# मुंबई के कूपर अस्पताल में बुर्का पहनकर पहुंची महिलाओं को रोकने पर विवाद, सुरक्षा गार्ड्स पर उठे सवाल

> मुंबई के बीएमसी संचालित कूपर अस्पताल में बुर्का पहने दो महिलाओं को प्रवेश से रोकने पर विवाद खड़ा हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने पहचान सत्यापन का तर्क दिया, जबकि महिलाओं ने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/mumbai-ke-cooper-hospital-men-burka-pahanakara-pahunchi-mahilaon-ko-rokane-para-vivada-suraksha-gardsa-para-uthe-savala-25621 · **Language:** Hindi
**Tags:** कूपर अस्पताल, मुंबई समाचार, बुर्का विवाद, सुरक्षा गार्ड, बीएमसी अस्पताल, धार्मिक स्वतंत्रता

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित बीएमसी संचालित कूपर अस्पताल के प्रवेश द्वार पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सुरक्षा कर्मियों ने बुर्का पहनकर आई दो महिलाओं को कथित तौर पर अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान महिलाओं और अस्पताल के सुरक्षा अमले के बीच तीखी बहस हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है।

## अधिकारों का हनन और गरिमा का सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेशे से अधिवक्ता जहरा शेख अपनी एक सहेली के साथ अस्पताल में भर्ती किसी रिश्तेदार का हाल-चाल पूछने पहुंची थीं। मुख्य द्वार पर मौजूद गार्ड्स ने कथित तौर पर उन्हें परिसर में दाखिल होने से पहले बुर्का हटाने को कहा। इस मांग का कड़ा विरोध करते हुए जहरा शेख ने गार्ड्स से सवाल किया कि ऐसा नियम किस आधार पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत गरिमा, प्राइवेसी और धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया। इस पूरी घटना को उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने अपने फोन में कैमरे से रिकॉर्ड कर लिया।

## सुरक्षा कारणों का हवाला और प्रशासनिक स्थिति
दूसरी तरफ, मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि अस्पताल परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, बच्चों की चोरी की घटनाओं को रोकने और आगंतुकों की पहचान की उचित पुष्टि करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम अथवा नकाब हटाने की मांग को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में अभी तक स्थानीय पुलिस स्टेशन में किसी भी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

## इसका आप पर असर
अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों तथा व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर यह घटना महत्वपूर्ण बहस खड़ी करती है।

- **भारत में:** देश भर के सार्वजनिक संस्थानों में आगंतुकों की पहचान जांच की प्रक्रिया और धार्मिक पोशाक पहनने के अधिकारों पर नागरिक अधिकारों से जुड़ी चर्चाएं तेज़ हो सकती हैं।
- **मुंबई में:** बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों में सुरक्षा जांच की स्पष्ट गाइडलाइन्स जारी किए जाने की मांग बढ़ सकती है, जिससे सामान्य मरीजों और तीमारदारों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

## सवाल-जवाब

### 1. कूपर अस्पताल में क्या घटना हुई?
कूपर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड्स ने बुर्का पहनकर आई दो महिलाओं को कथित तौर पर प्रवेश करने से पहले बुर्का हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई।

### 2. महिलाओं ने गार्ड्स की मांग पर क्या आपत्ति जताई?
अधिवक्ता जहरा शेख ने कहा कि बुर्का हटाने की मांग उनकी निजता, गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है।

### 3. सुरक्षा कर्मियों ने क्या तर्क दिया?
सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि यह कदम आगंतुकों की पहचान सत्यापित करने और बच्चों की चोरी रोकने के सुरक्षा उपायों के तहत उठाया गया।

### 4. क्या इस मामले में पुलिस या अस्पताल प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया आई है?
अस्पताल प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पुलिस में भी अब तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

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