मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बाढ़ जैसे हालात, भूस्खलन ने रोकी ट्रेनें, थम गया ट्रैफिक लगातार मूसलाधार बारिश से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पानी में डूब गया, वहीं मावल में भूस्खलन के बाद एक परिवार के रेस्क्यू का काम जारी है और कर्जत-लोणावला घाट सेक्शन में ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। मुंबई से पुणे को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे इन दिनों किसी दरिया जैसा नजर आ रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सड़क को इस कदर पानी से भर दिया कि कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग हैरानी जता रहे हैं कि यह हाईवे है या कोई नदी। भारी बारिश के चलते सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और प्रशासन ने लोगों से सिर्फ बेहद जरूरी होने पर ही सफर करने की अपील की है। मावल में भूस्खलन, परिवार के रेस्क्यू का काम जारी इसी बीच मावल इलाके में भूस्खलन की खबर सामने आई है, जिसके बाद एक परिवार के लापता होने की सूचना मिली। मौके पर बचाव दल पहुंच गए हैं और परिवार को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। भारी बारिश से जलनिकासी व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे आम यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। कर्जत-लोणावला घाट सेक्शन में भी रेल यातायात पर असर बारिश का असर सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहा। कर्जत-लोणावला घाट सेक्शन में भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेनों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी। इस वजह से कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं तो कुछ को दूसरे रूट पर डायवर्ट किया गया, जिससे रेल यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ₹6,695 करोड़ का मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट पहली ही बारिश में सवालों में कुछ ही हफ्ते पहले मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बना मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। 1 मई को इसकी शुरुआत हुई थी और इसकी सुरंगों को दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में गिना जाता है। इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹6,695 करोड़ खर्च किए गए थे। लेकिन अब इसी हिस्से में भूस्खलन की घटना सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि इतना बड़ा निवेश पहली ही मॉनसूनी बारिश में क्यों धराशायी होता नजर आया। हर साल बारिश में क्यों डूब जाता है मुंबई? हर साल मॉनसून में मुंबई और आसपास के इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आती हैं, जबकि शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इसके बावजूद सड़कों और हाईवे पर पानी भर जाना बताता है कि निकासी तंत्र भारी बारिश का दबाव झेलने में नाकाम साबित होता है। यही वजह है कि मुंबई-पुणे जैसे बड़े एक्सप्रेसवे पर भी पानी जमा होने से गाड़ियां रेंगने को मजबूर हो जाती हैं। मुंबई से गुजरात और मध्य प्रदेश तक बारिश का कहर सिर्फ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ही नहीं, बारिश का असर मुंबई से लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश तक देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में सड़कों पर सैलाब जैसे हालात बन गए हैं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। खबरों के मुताबिक कई शहरों से जलभराव और भूस्खलन की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनसे मॉनसून की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसका आप पर असर • भारत में: मॉनसून सीजन में बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे भी भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए लंबी दूरी की यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें। • मुंबई-पुणे में: एक्सप्रेसवे पर जलभराव और कर्जत-लोणावला घाट सेक्शन में ट्रेनों के रद्द व डायवर्ट होने से मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों को सड़क और रेल दोनों रास्तों पर देरी झेलनी पड़ सकती है, इसलिए वैकल्पिक समय या रूट पहले से तय कर लें। सवाल-जवाब 1. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हालात इतने खराब क्यों हुए? लगातार मूसलाधार बारिश से सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे वाहन रेंगते नजर आए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। 2. मावल में क्या हुआ है? मावल में भूस्खलन के बाद एक परिवार के लापता होने की खबर है और उसे सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 3. क्या ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं? हां, कर्जत-लोणावला घाट सेक्शन में भूस्खलन के चलते कई ट्रेनें रद्द की गईं और कुछ को दूसरे रूट पर डायवर्ट किया गया। 4. मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट क्या है और उस पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? यह ₹6,695 करोड़ की लागत वाला प्रोजेक्ट है जो 1 मई को शुरू हुआ था, लेकिन पहली ही भारी बारिश में इसी हिस्से में भूस्खलन होने से इसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। 5. क्या सिर्फ मुंबई-पुणे में ही बारिश का असर है? नहीं, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में भी भारी बारिश से जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। 6. क्या प्रशासन ने लोगों को कोई सलाह दी है? हां, प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। https://trendkia.com/national/mumbai-pune-expressway-para-barha-jaise-halata-bhuskhalana-ne-roki-trenen-thama-gaya-traiphika-5246 TrendKia — Har trend, sabse pehle.