।

## सवाल-जवाब

### 1. मेघालय में यूडीपी के कितने विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली?
यूडीपी के कुल 12 विधायकों में से 8 विधायकों ने पार्टी छोड़कर नई सदस्यता ली है।

### 2. इस विधायक समूह का नेतृत्व कौन कर रहा था?
इस समूह का नेतृत्व खलीहियात विधानसभा सीट के विधायक क्यिरमेन श्याला कर रहे थे।

### 3. यूडीपी में अब कितने विधायक शेष बचे हैं?
इस फेरबदल के बाद यूडीपी के पास विधानसभा में केवल 4 विधायक शेष रह गए हैं।

### 4. विधायकों ने पाला बदलने से पहले किससे मुलाकात की थी?
विधायकों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से भेंट की थी।

### 5. इससे पहले किस प्रमुख यूडीपी नेता ने पार्टी बदली थी?
इससे पहले 12 सितंबर को पूर्व विधायक और यूडीपी नेता डॉ. जेमिनो मावथोह ने भाजपा की सदस्यता ली थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._