# मानसून की विदाई से पहले 14 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

> मानसून की वापसी के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के 14 राज्यों में मौसम करवट ले रहा है, जहां तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/monsoon-ki-vidai-se-pahale-14-rajyon-men-bigarega-mausama-70-kimi-prati-ghnte-ki-raphtara-se-chalengi-havaen-42529 · **Language:** Hindi
**Tags:** मौसम अलर्ट, मानसून, आईएमडी, बारिश, आंधी, उत्तर प्रदेश मौसम, बिहार मौसम

मानसून की विदाई की बेला में देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा है। जाते हुए मानसून के बीच कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं, जिसके चलते देश के विस्तृत भूभाग में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत 14 राज्यों में तेज अंधड़ और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली और वज्रपात की गंभीर आशंका बनी हुई है।

सप्ताहांत में यात्रा की योजना बना रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में भी तेज आंधी और जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

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## सक्रिय मौसमी प्रणालियों का दिख रहा व्यापक प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे कई वायुमंडलीय प्रणालियों की एक साथ सक्रियता मुख्य वजह है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसमी तंत्र का सीधा असर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों पर देखा जा रहा है। केरल तट के समीप दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी एक समान परिसंचरण सक्रिय है।

सिक्किम और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आधिकारिक X पर लिखा कि पूर्वोत्तर असम और उससे सटे इलाकों में निचले क्षोभमंडल स्तर पर लगभग 92.5 डिग्री पूर्व देशांतर और 24.8 डिग्री उत्तर अक्षांश के सहारे उत्तर-दक्षिण द्रोणिका के साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जबकि पश्चिम-मध्य अरब सागर के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति है। इन मिले-जुले मौसमी तंत्रों के प्रभाव से कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। इस स्थिति ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, वहीं समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए मछुआरों को तट से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने का निर्देश दिया गया है।

## राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बदलेगा मौसम का मिजाज
दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में 4 अक्टूबर को मौसम का रुख बदलने का अनुमान है। राजधानी में बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा सकता है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान घटकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

इस बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी। हालांकि, आंधी और बारिश के दौरान खुले इलाकों तथा मुख्य मार्गों पर यातायात में रुकावटें आ सकती हैं। दिल्ली और एनसीआर के बीच दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति का जायजा लेकर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

## उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में 4 अक्टूबर को मौसमी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। राज्य के प्रमुख जिलों में मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, सीतापुर, बलरामपुर, संतकबीर नगर, मऊ, प्रयागराज, महाराजगंज और कुशीनगर में मध्यम से लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन सभी जनपदों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के झोंके चलने की संभावना है। अचानक चलने वाली इन तेज हवाओं और वर्षा से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, जिसे लेकर किसानों को चौकन्ना रहने की जरूरत है। राजधानी लखनऊ में 4 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

## बिहार के जिलों में अंधड़ और आकाशीय बिजली का खतरा
बिहार में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने की संभावना जताई गई है। राज्य के उत्तर और मध्य हिस्से में स्थित पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सिवान, सारण, गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल, सहरसा, बेगूसराय, भागलपुर, गया और पटना में भारी वर्षा तथा तेज अंधड़ का अंदेशा है।

इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरने की चेतावनी दी गई है। वज्रपात के खतरे को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। पटना शहर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है।

## झारखंड में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बारिश
झारखंड में मौसमी तंत्र 4 और 5 अक्टूबर दोनों दिन पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। राज्य के प्रमुख शहरों और जिलों जिनमें रांची, जमशेदपुर, चतरा, देवघर, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, गोड्डा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं, वहां मध्यम स्तर की बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

कुछ इलाकों में हवा के झोंके 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं। इस दौरान बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। रांची में 4 अक्टूबर को दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

## पश्चिम बंगाल में तूफानी हवाओं और बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में भी मौसमी प्रणालियों का गहरा असर दिखेगा। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उत्तरी जिलों के साथ-साथ दक्षिण और पश्चिमी बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, दुर्गापुर, बांकुड़ा, बीरभूम, पुरबा बर्धमान और कोलकाता में भारी वर्षा का अलर्ट है।

इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन के कारण आवागमन बाधित हो सकता है। महानगर कोलकाता में दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है, जहां निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

## इसका आप पर असर
तेज हवाओं और भारी वर्षा की यह चेतावनी सीधे तौर पर दैनिक यात्रा, कृषि कार्यों और सुरक्षा को प्रभावित करती है।

- **भारत में:** 14 राज्यों में यात्रा करने वाले रेल और सड़क यात्रियों को संभावित देरी और जलभराव के प्रति सावधान रहना होगा। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खराब मौसम में खुले स्थानों से दूर रहने की आवश्यकता है।
- **किसानों के लिए:** 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं खेतों में तैयार खड़ी खरीफ फसलों को गिराकर नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसान कटाई और सुरक्षित भंडारण के लिए मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें।
- **मछुआरों के लिए:** तटीय और समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए गए हैं। तटीय बस्तियों में रहने वाले लोग नावों और उपकरणों को सुरक्षित बांधकर रखें।
- **पहाड़ी क्षेत्रों में:** पश्चिम बंगाल और अन्य पहाड़ी भागों में भूस्खलन के खतरे के कारण पर्वतीय मार्गों पर यातायात बाधित हो सकता है। पर्वतीय मार्गों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

## ऐसा क्यों हुआ
मानसून की वापसी के दौरान एक साथ कई चक्रवाती परिसंचरणों और वायुमंडलीय द्रोणिकाओं के बनने से यह व्यापक अस्थिरता पैदा हुई है।

- **सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण:** दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और सिक्किम के ऊपर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती तंत्र लगातार नमी खींच रहे हैं। इन प्रणालियों के मेल से मध्य और पूर्वी भारत में बादलों का घना जमावड़ा बन रहा है।
- **द्रोणिका रेखा का प्रभाव:** पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडल में उत्तर-दक्षिण दिशा में बनी ट्रफ रेखा नमी को तेजी से ऊपर उठा रही है। इसके चलते गरज-चमक और तेज अंधड़ की तीव्रता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
- **मानसून वापसी का संक्रमण:** मानसून के पीछे हटने के दौरान गर्म मैदानी हवा और नम समुद्री हवाओं के टकराव से तीव्र संवहन धाराएं बनती हैं। इस प्रकार की मौसमी हलचल अक्सर अचानक आंधी और ओलावृष्टि का रूप ले लेती है।

## सवाल-जवाब

### 1. किन प्रमुख राज्यों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत 14 राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी है।

### 2. आंधी के दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार कितनी हो सकती है?
कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कई राज्यों में यह 30 से 50 किमी प्रति घंटे रहेगी।

### 3. 4 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में तापमान कैसा रहने का अनुमान है?
दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

### 4. मछुआरों और किसानों के लिए क्या विशेष निर्देश हैं?
मछुआरों को समुद्र से दूर सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है, जबकि किसानों को तेज आंधी और बारिश से खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

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