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  "title": "मूसलाधार बारिश और कांवड़ यात्रा का डबल असर, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के अनेक जनपदों में शिक्षण संस्थान बंद",
  "summary": "उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रयागराज, चमोली, बागेश्वर समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में जलभराव तथा कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टियों का आदेश दिया गया है।",
  "content": "पहाड़ी अंचलों से लेकर मैदानी भूभाग तक काले बादलों के डेरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तमाम इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण मुख्य मार्गों पर जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। सड़कों पर उभरे जलजमाव और मौसम के अचानक खराब हुए रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड के चमोली एवं बागेश्वर तथा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, गाजियाबाद सहित कई जनपदों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।\n\nउत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में ऑरेंज अलर्ट, चमोली और बागेश्वर में 12वीं तक छुट्टियां\nउत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आफत की बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य की राजधानी देहरादून सहित चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इसके अलावा प्रदेश के शेष सभी जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी रखा गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी है कि मूसलाधार बारिश के संभावित खतरों और भूस्खलन की आशंकाओं के मद्देनजर चमोली और बागेश्वर में 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक अधिकारियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।\n\nप्रयागराज में 72 घंटे से जारी बारिश, सड़कें जलमग्न और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू\nउत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में पिछले 72 घंटों से लगातार रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। इस अनवरत वर्षा के कारण शहर की गलियों, मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर भारी पानी जमा हो गया है, जिससे आम लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दुभर हो गया है। सड़कों पर जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार ने जिले के सभी सरकारी बेसिक स्कूलों में तत्काल प्रभाव से अवकाश की घोषणा कर दी है। वहीं विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज के कई बड़े निजी विद्यालयों ने प्रत्यक्ष कक्षाएं बंद करके ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई शुरू करा दी है या पूर्ण अवकाश दे दिया है।\n\nसचेत ऐप से आपात चेतावनी, इन 7 जिलों में भारी बारिश की आशंका\nउत्तर प्रदेश राज्य प्रशासन ने सचेत ऐप के माध्यम से नागरिकों को सतर्क रहने का आधिकारिक संदेश भेजा है। मौसम चेतावनी के अनुसार प्रयागराज और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, बिजली चमकने और अत्यधिक तेज बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रयागराज के अतिरिक्त भदोही, कौशांबी, चित्रकूट, जौनपुर, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ जिलों के लिए भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।\n\nकांवड़ यात्रा और बारिश का मिला-जुला असर, पश्चिमी यूपी में लंबे अवकाश\nउत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मानसून की बारिश के साथ-साथ वार्षिक कांवड़ यात्रा के मार्ग प्रबंधन को देखते हुए स्कूलों में लंबी छुट्टियों की व्यवस्था की गई है। शिवभक्त कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही और भारी ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए मेरठ में 3 अगस्त से 10 अगस्त तक, गाजियाबाद में 4 अगस्त से 12 अगस्त तक और मुजफ्फरनगर में 3 अगस्त से 10 अगस्त तक सभी स्कूल पूरी तरह बंद रखने का आदेश पारित किया गया है। इसके अलावा Bareilly जनपद में पवित्र सावन माह के प्रत्येक सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की व्यवस्था बनाई गई है। मौसम के मिजाज और सड़कों पर उमड़े जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही यात्रा करें और अनावश्यक आवाजाही से बचें।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मानसून की भारी बारिश से यात्रा और परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए यात्रियों को मौसम अपडेट देखकर ही निकलने की सलाह दी जाती है।\n\nउत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में: बारिश और जलभराव के चलते छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद रहेंगे, तथा अभिभावक ऑनलाइन कक्षाओं की जानकारी के लिए अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश की वजह से 12वीं तक के स्कूल बंद किए गए हैं?\nमौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए चमोली और बागेश्वर जिलों में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद रखे गए हैं।\n\n2. उत्तर प्रदेश के किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है?\nमौसम विभाग ने प्रयागराज, भदोही, कौशांबी, चित्रकूट, जौनपुर, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।\n\n3. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद में स्कूल कब से कब तक बंद हैं?\nकांवड़ यात्रा और बारिश के कारण मेरठ में 3 से 10 अगस्त तक तथा गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक स्कूल बंद रखे गए हैं।\n\n4. प्रयागराज में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर बीएसए ने क्या फैसला लिया है?\nप्रयागराज में 72 घंटों से जारी बारिश के बाद बीएसए अनिल कुमार ने सरकारी बेसिक स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है, जबकि निजी स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की है।\n\n5. मुजफ्फरनगर और बरेली में स्कूलों में छुट्टियों का क्या शेड्यूल है?\nमुजफ्फरनगर में 3 से 10 अगस्त तक स्कूल बंद हैं, जबकि बरेली में सावन माह के प्रत्येक सोमवार को स्कूल बंद रखने का नियम बनाया गया है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-08-06",
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