नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर भाजपा का सेवा संकल्प अभियान, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा विशेष राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में एक महीने का सेवा संकल्प अभियान चलाएगी। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण के योगदान को समर्पित रहेगा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में 'सेवा संकल्प अभियान' की आधिकारिक घोषणा की है। यह विशेष राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री के रूप में और उससे पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में उनके जनसेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को रेखांकित करने के उद्देश्य से भाजपा द्वारा 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। उस दिन से लेकर आज तक उन्होंने लगातार 'जनसेवा से राष्ट्रसेवा' के मूल मंत्र को अपने जीवन का आधार बनाकर देश और समाज की प्रगति के लिए काम किया है। अभियान की मुख्य तारीखें और जनसेवा का संकल्प संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के इस लंबे सफर को निरंतर संकल्प और समर्पण के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने पहले ही दिन से जनसेवा को अपना प्राथमिक ध्येय माना और जितने भी लक्ष्य तय किए, उन्हें पूरी निष्ठा के साथ सिद्धि तक पहुंचाने का प्रयास किया। आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है, जिसे पार्टी हर साल 'सेवा दिवस' के रूप में मनाती आई है। इसी क्रम में इस बार 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने का 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी देश के हर कोने में जाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधान सेवक तक का 25 साल का सफर नितिन नवीन ने कहा कि नरेंद्र मोदी की यह पूरी यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपना सार्वजनिक जीवन एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया था। सांगठनिक जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निभाने के बाद वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने और आज देश के 'प्रधान सेवक' के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी स्पष्ट सोच, अटूट दृढ़ संकल्प और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की निरंतर तड़प ने इस 25 साल की यात्रा को एक नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में गुजरात की कमान संभालने के बाद से लेकर वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बनने तक और उसके बाद के वर्षों में भी उनका हर एक निर्णय देशवासियों के कल्याण को समर्पित रहा है। 'फ्रैजाइल फाइव' से दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने का आर्थिक बदलाव देश के आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभाली थी, तब भारत में चौतरफा निराशा और नीतिगत अपाहिजपन का माहौल था। उस समय दुनिया के बड़े आर्थिक मंचों पर भारतीय अर्थव्यवस्था की गिनती 'फ्रैजाइल फाइव' यानी दुनिया की पांच सबसे कमजोर और संकटग्रस्त अर्थव्यवस्थाओं में की जाती थी। निवेशक भारत में पूंजी लगाने से हिचकिचाते थे और देश में विकास की गति मंद पड़ चुकी थी। हालांकि, पिछले 25 वर्षों की सोच और 2014 के बाद लागू की गई दूरदर्शी नीतियों के बल पर आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का मान, सम्मान और साख अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और बुनियादी ढांचा विकास नितिन नवीन ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने आधुनिक विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक पहचान को भी फिर से समृद्ध किया है। सरकार ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, पुनर्स्थापित करने और उन्हें नए सिरे से विकसित करने का ऐतिहासिक काम किया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का कायाकल्प, गुजरात में सोमनाथ मंदिर परिसर का पुनर्विकास और उज्जैन में भव्य महाकाल कॉरिडोर का निर्माण इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन पहलों ने न केवल देश की सांस्कृतिक चेतना को जगाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। गुजरात मॉडल, जल प्रबंधन और निवेश के नए आयाम प्रधानमंत्री के गुजरात कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए नितिन नवीन ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने नर्मदा परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के जरिए सुदूर ग्रामीण इलाकों और सूखे की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों तक पीने का पानी पहुंचाया। जल संरक्षण और नदी जोड़ो अभियानों के माध्यम से उन्होंने गुजरात के कृषि क्षेत्र को नया जीवन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने 'वाइब्रेंट गुजरात' शिखर सम्मेलन की शुरुआत की, जिसने राज्य को औद्योगिक विकास, नवाचार और विदेशी निवेश के एक बड़े वैश्विक केंद्र में तब्दील कर दिया। गुजरात का यह समग्र विकास मॉडल इतना सफल और अनुकरणीय साबित हुआ कि देश के अन्य राज्यों ने भी इसे अपने यहाँ लागू करने की इच्छा जताई और केंद्रीय स्तर पर भी इसी सोच को आगे बढ़ाया गया। युवा सशक्तिकरण: स्टार्टअप, खेल और 'जॉब गिवर' संस्कृति भाजपा अध्यक्ष ने युवाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश का युवा वर्ग अवसर न मिलने और अनिश्चितता के कारण हताश था। परंतु 2014 के बाद देश में उम्मीद और नई संभावनाओं का वातावरण बना। भारत आज दुनिया के शीर्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले देशों में शामिल हो चुका है, जहां सैकड़ों यूनिकॉर्न कंपनियां देश के युवाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं। भारतीय युवा अब केवल नौकरी मांगने वाले नहीं रहे, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार देने वाले बन चुके हैं। इसके अतिरिक्त खेल के क्षेत्र में 'खेलो इंडिया' और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए 'फिट इंडिया' जैसे राष्ट्रव्यापी अभियानों ने युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में भारत का परचम लहरा रहा है। महिला-नेतृत्व आधारित विकास और राजनीतिक प्रतिनिधित्व नितिन नवीन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को केंद्र में रखते हुए 'महिला-नेतृत्व आधारित विकास' की अवधारणा को साकार किया है। सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से लेकर 'लखपति दीदी' जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए करोड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। इसके अलावा, ऐतिहासिक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित कराकर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नीति निर्धारण की प्रक्रिया में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। 'भारत का पहला गांव': सीमावर्ती क्षेत्रों की बदली तस्वीर सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार के दृष्टिकोण में आए बुनियादी बदलाव पर प्रकाश डालते हुए नितिन नवीन ने बताया कि पहले की सरकारों में सीमा पर स्थित गांवों को देश का 'आखिरी गांव' मानकर उपेक्षित छोड़ दिया जाता था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस पुरानी सोच को बदलते हुए उन गांवों को 'भारत का पहला गांव' का दर्जा दिया। इस वैचारिक परिवर्तन से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, बिजली, संचार और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आया। इससे इन दूरदराज के समुदायों के प्रति देश के आम नागरिकों के दृष्टिकोण में भी गहरा बदलाव आया है। सेवा दिवस और कार्यकर्ताओं के नाम भाजपा का संदेश भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस महीने भर के 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनकी सेवा भावना, विकास कार्यों और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। इसे केवल राजनीतिक सफलताओं के पैमाने पर नहीं, बल्कि समाज सेवा और देश की अखंडता के प्रति अटूट समर्पण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का आह्वान किया कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनसेवा का संदेश पहुँचाने में अपना योगदान दें। इसका आप पर असर भाजपा द्वारा घोषित 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए देश और राज्यों के स्तर पर जनसेवा योजनाओं का विस्तार होगा। • भारत में: केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे लखपति दीदी, स्टार्टअप इंडिया और खेलो इंडिया का प्रसार पूरे देश में तेज होगा। आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं से जुड़ने और उनके लाभ प्राप्त करने का सीधा अवसर मिलेगा। • गुजरात में: वाइब्रेंट गुजरात और नर्मदा परियोजना जैसे विकास मॉडलों के अनुभवों का पुनः स्मरण होगा, जिससे क्षेत्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। • सीमावर्ती क्षेत्रों में: 'भारत का पहला गांव' पहल के तहत सीमावर्ती इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और दूरसंचार सेवाओं के बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार होगा। • महिलाओं के लिए: नारी शक्ति वंदन अधिनियम और आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की नीति निर्धारण और रोजगार में भागीदारी बढ़ेगी। ऐसा क्यों हुआ यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक सेवा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। • 25 साल का मील का पत्थर: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, और 7 अक्टूबर 2026 को उनके जनसेवा के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। • सेवा दिवस की परंपरा: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन को भाजपा प्रतिवर्ष 'सेवा दिवस' के रूप में मनाती है, जिसे इस वर्ष महीने भर के राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप दिया गया है। • उपलब्धियों का प्रदर्शन: पार्टी का उद्देश्य 2014 के बाद आर्थिक सुधारों, सांस्कृतिक जीर्णोद्धार, युवा सशक्तिकरण और महिला विकास के क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक बदलावों को जनता तक पहुँचाना है। सवाल-जवाब 1. सेवा संकल्प अभियान की घोषणा किसने और कहाँ की? इस अभियान की घोषणा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान की। 2. यह विशेष अभियान कब से कब तक चलाया जाएगा? यह अभियान 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने चलेगा। 3. यह अभियान किस अवसर पर आयोजित किया जा रहा है? यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। 4. नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा जीवन की शुरुआत कब हुई थी? उनकी सार्वजनिक सेवा यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ हुई थी। 5. संवाददाता सम्मेलन में किन सांस्कृतिक परियोजनाओं का उल्लेख किया गया? इसमें अयोध्या के राम मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गुजरात के सोमनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर के जीर्णोद्धार का उल्लेख किया गया। 6. सीमावर्ती गांवों को लेकर सरकार की सोच में क्या बदलाव आया है? सरकार ने सीमावर्ती गांवों को 'आखिरी गांव' कहने की पुरानी सोच को बदलकर उन्हें 'भारत का पहला गांव' का दर्जा दिया है। प्रेरणा और सबक नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा से मिलने वाली मुख्य प्रेरणाएँ और व्यावहारिक सीख: • अडिग ध्येय और निरंतरता: एक सामान्य कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने के सफर में स्पष्ट दृष्टिकोण और दीर्घकालिक संकल्प सबसे महत्वपूर्ण आधार रहे हैं। • संकट को अवसर में बदलना: आर्थिक अपाहिजपन और निराशा के दौर में 'फ्रैजाइल फाइव' अर्थव्यवस्था को विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में तब्दील करना दूरदर्शी सोच का प्रमाण है। • सकारात्मक दृष्टिकोण का निर्माण: सीमावर्ती गांवों को 'आखिरी गांव' के बजाय 'पहला गांव' का दर्जा देकर समाज की सोच में परिवर्तन लाना नेतृत्व की बड़ी सीख है। • सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता: युवाओं को 'जॉब सीकर' से 'जॉब गिवर' बनाने की सोच यह सिखाती है कि स्थायी प्रगति आत्मनिर्भरता से ही संभव है। https://trendkia.com/national/narendra-modi-ke-25-sala-ke-sarvajanika-jivana-para-bjp-ka-sewa-sankalp-abhiyan-17-sitnbara-se-17-aktubara-taka-chalega-vishesha-r-30155 TrendKia — Har trend, sabse pehle.