# मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के परिवार की वह अनोखी कहानी जिसमें शामिल हैं 28 डॉक्टर और 3 IAS अधिकारियों सहित कई बड़े प्रशासनिक नाम

> मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का परिवार देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक है, जिसमें बेटियां, दामाद, भाई और जीजा सभी देश के सर्वोच्च प्रशासनिक व चिकित्सा पदों पर तैनात हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/mukhya-chunava-ayukta-gyanesh-kumar-ke-parivara-ki-vaha-anokhi-kahani-jisamen-shamila-hain-28-doktara-aura-3-ias-adhikariyon-sahit-38902 · **Language:** Hindi
**Tags:** ज्ञानेश कुमार, मेधा रूपम, मनीष बंसल, अक्षय लबरू, यूपीएससी, आईएएस, सिविल सर्विसेज

भारत के प्रशासनिक सेवा क्षेत्र में कुछ परिवार ऐसे होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी देश की सेवा में एक अनूठा और अनुकरणीय स्थान बना लेते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का परिवार भी देश के इसी तरह के सबसे प्रतिष्ठित, पढ़े-लिखे और विशिष्ट परिवारों में से एक माना जाता है। केरल कैडर के 1988 बैच के पूर्व IAS अधिकारी और देश के जाने-माने तकनीकी संस्थान आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के पूर्व छात्र रहे ज्ञानेश कुमार ने देश के अनेक बड़े प्रशासनिक पदों पर अपनी जिम्मेदारी संभाली है। वर्तमान में वे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके परिवार की पृष्ठभूमि में सिविल सेवा, कानून व्यवस्था और चिकित्सा जगत के सबसे बड़े नाम जुड़े हुए हैं। उनके बच्चों और दामादों ने भी इसी विरासत को आगे बढ़ाया है और देश के विभिन्न प्रमुख जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में शीर्ष पदों पर तैनात हैं।

## बड़ी बेटी और दामाद की प्रशासनिक सफलता
ज्ञानेश कुमार की बड़ी बेटी मेधा रूपम देश की एक बेहद लोकप्रिय और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं। उनकी स्कूली पढ़ाई के बाद उच्च शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के सबसे प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज (St. Stephen's College) से हुई, जहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स ऑनर्स में अपनी डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने UPSC की कठिन सिविल सेवा परीक्षा पास की और पूरे देश में 10वीं रैंक (All India Rank 10) हासिल की। वे 2014 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी बनीं। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ मेधा रूपम खेल जगत में भी काफी सक्रिय रही हैं। वे राज्य स्तर की एक उत्कृष्ट शूटिंग चैंपियन भी रही हैं और उन्होंने इस खेल में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्तमान में मेधा रूपम को नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) जैसे देश के बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल जिले में जिलाधिकारी (DM) के रूप में तैनात किया गया है।

उनके पति और ज्ञानेश कुमार के बड़े दामाद मनीष बंसल भी प्रशासनिक सेवा में अपनी विशेष पहचान रखते हैं। मनीष बंसल भी 2014 बैच के ही IAS अधिकारी हैं। उन्होंने देश के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में से एक आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से BTech और MTech की डिग्रियां प्राप्त की हैं। उन्होंने अपनी UPSC परीक्षा में 53वीं रैंक (All India Rank 53) प्राप्त की थी। प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होने के बाद लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान उनकी मुलाकात मेधा रूपम से हुई थी। मनीष बंसल वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में जिलाधिकारी (DM) के रूप में तैनात हैं और वहां की कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों को देख रहे हैं।

## छोटी बेटी और दामाद भी संभाल रहे हैं बड़ी जिम्मेदारियां
ज्ञानेश कुमार की छोटी बेटी अभिश्री ने भी अपने परिवार के उच्च शैक्षणिक स्तर को कायम रखा है। अपनी बड़ी बहन की तरह उन्होंने भी दिल्ली के प्रसिद्ध सेंट स्टीफंस कॉलेज (St. Stephen's College) से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई और 2017 बैच की IRS अधिकारी बनीं। वर्तमान में वे भारत सरकार के आयकर विभाग (Income Tax Department) में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

IRS अभिश्री के पति और ज्ञानेश कुमार के छोटे दामाद अक्षय लबरू मूल रूप से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। अक्षय लबरू ने साल 2016 की UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी और वे भी 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं। वर्तमान समय में IAS अक्षय लबरू को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर (DM-cum-DC) के रूप में नियुक्त किया गया है, जहां वे क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

## परिवार में है शिक्षा, सुरक्षा और डॉक्टरों का अनूठा संगम
ज्ञानेश कुमार के परिवार की सफलता की कहानी केवल यहीं समाप्त नहीं होती, बल्कि इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। उनके दिवंगत पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे और इसी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी माता सत्यावती गुप्ता हमेशा से योग, अध्यात्म और घरेलू मूल्यों से जुड़ी रही हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को बेहतरीन संस्कार दिए।

इसके अतिरिक्त, ज्ञानेश कुमार के भाई मनीष कुमार भी प्रशासनिक सेवा का हिस्सा हैं और वे एक IRS अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी बहन रोली मध्य प्रदेश के इंदौर में अपना एक स्कूल चलाती हैं और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं। रोली के पति उपेंद्र जैन मध्य प्रदेश कैडर के एक बेहद सम्मानित IPS अधिकारी रहे हैं, जो अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ ज्ञानेश कुमार के पूरे परिवार में चिकित्सा जगत का भी बहुत बड़ा प्रभाव है। मीडिया के माध्यम से सामने आई जानकारियों के अनुसार, उनके पूरे संयुक्त और पारिवारिक दायरे में लगभग 28 सदस्य ऐसे हैं जो डॉक्टर हैं। ये सभी डॉक्टर देश के अलग-अलग हिस्सों में चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रकार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पूरा परिवार प्रशासनिक सेवा, कानून-व्यवस्था, वित्तीय प्रशासन और चिकित्सा सेवा के माध्यम से देश के विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान दे रहा है।

## इसका आप पर असर
यह खबर सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और आम नागरिकों के लिए काफी प्रेरणादायक है।

- **प्रेरणा का स्रोत:** यह कहानी दर्शाती है कि कैसे सही दिशा और अनुशासन से एक ही परिवार के कई सदस्य देश के सर्वोच्च पदों पर पहुंच सकते हैं। इससे प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों का हौसला बढ़ेगा।
- **पारिवारिक मार्गदर्शन:** इस स्तर की सफलता यह साबित करती है कि परिवार में शिक्षा और सेवा का माहौल बच्चों के करियर को आकार देने में कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
- **प्रशासनिक समझ:** आम जनता के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि देश के महत्वपूर्ण जिलों (जैसे नोएडा, आगरा, श्रीनगर) की कमान संभालने वाले अधिकारियों की पृष्ठभूमि कितनी मजबूत और जिम्मेदार है।

## सवाल-जवाब

### 1. ज्ञानेश कुमार कौन हैं और उनका प्रशासनिक सफर क्या रहा है?
ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के पूर्व IAS अधिकारी और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दी हैं और वर्तमान में वे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) हैं।

### 2. ज्ञानेश कुमार की बड़ी बेटी और दामाद कौन हैं और वे कहां तैनात हैं?
उनकी बड़ी बेटी मेधा रूपम 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा की जिलाधिकारी (DM) हैं। उनके पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं और आगरा के जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्यरत हैं।

### 3. ज्ञानेश कुमार की छोटी बेटी और दामाद किस विभाग में कार्यरत हैं?
उनकी छोटी बेटी अभिश्री 2017 बैच की IRS अधिकारी हैं और आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर हैं। उनके पति अक्षय लबरू 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं और श्रीनगर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं।

### 4. इस परिवार में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कितने सदस्य हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पारिवारिक दायरे में लगभग 28 सदस्य डॉक्टर हैं, जो चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।

## प्रेरणा और सबक
ज्ञानेश कुमार के परिवार की यह यात्रा शिक्षा, समर्पण और लोक सेवा के प्रति अटूट निष्ठा का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करती है।

- **गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता:** परिवार के सभी बच्चों ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज और आईआईटी जैसे देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की, जो यह दिखाता है कि मजबूत शैक्षणिक आधार ही भविष्य की सफलता की नींव है।
- **खेल और पढ़ाई में संतुलन:** आईएएस मेधा रूपम ने प्रशासनिक सफलता के साथ-साथ शूटिंग चैंपियनशिप में राज्य स्तर के रिकॉर्ड बनाए, जिससे सीख मिलती है कि करियर के साथ-साथ अपनी हॉबी को भी शिखर पर ले जाया जा सकता है।
- **लोक सेवा के प्रति समर्पण:** डॉक्टरों और सिविल सेवकों से भरा यह परिवार दिखाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में रहते हुए भी समाज कल्याण और देश सेवा को सबसे ऊपर कैसे रखा जाता है।

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